Sanjana Kirodiwal
Main Teri Heer Season 4

Main Teri Heer Season 4 – 87

by Story With Sanjana March 8, 2025
written by Story With Sanjana March 8, 2025 3 comments
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Main Teri Heer Season 4 – 87

Main Teri Heer
Main Teri Heer – Season 4

दरवाजे पर खड़े शख्स को देखकर DIG के होंठो पर मुस्कान तैर गयी और मुरारी हैरान रह गया। सामने खड़ा शख्स कोई और नहीं बल्कि DCP शक्ति था। DIG को लगा शक्ति यहाँ उसे बचाने आया है उसने मुरारी को साइड किया और कहा,”DCP शक्ति !

अच्छा हुआ तुम आ गए , जिस केस के लिए तुम इन्वेस्टीगेट कर रहे थे ये आदमी भी उसी से जुड़ा है और यहाँ मुझे धमकाने आया था कि मैं इसे बचा लू,,,,,,,,,,,,,मैं तुम्हे आर्डर देता हूँ शक्ति गिरफ्तार कर लो इसे,,,,,,,,,,!!”
शक्ति DIG सर के पास आया और उनके हाथ में हथकड़ी पहनाने लगा। DIG ने देखा तो हैरानी से कहा,”ये तुम क्या कर रहे हो शक्ति ? तुम क्या पागल हो गए हो ?”


“नहीं सर ! पागल तो हम अब तक थे पर आज होश में आये है,,,,,,,,,,,ये जो सब हो रहा है उसमे असली गुनहगार आप है। कानून लोगो की मदद करने के लिए और बुराई को रोकने के लिए बना है लेकिन आपने तो इस कानून को सिर्फ अपनी जेबे भरने और बुराई को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया। “विराज चौहान” को इस शहर में मनमानी करने की मंजूरी आपने दी , क्या आप जानते है आपके थोड़े से लालच ने कितने ही लोगो की जान ले ली

, कितने यंगस्टर की जिंदगी बर्बाद कर दी और कितने हो लोगो को इस नशे का आदी बना दिया है,,,,,,,,,,,!!”,शक्ति ने गुस्से से धीमे स्वर में कहा
“ओह्ह्ह शक्ति तुम्हे इन सब की इतनी परवाह क्यों है ? दुनिया में आये दिन लाखो लोग मरते है कुछ अगर ड्रग्स की वजह से मरते है तो क्या हो गया ?

तुम ये सब के बारे में ज्यादा मत सोचो,,,,,,,,,,,,,ये हथकड़ी खोलो और इस बात को यही खत्म करो मैं वादा करता हूँ तुम्हारा प्रमोशन कर दूंगा और विराज से कहकर तुम्हे अच्छा पैसा दिलवा दूंगा,,,,,,,,ऐसे पैसे कमाने का मौका बार बार नहीं मिलता है शक्ति,,,,,,,,,,,मोके का फायदा उठाओ”,DIG सर ने कहा


शक्ति ने एक नजर उन्हें देखा और कहा,”वैसे ही जैसे इंस्पेक्टर पंकज ने अपना फर्ज भूलकर पैसो को चुन लिया,,,,,,,,,,,,;पर हम पैसो के लिए अपना जमीर बेचने वालो में से नहीं है सर,,,,,,,,,,,,,,,,जो घिनोना खेल विराज चौहान ने खेला है उसे हम ख़त्म करके रहेंगे,,,,,,,,,!!”
“अबे खड़े खड़े का डायलॉग बाजी कर रहे हो तुमहू शक्ति , दुई कान के नीचे रखो अभी तोते की तरह सच्चाई बोल पडेगा,,,,,,,,,,!!”,कहते हुए मुरारी ने शक्ति


के जवाब का इंतजार ही नहीं किया और DIG पर हाथ साफ कर दिया।
शक्ति ने मुरारी को DIG से दूर करते हुए कहा,”मुरारी चाचा रुक जाईये , कानून को अपने हाथ में मत लीजिये,,,,,,,,,,,,,,!!”


“अरे शक्ति जे लातों के भूत है बातों से नहीं मानेंगे , ए DIG जे पकड़ो फोन और बुलाओ उह चौहान को हिया , हमहू भी तो देखे जे शहर मा हमसे बड़ा गुंडा कौन आ गवा ? बुलाओ ओह्ह का ज़रा,,,,,,,,,,,!!”,मुरारी ने DIG सर की गर्दन पकड़कर कहा
शक्ति मुरारी के सामने बेबस था , एक तो मुरारी उसका रिश्तेदार और उस पर मुरारी का नाम भी उन लोगो में शामिल था हालाँकि मुरारी को बस इन सब में जान बूझकर फंसाया गया था।  


DIG फंस चुका था। शक्ति के पास उसके खिलाफ सबूत थे तो वही मुरारी को उस पर गुस्सा था। उनसे चौहान को फोन लगाया और घर आने को कहा। मुरारी की मार से DIG सर जख्मी हो चुके थे इसलिए वे जमीन पर गिरकर सुस्ताने लगे। शक्ति मुरारी को कुछ बताना चाहता था लेकिन मुरारी को गुस्से में देखकर उसने इस वक्त चुप रहना ही ठीक समझा।

मुन्ना अपनी बाइक लेकर वापस घर की तरफ जाने लगा रास्ते में उसे उर्वशी का ख्याल आया और उसे याद आया कि वह उर्वशी के पार्थिव शरीर को हॉस्पिटल में अकेले ही छोड़ आया था। मुन्ना ने बाइक हॉस्पिटल जाने वाले रास्ते की तरफ बढ़ा दी। कुछ वक्त बाद मुन्ना हॉस्पिटल पहुंचा उसने पूछ-ताछ की तो पता चला कि उर्वशी का शव हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा हुआ है। उसके परिवार की शिनाख्त नहीं हुई है इसलिए उसका शव उसे नहीं दिया जा सकता।

मुन्ना मोर्चरी की तरफ जाने लगा तो सामने से आते यादव जी से टकरा गया और उनके हाथो में पकड़ी दोनों फाइल नीचे जा गिरी। यादव जी के साथ मुन्ना उन फाइल को उठाने नीचे झुका और फाइल उठाकर यादव जी की तरफ बढ़ा दी। मुन्ना पहले उनसे नहीं मिला था इसलिए वह उन्हें नहीं जानता था लेकिन यादव ने जैसे ही मुन्ना को देखा हैरानी से उसकी आँखे फ़ैल गयी और उसने कहा,”तुम यहाँ ?”


“क्या आप हमे जानते है ?”,मुन्ना ने पूछा
यादव जी ने मुन्ना की बाँह पकड़ी और उसे साइड में लाकर कहा,”हाँ मैं तुम्हे जानता हूँ”
कहकर यादव जी ने मुन्ना को सारी सच्चाई बता दी और कहा,”उर्वशी अब इस दुनिया में नहीं रही लेकिन उसकी बेटी नीलिमा अभी ज़िंदा है और वह घायल है,,,,,,,,,,,,उसी के इलाज के लिए मैं यहाँ आया हूँ लेकिन वो लोग कभी भी यहाँ पहुँच सकते है,,,,,,,,,,,,!!”


यादव जी की आँखों में डर के भाव देखकर मुन्ना ने कहा,”कौन लोग ?”
“विराज चौहान और उसके आदमी , उस ने उर्वशी को मार दिया और अब वो कबीर और नीलिमा के पीछे पड़ा है। जो लोग उसके बारे में जानते है वह उन सबको अपने रास्ते से हटा देता है,,,,,,,,,,,,,,कबीर और नीलिमा के बाद उसका अगला निशाना तुम्हारे पिता “मुरारी मिश्रा” है,,,,,,,,,,!!”,यादव जी ने घबराये हुए स्वर में कहा


मुन्ना ने सुना तो यादव जी की कॉलर पकड़ ली और गुस्से से कहा,”ये क्या बकवास है ?”
“मैं बकवास नहीं कर रहा ये सच है , तुम्हारे पिता अकेले उस से मिलने गए है,,,,,,,,,,,,,!!”,यादव ने घबराये हुए स्वर में कहा

मुन्ना ने कुछ नहीं कहा और चुपचाप वहा से जाने का नाटक किया। यादव जी दवा लेने मेडिकल की तरफ चले गए और मौका देखकर मुन्ना उस तरफ चला गया जिस तरफ कबीर और नीलिमा का इलाज चल रहा था। मुन्ना कमरे में आया और देखा बिस्तर पर कबीर लेटा हुआ है ,उसके सर और हाथ पर पट्टिया बंधी थी। मुन्ना उसके पास आया और उसे उठाते हुए कहा,”ए उठो और हमारे साथ चलो,,,,,,,,,,,,,!!”


“ये तुम क्या कर रहे हो तुम देख रहे हो वो चलने की हालत में नहीं है,,,,,,,,,,,,उसे चोट लगी है”,दूसरे बिस्तर पर बैठी नीलिमा ने मुन्ना से कहा
“अगर ये हमारे साथ नहीं गया तो सब बर्बाद हो जाएगा,,,,,,,,,!!”,मुन्ना ने गुस्से से कहा
कबीर ने एक नजर नीलिमा को देखा और फिर बिस्तर से उठकर मुन्ना से कहा,”तुम मुरारी मिश्रा के बेटे हो ?”


“हाँ लेकिन तुम उन्हें कैसे जानते हो ?”,मुन्ना ने हैरानी से पूछा
“क्योकि उनका एक अहसान है मुझपर,,,,,,,,,,,,,,,!!”,कबीर ने नीचे उतरकर अपने चप्पल पहनते हुए कहा
“हम कुछ समझे नहीं,,,,,,,,,,,,,!!”मुन्ना ने कहा क्योकि कबीर का उसके पापा से क्या रिश्ता हो सकता है मुन्ना समझ नहीं पा रहा था।


“ये वक्त ये सब जानने का नहीं है , हमे सबसे पहले “विक्रम अरोरा” को रोकना होगा वह आज 11 बजे की फ्लाइट से इंडिआ से बाहर जा रहा है।”,कबीर ने मुन्ना के सामने आकर कहा
“विक्रम अरोरा ? ये कौन है ?”,मुन्ना ने पूछा
कबीर ने मुन्ना की आँखों में देखा और कहा,”तुम्हारी आखरी मंजिल वही है मानवेन्द्र मिश्रा , वो ये शहर छोड़े इस से पहले हमे उसे रोकना होगा”


 मुन्ना ने हामी में सर हिलाया और कबीर के साथ कमरे से बाहर निकल गया
“कबीर कबीर रुक जाओ , कबीर मेरी बात सुनो,,,,,,,,,,,,,!!”,पीछे से नीलिमा ने आवाज दी लेकिन कबीर ने नहीं सुना और वहा से चला गया। नीलिमा के हाथ में ड्रिप लगी थी इसलिए वह नहीं जा पायी। यादव दवा लेकर कमरे में आया उसने देखा कबीर वहा नहीं है तो उसने घबराकर नीलिमा से कहा,”कबीर कहा है ?”


“वो अभी अभी एक लड़के के साथ यहाँ से चला गया,,,,,,,,,,,,,,!!”,नीलिमा ने घबराहतभरे स्वर में कहा
“तुमने उसे जाने क्यों दिया ? ये जरूर चौहान की कोई नयी चाल है कही कबीर किसी मुसीबत में ना फंस जाये,,,,,,,,,,,!!”,यादव ने परेशान होकर कहा


 “कबीर उस लड़के के साथ अपने घर गया है अपने पापा को रोकने,,,,,,,,,,,मुझे बहुत डर लग रहा है अंकल,,,,,,,उसे बचा लीजिये , मैंने माँ को तो खो दिया पर मैं अब उसे नहीं खोना चाहती”,कहते हुए नीलिमा फफक कर रो पड़ी।
“यादव हमारी डॉक्टर से बात हो चुकी है उन्होंने हमे उर्वशी का शव ले जाने की परमिशन दे दी है , पोस्टमार्टम के बाद हम उसके शव को ले जा सकते है,,,,,,,,,,,,,!!”,शिवम् ने कमरे में आते हुए कहा लेकिन जब उसने नीलिमा को रोते और यादव् को परेशान देखा तो कहा,”क्या हुआ तुम इतना परेशान क्यों हो और कबीर कहा है ?”


यादव ने शिवम् को सब बात बता दी शिवम् के चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई देने लगे,,,,,,,,,,,,,,,,!!

मुरारी और शक्ति DIG के साथ उसके घर पर चौहान का इंतजार करने लगे लेकिन चौहान वहा नहीं आया। कुछ देर बाद ही पुलिस की गाड़ी का सायरन बजा और इंस्पेक्टर पंकज कुछ पुलिसवालों के साथ अंदर आया। पंकज को वहा देखकर DIG सर के होंठो पर मुस्कान तैर गयी और आँखे चमक उठी। हालाँकि उनके दोनों हाथो में हथकडिया थी लेकिन फिर भी उन्होंने उठते हुए पंकज से कहा,”सही वक्त पर आये हो पंकज , गिरफ्तार कर लो इन दोनों को ये मेरा आर्डर है,,,,,,,,,,,,!!”


पंकज DIG सर के पास आया और खींचकर एक थप्पड़ उनके गाल पर रसीद कर दिया। DIG में बदहवास सी हालत में पंकज को देखा और कहा,”तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या ? तुम जानते हो ना मैं कौन हूँ ? मुझ पर हाथ उठाने के लिए मैं तुम्हे सस्पेंड भी कर सकता हूँ,,,,,,,,,,,,!!”
“अबे चुप ! बहुत सुन लिया मैंने और बहुत कर ली तेरी गुलामी , सस्पेंड करना है ना तो जा कर दे,,,,,,,,,,,,,लेकिन आज मैं सिर्फ सच का साथ दूंगा,,,,,,,,,!!”,पंकज ने गुस्से से कहा


“तुम पागल हो गए हो पंकज , तुम भी इस शक्ति से मिल गए हो,,,,,,,,,,,,!!”,DIG गुस्से से चिल्लाया
पंकज ने DIG सर को देखा और कहा,”मिल गया हूँ अरे मैं शुरू से इनके साथ हूँ , गेम तो मैं तुम लोगो के साथ खेल रहा था,,,,,,,,,,,!!”
कहकर पंकज शक्ति के सामने आया और सैल्यूट करते हुए कहा,”जय हिन्द सर,,,,,,,,!!”
“थैंक्यू पंकज ! अगर तुमने सही वक्त पर हमारा साथ नहीं दिया होता तो हम इन सब तक कभी पहुँच ही नहीं पाते,,,,,,,,,,,,!!”,शक्ति ने कहा


“सर इन लोगो का काला सच तो सबके सामने आना ही था लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि हमारे अपने ही डिपार्मेंट में ऐसे लोग थे जो दीमक की तरह सिस्टम को खोखला कर रहे थे,,,,,,,,,,,,ऐसे लोगो का तो ऑन द स्पॉट इनकाउंटर कर देना चाहिए”,पंकज ने DIG सर की तरफ बन्दुक तानकर कहा


“नहीं पंकज कानून को अपने हाथ में मत लो,,,,,,,,,,,,,इसे सजा कानून देगा , तुम इस पते पर जाओ और विराज चौहान के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करो , वो  इस शहर से बाहर नहीं जाना चाहिए,,,,,,,,,,,,!!”,शक्ति ने कहा
“ठीक है सर,,,,,,,,,,,!!”,पंकज ने कहा और पुलिसवालों को साथ लेकर वहा से चला गया


शक्ति DIG सर के पास आया और गंभीरता से कहा,”जिस चौहान के लिए आपने अपना ईमान बेच दिया वो चौहान आपको बचाने आया ही नहीं , क्या अब भी आप उसके लिए ईमानदारी दिखाना पसंद करेंगे ? आपने जो किया है उसके लिए कानून आपको माफ़ नहीं करेगा , आपकी नौकरी तो जाएगी ही साथ ही इस शहर में आपकी इज्जत की धज्जिया भी उड़ जाएगी और हो सकता है आपको सजा भी हो,,,,,,,,,,,,,,,,,,लेकिन हम आपको इन सब से बचा सकते है।”


शक्ति की बात सुनकर DIG सर ने उसकी तरफ देखा तो शक्ति ने उनकी आँखों में देखकर कहा,”सरकारी गवाह बन जाईये और विराज चौहान के खिलाफ गवाही दे दीजिये कानून से आपको हम बचा लेंगे”
शक्ति की बात सुनकर DIG सर सोच में पड़ गए। उनके एक तरफ कुआ और दूसरी तरफ खाई थी। कुछ देर खामोश रहने के बाद DIG सर ने धीरे से हामी में अपना सर हिला दिया

“शालू जल्दी करो हमे देर हो जाएगी,,,,,,,,,,,,ये क्या तुम अभी तक तैयार नहीं हुई ? मैंने तुम से कल रात ही कहा था कि हम एक हफ्ते के लिए बाहर घूमने जा रहे है।”,विक्रम ने कमरे में आते हुए कहा।
“विक्रम कबीर कल से घर नहीं आया है , ना उसका फोन लग रहा है। मैंने नीलिमा को भी फोन किया लेकिन उसका फोन भी बंद आ रहा है। मुझे बहुत घबराहट हो रही है विक्रम कही कबीर को कुछ हो तो नहीं गया ?”,शालू ने परेशानी भरे स्वर में कहा


“कैसी बाते कर रही हो शालू ? हो सकता है वो अपने किसी दोस्त के घर हो ,, तुम खामखा परेशान हो रही हो वो घर आ जायेगा”,विक्रम ने कहा
शालू  विक्रम के पास आयी और कहा,”नहीं विक्रम पिछले कितने दिनों से वह अपने दोस्तों से मिला तक नहीं है , मुझे लग रहा है वो किसी बड़ी मुसीबत में है , हमे हमे पुलिस के पास जाना चाहिए,,,,,,,,,,,,!!”


“कबीर कबीर कबीर , आखिर ये हमारी जिंदगी से कब जाएगा ? तुम्हारी मज़बूरी समझ कर मैंने तुम से शादी की और तुम्हारे साथ तुम्हारे उस बेटे को अपनाया लेकिन तुमने मुझसे ज्यादा अहमियत मेरे उस सौतेले बेटे को दी। वो बच्चा नहीं है शालू जो उसके घर ना आने से तुम इतना परेशान हो रही हो,,,,,,,,,,,,,,तुम कही जाने लायक हो ही नहीं , रहो तुम अपने उस बेटे के मोह में,,,,,,,,,,,,,!!”,विक्रम ने गुस्से से कहा और कमरे से बाहर चला गया


शालू उसे रोकने उसके पीछे आयी लेकिन विक्रम तेजी से सीढिया उतरते हुए नीचे हॉल में चला आया। शालू सीढ़ियों पर ही रुक गयी उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।

हॉल में खड़े विक्रम ने अपने जेब से फोन निकाला और DIG का नंबर डॉयल किया लेकिन फोन बंद था। उसने चौहान का नंबर मिलाया लेकिन वह भी नहीं लगा झुंझलाकर विक्रम ने अपना हाथ झटका और जैसे ही वहा से जाने लगा सामने से आते शक्ति को देखकर उसके कदम ठहर गए।
“तुम यहाँ क्या कर रहे हो ?”,विक्रम ने दाँत पीसते हुए शक्ति से पूछा


शक्ति ने कुछ नहीं कहा बस अपने फोन में एक विडिओ चलाकर विक्रम के सामने कर दिया। ये वीडियो बीती रात का था जब विक्रम चौहान और DIG सर के साथ रिसोर्ट के कमरे में बैठा था।
विक्रम ने शक्ति को देखा और कहा,”ये सब क्या है ?”
शक्ति मुस्कुराया और कहा,”तुम्हारा खेल खत्म हुआ विक्रम अरोरा , ड्रग्स सप्लाई के केस में हम तुम्हे गिरफ्तार करते है”


विक्रम हसने लगा और कहा,”हाहाहाहा तुम्हे लगता है तुम एक विडिओ दिखाओगे और मैं डर जाऊंगा,,,,,,,,,,,मेरे खिलाफ पुख्ता सबूत कहा है DCP ?”
शक्ति ने पलटकर दरवाजे की तरफ देखा और तेज आवाज में कहा,”DIG,,,,,,,,,!!”


शक्ति के मुंह से DIG का नाम सुनकर विक्रम के होंठो से मुस्कान गायब हो गयी , और जैसे ही उसने DIG को अंदर आते देखा उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गयी।

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Main Teri Heer – Season 4
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मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

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3 comments

Kshmata March 8, 2025 - 7:42 pm

OMG yeh Shakti to hamari soch se kafi aage nikala… matlb usne Pankaj ko phele se apne sath milaya hua tha…aur DIG ko pakadne k liye sab playing…wha DCP Shakti…idhar Shakti ab Vikram k ghar bhi pahuch gaya hai…gud yr …lakin yeh Munna kabir ko apne sath kaha par lekar gaya hai… umeed hai ki dono safe rhe

Reply
Traptichouhan March 9, 2025 - 10:04 am

Kya baat hai Shakti ♥️♥️❣️❣️❣️♥️♥️♥️♥️♥️
Ab sab guthi suljh si jayegi ♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️
Ya fir bigad jayegi 😞😞
Superb part ♥️♥️♥️♥️❣️❣️

Reply
Shanu singla March 26, 2025 - 11:19 pm

😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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