Sanjana Kirodiwal
Ranjhana

रांझणा – 26 

by Story With Sanjana November 24, 2023
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Ranjhana – 26

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Ranjhana – 26

शिवम् का दिल एक बार फिर टूट चुका था उसे सारिका का सच जानकर बहुत दुःख हुआ की उसने सबसे ये बात छुपाई ! सारिका पर नाराज होकर वह कमरे से बाहर निकल गया ! सारिका की आँखो से आंसू बह निकले उसे नहीं पता था शिवम् इस बात से इतना नाराज हो जाएगा !! मुरारी से देखा नहीं गया तो वह सारिका के पास आया और कहा,”आपने हम सबसे इतनी बड़ी बात काहे छुपाई इह तो हम नहीं जानते पर शिवम् भैया का दिल बहुते दुखा है”

“हमे माफ़ कर दीजिये हम बताने ही वाले थे लेकिन ये सब इस तरह सामने आएगा हम नहीं जानते ! शिवम् जी को हम बिल्कुल हर्ट करना नहीं चाहते थे”,सारिका ने अपने आंसू पोछते हुए कहा

“अरे आप फ़िक्र ना करो उसका दिल मक्खन की तरह है जल्दी ही पिघल जाएगा”,मुरारी ने सारिका से कहा 

“आप तो हमसे नाराज नहीं है ना”,सारिका ने डरते डरते पूछा 

“नाराज होना तो बनता है लेकिन आपसे नाराज होने का मन नहीं करता , आप जाकर आराम कीजिये हम भैया को मनाकर लाते है”,मुरारी कहकर कमरे से बाहर निकल गया ! सारिका उदास चेहरा लिए वापस अपने कमरे में आ गयी तब तक अमित भी नहाकर आ चुका था और शीशे के सामने खड़ा होकर शर्ट पहन रहा था ! सारिका ख़ामोशी से आकर बैठ गयी उसे उदास देखकर अमित ने कहा,”सारिका एवेरीथिंग इज ओके ?

“जी , सब ठीक है”,सारिका ने धीरे से कहा और फिर अंदर ही अंदर कहा,”अब कुछ ठीक नहीं है , अमित”

अमित ने शर्ट पहना और आकर सारिका के बिल्कुल सामने बैठ गया उसने सारिका के हाथो को अपने हाथो में लिया और प्यार से कहा,”तो फिर इतने प्यारे से चेहरे पर उदासी क्यों है ? सारिका मैं जानता हु तुमने जो फैसला लिया है उसे लेकर तुम बहुत परेशान हो पर डोंट वरी बहुत जल्द सब ठीक हो जाएगा इट्स माय प्रॉमिस !!” सारिका ने अमित की आँखों में देखा जिनमे उसे अपने लिए बेइंतहा प्यार नजर आ रहा था ! वो खोई हुई सी अमित की आँखों में देखती रही !  

दूसरी तरफ मुरारी शिवम् को ढूंढते हुए ऊपर छत पर आया ! शिवम् दिवार के पास खड़ा था उसने सिगरेट जलाई और मुंह में रख ली ! सिगरेट से भी ज्यादा आग इस वक्त उसके सीने में थी ! मुरारी उसके पास आया और कहा,”का भैया इह का कर रहे हो तुम ? तुमको मना किये थे ना इह सब पीने से और तुम हो के यहां फेफड़े जलाय रहे हो”

शिवम् ने मुरारी की बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और सिगरेट फूंकता रहा ! 

“अरे हम तुमसे बात कर रहे है , सुनाई नहीं ना दे रहा ?”,मुरारी ने कहा 

“तुमको का मतलब है हम जिए या मरे”,शिवम् ने गुस्से से मुरारी की तरफ देखकर कहा 

“सटाक !!”,मुरारी ने खींचकर एक थप्पड़ शिवम् को मारा शिवम् ने हैरानी से मुरारी की और देखा तो मुरारी ने सिगरेट देने का इशारा किया , शिवम् से सिगरेट लेकर मुरारी ने उसे अपने मुंह में रख लिया और पीने लगा !! 

शिवम् गाल पर हाथ लगाए हैरानी से उसे देख रहा था ! एक दो कश लगा कर मुरारी ने सिगरेट वापस शिवम् की और बढ़ा दी ! 

“अभी तो पीने से रोक रहे थे , अब क्या हुआ ?”,शिवम् ने गुस्से से कहा 

“जब कलेजा जलाना ही है तो अकेले काहे जलाये , तुमरे साथ जलना चाहिए”,मुरारी ने कहा 

शिवम् ने सिगरेट फेंक दी , इसलिए नहीं की मुरारी ने उसे पीने से रोका बल्कि इसलिए की अपने साथ साथ वह मुरारी का कलेजा जलाना नहीं चाहता था ! शिवम् ने हाथ अब भी गाल से लगाया हुआ था ! मुरारी ने देखा तो गाल से उसका हाथ हटाकर गाल को देखते हुए कहा,”का ज्यादा जोर से लगी , अब तुम हमरी बात मान लिए होते तो नहीं होता ना ऐसा ! अच्छा चलो आगे से नहीं होगा ऐसा पर तुमको भी एक्को वादा करना होगा की आगे से खुद को नुकसान पहुंचाने का नहीं सोचोगे “

“नहीं करेंगे”,शिवम् ने कहा 

“अब इह बताओ इतना परेशान काहे हो रहे हो ? , सारिका जी ने सिर्फ एक्को बात छुपाई है हम सबसे पर इसके अलावा उनकी फीलिंग्स तो सच्ची है न ! तुमको एक बार उनकी बात सुन लेनी चाहिए भैया”,मुरारी ने कहा 

“मुरारी क्या सुनते उन्हें किसी और के साथ नहीं देख पा रहे है यार !!”,शिवम् ने तड़पकर कहा 

“अभी वो उनकी हुई नहीं है भैया , और तुम काहे उनको अपने दिल की बात नहीं बताए हो सकता है तुमरी फीलिंग्स जानकर सारिका जी अमित से शादी करने से इंकार कर दे”,मुरारी ने कहा

“नहीं मुरारी अगर सारिका जी के दिल में हमरे लिए प्यार होता तो वो उ अमित से शादी के लिए कभी हाँ ही नहीं करती”,शिवम् ने हताश होकर कहा 

“अरे भैया हो सकता है कोनो ग़लतफ़हमी हो तुमको , और तुम नहीं कह सकते तो हम जाकर बता देते है हमारी बात जरूर समझेंगी उ”,मुरारी ने कहा 

“नहीं मुरारी , तुमको हमरी कसम है तुम उनसे कुछ नहीं कहोगे”,शिवम् ने मुरारी का हाथ अपने सर पर रखकर कहा ! 

“अरे काहे नहीं कहेंगे , तुम दोनों को ऐसे अलग होते नहीं ना देख सकते हम ! हम जाकर उनको बता रहे है बस”,कहकर मुरारी जैसे ही जाने लगा शिवम् ने उसे खींचकर एक थप्पड़ लगा दिया ! मुरारी खामोश हो गया तो शिवम् ने कहा,”तुमको लगता है तुमरे इह सब बताने से सब ठीक हो जायेगा नहीं हॉगा , उल्टा उन्हें बुरा लगेगा !! अमित से शादी करने का फैसला उनका खुद का है उन्होंने कुछ सोचकर ही तो किया होगा !”

“वो सब हम नहीं जानते , बस तुम दोनों एक हो जाओ”,मुरारी ने तड़पड़ते हुए कहा 

‘हम दोनों एक ही तो है मुरारी , वो कही भी रहे हमेशा हमारे दिल में रहेगी”,शिवम् की आँखों में आंसू छलक आये !

“इह कैसा प्यार है भैया ? सच जानते हुए भी तुम खुद को रोके हुए हो , काहे ? काहे खुद को इतना तकलीफ दे रहे हो ?”,मुरारी ने गुस्से से कहा 

“ये प्यार ऐसा ही होता है मुरारी सामने वाले की ख़ुशी से बढकर इसमें कुछ जरुरी नहीं रहता है , किसी को सिर्फ हासिल कर लेना ही प्यार नहीं है , उसकी ख़ुशी के लिए उस से दूर चले जाना भी प्यार ही है ! वो किस्मत वाले होते है जिन्हे अपना प्यार मिल जाता है मुरारी पर उनसे भी ज्यादा किस्मत वाले हम है जिन्हे किसी ने इतना चाहा है”,आँखों में आंसू भरकर शिवम् ने मुस्कुराते हुए कहा !! 

पर मुरारी को शिवम् की आँखों में सिर्फ उसका टुटा हुआ दिल नजर आ रहा था ! उसे शिवम की मुस्कराहट नहीं बल्कि उसमे छिपा दर्द नजर आ रहा था !!

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इंदौर शहर , सुख विलास , सेक्टर 7 -:

सुबह के 9 बज रहे थे ! अम्बिका नौकर से कहकर किचन में बनाया हुआ नाश्ता टेबल पर लगवा रही थी ! अधिराज जी तैयार होकर नाश्ते की टेबल पर आ बैठे थे और अख़बार की सुर्खिया देखने में बिजी थे ! शॉर्ट्स और उस पर ढीली ढाली टीशर्ट पहने अधिराज जी और अम्बिका की छोटी बेटी आई अनामिका शर्मा जिसे प्यार से सब अनु बुलाते है ! आते ही उसने अम्बिका को पीछे से हग करते हुए कहा,”गुड़ मॉर्निंग ममा ! 

और फिर अधिराज जी की तरफ देखकर कहा,”गुड़ मॉर्निंग पापा !

“मॉर्निंग बेटा आओ बैठे नाश्ता करो”,अधिराज जी अख़बार साइड में रखते हुए कहा ! 

अनु आकर कुर्सी पर बैठ गयी अम्बिका ने उसकी प्लेट में नाश्ता परोसते हुए कहा,”कल रात तुम आई और बताया भी नहीं हमे तो सुबह पता चला , दरवाजा भी लॉक था तो फिर अंदर कैसे आई तुम ?”

“पाइप चढ़कर खिड़की से”,अनु ने खाते हुए कहा 

“अनु आपकी हरकतों में अभी भी कोई सुधार नहीं हुआ है आई थिंक”,अधिराज जी ने घूरते हुए कहा 

“जस्ट चिल पापा , मैं सिर्फ आपको और मॉम को डिस्टर्ब नहीं करना चाहती थी इसलिए नहीं बताया ! “,अनु ने बेफिक्री से कहा 

“अच्छा ठीक है अब नाश्ता करो , बाकि बाते बाद मे”,कहकर अम्बिका भी अनु के पास वाली कुर्सी पर बैठकर नाश्ता करने लगी ! नाश्ता करने के बाद अधिराज जी अम्बिका और अनु बाहर गार्डन में आकर बैठ गए ! बातो बातो में अधिराज जी ने कहा,”अनु आपके कॉलेज की डिग्री का क्या हुआ ?

अनामिका की तो साँस ही अटक गयी पर उसने खुद को रिलेक्स करते हुए कहा,”वो पापा दरअसल ऐसा हुआ की ट्रेन से आते वक्त वो कही गिर गयी ! “

अधिराज जी मुस्कुराये और कहा,”हम जानते थे आप ऐसा ही कुछ कहेंगी इसलिए आपके कॉलेजसे  से आपकी ओरिजनल डिग्री हमने पहले ही मंगवा ली थी , आपको जो मिली वो डुप्लीकेट थी ! अनु आपको अपने पापा से इस तरह झूठ नहीं बोलना चाहिए”

“सॉरी पापा”,अनु ने मासूम सा चेहरा बनाकर कहा ! 

“इट्स ओके अगर आपका पढाई में इंट्रेस्ट नहीं है तो आप कुछ और कर लो”,अधिराज जी ने कहा 

“हां पापा मैंने मुंबई से फैशन डिजायनिंग का कोर्स करने की सोची है , वहा सारिका दी के साथ  कुछ वक्त भी गुजार लुंगी , वैसे वो है कहा ? ममा बता रही थी की वो इंदौर आई हुई है”,अनु ने कहा !

“सारिका बनारस गयी हुई है”,अम्बिका ने कहा 

“वॉव , ये वही जगह है ना जहा दी को हमेशा से जाना था ! वैसे कब आ रही है वो ?”,अनु ने एक्साइटेड होकर कहा 

“अमित गया है उसे लेने आज शाम या कल सुबह तक आ जाएगी”,अधिराज जी ने कहा 

“क्या अमित ? नालायक उसने तो कहा था वो दो दिन बाद आ रहा है , बनारस कैसे पहुँच गया वो ?”,अनु ने हैरानी से कहा 

“अनु ! बी रेस्पेक्ट अमित अब तुम्हारे होने वाले जीजाजी है , मतलब सारिका के पति”,अधिराज जी ने घूरते हुए कहा 

“क्या सच्ची ? इसका मतलब दी ने शादी के लिए हाँ कर दी ! पापा आई ऍम सो हैप्पी ”,अनु ने कुर्सी से उठकर उछलते हुए कहा 

“हां आख़िरकार उन्होंने हमारी एक बात तो मानी”,अधिराज जी कुछ रूखे स्वर में कहा तो अम्बिका को अच्छा नहीं लगा और उसने कहा,”अब सारिका से आपकी शिकायते कम हो जानी चाहिए”

“हम्म्म्म हमे अब उनसे कोई शिकायत नहीं है”,अधिराज जी ने कहा 

“आज आपको ऑफिस नहीं जाना ?”,अम्बिका ने कहा 

“नहीं आज हमने अपनी सारी मीटिंग्स केंसल कर दी है , आज का पूरा दिन हम अपनी बेटी के साथ बिताएंगे ! क्यों अनु ?”,अधिराज जी ने अनु की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए कहा  

“बिल्कुल पापा !!”,अनु ने मुस्कुराते हुए कहा  , तीनो वही बैठे बाते करते रहे !

मुरारी ने शिवम् को समझाने की हर कोशिश की लेकिन शिवम् ने उसकी बात पर जरा भी ध्यान नहीं दिया ! दोनों बात कर ही रहे थे की तभी राधिका वहा आई और कहा,”भैया आप दोनों को आई ने नाश्ते के लिए निचे बुलाया है”

शिवम् और मुरारी राधिका के साथ निचे आ गए ! बरामदे में टेबल लगा हुआ था जहा अमित और सारिका पहले से बैठे हुए थे ! शिवम् मुरारी और राधिका भी आकर बैठ गए ! आई ने सबके लिए नाश्ता परोसा सारिका ने शिवम् की तरफ देखा तो शिवम् ने चेहरा दूसरी और घुमा लिया ! शिवम् का यु नजरअंदाज करना सारिका को अच्छा नहीं लग रहा था पर वह जानती थी की शिवम् उस से बहुत ज्यादा नाराज है और उसकी नाराजगी जायज भी थी !

सारिका ने नजरे झुका ली और चुपचाप नाश्ता करने लगी ! शिवम् के गले से निवाला निचे नहीं उतर रहा था अमित का सारिका के पास बैठना उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था l मुरारी ने देखा तो उसने  शिवम् के हाथ पर  रख दिया इस वक्त वो ही था जो शिवम् की हालत समझ सकता था ! शिवम् चुपचाप खाता रहा ! खाते खाते उसकी नजर सामने अमित पर गई अमित अपने  हाथ से सारिका को खिला रहा था !

ये सब शिवम् के लिए देखना आसान नहीं था , शिवम् क्या किसी के लिए भी आसान नहीं होगा !! शिवम् उठा और वहा से चला गया। मुरारी ने सारिका की और देखा तो समझ गया उसने आँखे झपकाकर सारिका को आश्वस्त किया और चुपचाप अपना नाश्ता करता रहा !! खाते खाते अमित ने कहा,”आई सच में आपके हाथो में तो जादू है , कितना टेस्टी बना है सब आज से पहले इतने टेस्टी पराठे मैंने तो नहीं खाये सच”

“तो और लो ना बेटा”,आई ने प्लेट अमित की तरफ करते हुए कहा 

“नहीं आंटी बहुत खा लिया , अब और खाऊंगा तो फट जाऊंगा”,अमित ने हसते हुए कहा !   

आई मुस्कुरा दी और फिर वहा से चली गयी ! अमित ने खाते हुए सारिका से कहा,”सारिका तुम्हे तो यहाँ आये काफी दिन हो गए ना , कोई घूमने की जगह हो तो बताओ हम चलते है”

“जी हमे ज्यादा नहीं पता”,सारिका जाना नहीं चाहती थी इसलिए कहा ! 

“मुरारी तुम तो यही के रहने वाले हो तुम्हे पता होगी तुम ही बता दो कोई अच्छी जगह जहा मैं और सारिका जा सके”,अमित ने मुरारी की और देखकर कहा 

“तुम्हे तो हम गंगा के किसी घाट में भेजेंगे जहा से कभी वापस ही ना आओ , रही सारिका जी उनके लिए तो हमारे शिवम् भैया ही सारी दुनिया है”,मुरारी मन ही मन कहने लगा ! 

“अरे क्या सोचने लगे , बताओ भी ,,,,,,,,,,,, अच्छा छोडो हम खुद ही देख लेंगे”,अमित ने कहा !!   

मुरारी मन ही मन अमित को कोसता रहा ! नाश्ता करने के बाद मुरारी राधिका को कॉलेज छोड़ने चला गया ! अमित सारिका के साथ बनारस की सैर करने निकल पड़ा ! रास्तेभर सिर्फ अमित ही कुछ ना कुछ बोलता रहा ! सारिका बस हां हू में जवाब देती रही ! अमित ने सारिका और बाकि घरवालों के लिए ढेर सारी शॉपिंग की ! खाना भी दोनों ने बाहर ही खाया ! 

दूसरी तरफ मुरारी घर पर शिवम् के आने की राह देख रहा था ! शिवम् आया और सीधा अपने कमरे में चला आया मुरारी भी उसके पीछे आया और उसे सुनाते हुए कहा,”आपकी मैडम जी बनारस घूमने गयी है”

“तो हम का करे ?”,शिवम् ने अलमारी खोलते हुए कहा 

“तुमको बुरा नहीं लग रहा ?”,मुरारी ने हैरानी से कहा 

“हमको काहे बुरा लगेगा , उनकी मर्जी है वो जिसके साथ जाना चाहे जा सकती है , हम कौन होते है उनपर हक़ जताने वाले “,शिवम् ने गुस्से से कहा 

“बुरा लग रहा है ये तो हमे भी पता है तभी तो आँखों में इतनी बेचैनी है”,मुरारी ने बड़बड़ाते हुए कहा 

“का ? का बड़बड़ाय रहे हो ? अरे जो कहना है हमरे मुंह पर कहो ना”,शिवम् ने कहा 

“हम तो इह कह रहे की घूम रहे होंगे दोनों साथ साथ बनारस में , साथ में पानी पतासे भी खाये होंगे और कॉफी भी पि ही ली होगी एक ही कप से , का है ना जूठा खाने पीने से प्यार बढ़ता है ! फिर सारिका जी ने उनको सारे घाट भी दिखाए होंगे , वहा बैठकर दोनों ने शादी के सपने देखे होंगे साथ साथ !!

माहौल थोड़ा रोमांटिक हुआ होगा और फिर दोनों एक दूसरे के करीब , करीब , और करीब , बहुते करीब इतना की एक दूसरे की सांसो की लय सुनाई दे ! बस फिर होंठो को होंठो से छूने की देर है”,  मुरारी ने शिवम् को छेड़ने के लिए एक झूठी कहानी बनाते हुए कहा !!

“मुंह तोड़ देंगे हम उसका अगर उसने सारिका को हाथ भी लगाया तो”,शिवम ने मुरारी को धक्का देते हुए कहा 

“आये हाये यही तो प्यार देखना था तुमरी आँखों में भाभी के लिए , बस जिस तरह से हमसे कहे हो सारिका से भी कह ही दो”,मुरारी ने कहा 

शिवम् बेबस सा आकर बिस्तर पर बैठ गया और सर झुकाकर कहने लगा,”नहीं कह सकते मुरारी , इतने सालो में हम उन्हें कोई ख़ुशी नहीं दे पाए अब उनसे उनकी ख़ुशी भी नहीं छीनना चाहते !”

“तुमसे किसने कहा वो खुश है ? , आँखे देखी है उनकी सुबह से कितनी खाली खाली और उदास है ! तुम ना उनको समझ ही नहीं पाये ,, अमित ने बोल दिया तो का हो जाएँगी उनकी शादी , कोनसा उन्होंने हां कर दी “,मुरारी ने झल्लाकर कहा 

“उन्होंने ना भी तो नहीं की ना मुरारी , और प्लीज़ हमे अब इस बारे में कोई बात नहीं करनी है”,शिवम् ने कहा ! 

“ये अच्छा है तुमरा , जब जवाब ना देने का मन हो तो बात नहीं करनी कहकर मामला खत्म कर दो ! जा रहे है हम”,कहकर मुरारी वहा से चला गया 

शिवम् ने देखा मुरारी सच में चला गया है वह फिर उदास हो गया कुछ देर बाद उसने जब सर उठाकर देखा तो साइड में कुर्सी पर मुरारी बैठा था शिवम् ने उसे देखकर हैरानी से कहा,”तू तो चला गया था ना !!”

“हां जा ही रहे थे बाद में याद आया टेंशन में आकर साला कही नस वस काट लिए तो इसलिए वापस चले आये , दिल टूटने के बाद करते है अक्सर लौंडे ऐसा !!”,मुरारी ने मुंह लटकाकर कहा 

दर्द में भी शिवम् मुस्कुरा उठा और मुरारी को गले लगाकर कहा,”जब तक तू है मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा”

शाम को सारिका और अमित जाने की तैयारी करने लगे तभी अमित के पास अधिराज का फोन आया उनसे बात करने के बाद अमित ने सारिका से कहा,”सारिका अंकल ने कहा है आज शाम बनारस में बड़ी पूजा है , अंकल की मंदिर के पंडित जी से बात हो चुकी है उन्होंने वहा हम दोनों के लिए एक छोटी सी पूजा रखवाई है ! आज शाम उसमे शामिल होकर हम सुबह इंदौर के लिए निकल जायेंगे !!”

“ठीक है “,कहकर सारिका आई के पास आयी और कहा,”आई क्या हम और अमित जी आज आज यहाँ और रुक सकते है”

“ये कैसी बाते कर रही हो तुम ? हमने तुम्हे पराया थोड़े समझा है जो अइसन पूछ रही हो ! तुमरा जब तक रहने का मन हो तुम रह सकती हो ,, पगली !!”,आई न प्यार से सारिका के गाल को छूकर कहा ! 

सारिका फीकी सी मुस्कुरा दी !! 

शाम को अमित अपने और सारिका के साथ शिवम् , मुरारी और राधिका को भी घाट ले आया ! ऊपर महादेव के मंदिर में जगह जगह पूजा के लिए जगह बनी थी जहा कई जोड़े साथ बैठकर पूजा कर रहे थे ! शिवम् मंदिर के बाहर ही रुक गया उसका अंदर जाने का बिल्कुल मन नहीं था ! मुरारी और राधिका भी शिवम् के साथ बाहर ही रुक गए ! अंदर आकर अमित पंडित जी से मिला और अधिराज जी का परिचय दिया तो पंडित जी उन्हें पूजा वाली जगह ले गए !

सारिका और अमित ने साथ साथ पूजा की लेकिन सारिका के मन में ख्याल सिर्फ शिवम् का ही था ! पूजा सम्पन्न होने के बाद पंडित जी ने अमित से कहा,”अब आप इन फूलो को लेकर वहा घाट की सीढ़ियों पर चले जाईये , पीछे से बिटिया अपनी आँखों के आगे अपनी हथेलिया किये आएँगी और निचे आकर घाट के पानी में आपका अक्स देखेगी ! कहते है इस से लड़का लड़की 7 जन्मो के लिए एक दूसरे के हो जाते है , इसे महादेव का वरदान माना जाता है !!”

“वॉव साउंड इंट्रस्टिंग ना सारिका , तुम्हारे लिए 7 जन्म तो क्या 21 जन्म भी मांग लूंगा , भगवान से”,कहकर अमित उठा और निचे चला गया ! अमित के जाने के बाद सारिका उसके पीछे पीछे आई घाट के पानी के पास आकर वह रुक गयी ! पर अपने महादेव जी को कुछ और ही मंजूर था जैसे ही सारिका ने अपनी आँखों के आगे से हाथ हटाया अमित को कोई अर्जेन्ट कॉल आ गया और वह साइड में चला गया घूमते घामते शिवम् वहा आ पहुंचा ! सारिका ने जैसे ही पानी में देखा उसे शिवम् का चेहरा नजर आया !

शायद मन का वहम होगा सोचकर सारिका ने आँखे बंद करके खोली इस बार भी शिवम् का ही चेहरा था ! सारिका का दिल धड़क उठा वह तेजी से पलटी शिवम् उसके बिल्कुल पीछे ही था ! सारिका को वहा देखकर कुछ देर वह उसकी आँखों में देखता रहा और फिर वहा से चला गया शिवम् के जाते ही अमित आया और कहा,”आई ऍम सो सॉरी सारिका वो कोई कॉल आ गया था ! “

सारिका ने अमित के हाथ से फूल लेकर पानी में बहा दिए ! सब घाट से निकलकर बाहर आये शिवम वही गाड़ी के पास ही खड़ा था ! सभी गाड़ी में बैठे पीछे शिवम् , मुरारी और राधिका ,, आगे अमित और सारिका !! अमित ने गाड़ी आगे बढ़ा दी और कुछ देर बाद शिवम् की तरफ देखकर कहा,”यहाँ कोई अच्छा रेस्टोरेंट है , मैं सोच रहा था सब बाहर ही खाना खाते है , तुम तीनो ने मेरी सारिका का इतना ख्याल रखा बदले में तुम सबके लिए एक छोटी सी ट्रीट तो बनती है”

कहते हुए अमित ने सारिका के हाथ को थाम लिया !  शिवम् ने देखा तो उसका खून खोल गया वह खिड़की के बाहर देखने लगा ! सबकी चुप्पी को अमित ने सबकी रजामंदी समझ लिया और गाड़ी एक रेस्टोरेंट के सामने आकर रोक दी जो की रेस्टोरेंट और बार दोनों था ! सभी गाड़ी से उतरे और अंदर आकर बैठ गए ! अमित ने सबके लिए खाना आर्डर किया सारिका और अमित पास पास बैठे थे ! खाना आ गया सबने खाना खाया , शिवम् उठकर बार काउंटर पर आ गया वहा उसने एक ग्लास सोडा देने को कहा

“अरे खाली सोडा से क्या होगा , क्यों ना एक एक ड्रिंक हो जाये “,पीछे से अमित ने आकर शिवम् के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा !! 

“हम नहीं पीते”,शिवम् ने पहली बार अमित से बात की ! 

“ओह्ह कम ऑन यार तुम कोई दूध पीते बच्चे तो हो नहीं , बी अ मेन ,,,,,,,,,,,,, वैटर टु ड्रिंक्स प्लीज़”, अमित ने कहा 

शिवम् के दिमाग में कई सारी उलझने थी ! वैटर ने ड्रिंक बनाकर काउंटर पर रख दी अमित ने एक ग्लास खुद लिया और दुसरा शिवम् की तरफ बढ़ा दिया 

“चियर्स !!”,कहकर अमित सामने खड़ी सारिका की तरफ बढ़ गया !! सामने खड़ा शिवम् उन्हें देखता रहा , सारिका के चेहरे पर ख़ुशी का कोई भाव नहीं था वह शिवम को ही देख रही थी ! अमित उसके पास आया और कुछ कहने के बहाने उसके अपने होंठो को सारिका के गाल से छू लिया शिवम् जो की सामने खड़ा देख रहा था उस से ये कहा बर्दास्त होने वाला था उसने हाथ में पकडे ग्लास को पूरी ताकत से भींच दिया

ग्लास उसके हाथ में ही टूट गया जिसकी कुछ किरचे उसके हाथ में धस गयी और खून निकलने लगा ! अमित वाशरूम जाने के लिए चला गया सारिका ने जब शिवम् के हाथ से खून बहता देखा तो वह दौड़कर उसके पास आई ! उसने शिवम् के हाथ को अपने हाथ में ले लिया और घबराते हुए कहा,”आपके हाथ से तो खून निकल रहा है

सारिका और शिवम् को साथ देखकर मुरारी और राधिका भी वहा आ गए सारिका ने अपना दुपट्टा फाड़ा और जैसे ही शिवम् के हाथ पर बांधने लगी शिवम् ने उसका हाथ झटककर कहा,”ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है !!”

“पर आपके  हाथ से खून बह रहा है प्लीज़ बांधने दीजिये !!”,सारिका ने तड़पकर कहा 

“भैया यार ये क्या पागलपन है , देख ना रहे कितना खून बह रहा है , बांधने दो उनको पट्टी”,मुरारी ने डांटते हुए कहा 

“हमने कहा न हमे जरूरत नहीं है”,शिवम् ने गुस्से से कहा 

“सटाक!!”,एक थप्पड़ आकर शिवम् के गाल पर लगा !! थप्पड़ सारिका ने मारा था , शिवम् चुप हो गया सारिका ने उसका हाथ अपने हाथ में लिया और अपने दुपट्टे का टुकड़ा उस पर बांध दिया ! उसने एक नजर शिवम् की और देखा शिवम् ने देखा सारिका की आँखों में आंसू झिलमिला रहे है जो किसी भी वक्त बह सकते थे ! सारिका वहा से चली गयी सामने से अमित आता मिला सारिका की नम आँखे देखकर पूछा,”क्या हुआ सारिका ?

“कुछ नहीं वो आँख में कुछ गिर गया था , अभी ठीक है”, सारिका ने कहा 

“चलो फिर चलते है ! “,कहकर अमित ने बाकि सबसे भी आने का इशारा किया ! सभी चलकर रेस्टोरेंट के बाहर आये अमित की नजर सामने खुले मैदान में गयी जहा बहुत से लोग गोल घेरा बनाकर बैठे थे और उनके बिच कुछ लोग नाच गा रहे थे ! अमित को वो बहुत इंट्रस्टिंग लगा उसने सारिका से कहा,”सारिका वो सामने क्या है ? काफी रोमांचक लग रहा है !! 

मुरारी आगे आया और कहा,”वे लोग गवैये है , जगह जगह गाकर लोगो का मनोरंजन करते है ! आप चाहे तो चलकर देख सकते है “

“बिल्कुल !! “,अमित ने ख़ुशी से आँखे चमकाते हुए कहा !! 

सभी खाली मैदान की और बढ़ गए ! 

मुरारी और शिवम् को देखते ही सभी खड़े हो गए ! अमित हैरान था पर वो शायद ये नहीं जानता था की ये शिवम् और मुरारी का पुराना अड्डा रह चुका है ! मुरारी ने सभी को बैठने का इशारा किया ! मुरारी सबके साथ सामने पड़े खाली तख्तों की और बढ़ गया ! अमित सारिका एक पर बैठे शिवम् मुरारी और राधिका दूसरे पर ! गवैये अपने नाच गाने में मग्न थे अमित ने फोन का कैमरा ऑन किया और उनका विडिओ बनाने लगा !

शिवम् की नजरे सिर्फ सारिका पर थी लेकिन सारिका के मन में एक अलग ही तूफान था ! वो शिवम् से बात करना चाहती थी उसे बताना चाहती थी लेकिन शिवम् कुछ सुनने और समझने को तैयार ही नहीं था !! तभी गाने वाले लड़को में से  सारंगी लेकर शिवम् के पास आया और कहा,”का भैया आज खामोश काहे बैठे है , आज कुछ नहीं सुनाएंगे ?

शिवम् ने कुछ नहीं कहा बस चुपचाप सारिका की तरफ देखता रहा ! अमित उसके पास आया और कहा,”तुम ये बजा लेते हो !! 

“अरे हां बाबूजी बहुते ही अच्छा बजाते है और गाते भी कमाल है “,शिवम् से पहले लड़का बोल पड़ा 

अमित ने लड़के के हाथ से सारंगी ली और शिवम् की और बढाकर कहा,”फिर तो मैं तुम्हारा गाना जरूर सुनना चाहूंगा “

शिवम् ने इस बात पर भी कोई प्रतिक्रया नहीं दी तो अमित ने सारंगी ले जाकर सारिका को दे दी और कहा,”मेरी तो वो सुनेंगे नहीं , तुम ही जाकर कहो शायद सुन ले प्लीज़”

अमित के बार बार रिक्वेस्ट करने पर सारिका उठी और शिवम् के सामने आकर सारंगी उसकी और बढ़ा दी ! शिवम् ने सारिका की आँखों में देखा बहुत कुछ था जो बहकर बाहर निकल जाना चाहता था ! शिवम् ने सारंगी ली और वहा से उठकर सबके बिच में आ गया उसने एक धुन बजानी शुरू की ,  

शिवम् के दिल में जो दर्द था वो धुन से साफ झलक रहा था उसने सारिका की तरफ देखा और गाना शुरू किया ! 

“कितनी दर्दभरी है तेरी मेरी प्रेम कहानी 

सात समंदर जितना अपनी , आँखों में है पानी 

मैं दिल से दिल मुझसे करता है जब तेरी बाते 

सावन आने से पहले हो जाती है बरसाते 

की घर आजा परदेशी , तेरी मेरी इक जिंदड़ी 

हो घर आजा परदेशी की तेरी मेरी इक जिंदड़ी”

गाते गाते शिवम् की आँखों में आंसू झलक आये ! शिवम् की आवाज में मौजूद दर्द सारिका को महसूस होने लगा था वह वहा से उठी और गाड़ी की तरफ चली गयी ! अमित मुरारी राधिका भी उसके पीछे पीछे चले आये !! शिवम् गाता रहा सारिका की आँखो से आंसू बाहर आने को बेताब थे उसने अमित से कहा,”घर चले !! 

मुरारी ने शिवम् को आने का इशारा किया सभी घर के लिए निकल गए !! 

घर आकर सारिका सीधे अपने कमरे में चली गयी ! अमित गेस्ट रूम में चला गया मुरारी अपने घर और शिवम् अपने कमरे में !! राधिका आई के कमरे में चली गयी !! सब सो चुके थे बस दो जोड़ी आँखे अब भी जाग रही थी एक सारिका की दूसरी शिवम् की !! सारिका को खो देने का दर्द सिर्फ शिवम् ही जानता था  ! दूसरी तरफ सारिका अपनी डायरी में कुछ लिखती जा रही थी !

अगली सुबह सारिका जल्दी ही उठ गयी या यु कहे रात भर सोई ही नहीं थी ! अमित ने उसके बैग्स गाड़ी में रखे ! आई ने सारिका को ढेर सारे तोहफे दिए ! बाबा ने अपनी दुकान की चुनिंदा मिठाईयों के डिब्बे गाड़ी में रखवा दिए ! मुरारी भी आ पहुंचा वह सारिका के लिए एक तोहफा लेकर आया था जो की पैक था ! सबके होते हुए भी सारिका की नजरे किसी को ढूंढ रही थी और वो था शिवम् !! 

“सारिका चले देर हो रही है”,अमित ने कहा 

सारिका ने देखा शिवम् कही नहीं है तो उसने अपनी डायरी राधिका को देकर कहा,”राधिका इसे शिवम् जी को दे देना !!”

राधिका ने सारिका से डायरी ले ली ! सारिका जाकर गाड़ी में बैठ गयी ! उसने सबको देखकर हाथ हिला दिया !! सारिका ने महसूस किया जैसे उसका कुछ छूट गया है बनारस में !! अमित ने गाड़ी स्टार्ट की और सारिका के साथ वहा से निकल गया ! अपने कमरे की खिड़की पर खड़ा शिवम् जाती हुई गाड़ी को देखता रहा उसमे इतनी हिम्मत नहीं थी की वह सारिका को जाते हुए देख सके इसलिए जान बूझकर बाहर नहीं आया जबकि बीती रात सोया वह भी नहीं था !!

शिवम् को वहा ना पाकर मुरारी को बहुत गुस्सा आया वह अंदर आया और शिवम् से कहा,”अब तो खुश हो ना तुम भैया , चली गयी सारिका जी !!

शिवम् ने गर्दन उठाकर मुरारी की और देखा उसकी आंखे आंसुओ से भरी हुई थी ! उसने मुरारी से कहा 

“देख ना मुरारी , हमने उनको पाकर भी खो दिया”

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मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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