Sanjana Kirodiwal
Kitni Mohabbat Hai

Kitni Mohabbat Hai – 30

by Story With Sanjana November 4, 2020
written by Story With Sanjana November 4, 2020 1 comment
3

Kitni mohabbat hai – 30

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

अक्षत ने फोन काट दिया ना चाहते हुए भी उसकी आँखों में नमी तैर गयी ! इतनी तड़प आज से पहले उसने किसी के लिए भी महसूस नहीं की थी शायद जितनी आज कर रहा था ! उसका दिल किया अभी वापसी की ट्रेन पकडे और घर चला जाए अपनी मीरा के पास लेकिन ये आसान नहीं था ! अक्षत ने अपना हाथ टेबल पर दे मारा उसे पछतावा हो रहा था की वो क्यों आया ? , अपनी भावनाओ को काबू में करना अब शायद उसके बस में नहीं था ! कुछ देर बाद एक प्यारी सी आवाज उसके कानो में पड़ी,”कॉफी पिएंगे !”


अक्षत ने सामने देखा इशिका अपने हाथ में कप लिए खड़ी थी अक्षत ने ना में गर्दन हिलाते हुए कहा,”नो थैंक्स !!
“तुम कॉफी नहीं पीते या मैं लाई हु इसलिए मना कर रहे हो ?”,इशिका ने कहा
“मैं सिर्फ चाय पीता हु !”,अक्षत ने कहा
“ईयू चाय कौन पिता है आजकल ?”,इशिका ने बुरा सा मुंह बनाते हुए कहा और अक्षत की बगल में बैठ गयी ! अक्षत ने इशिका में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखाई उसके दिमाग में तो बस मीरा का ख्याल था ! अक्षत को खामोश देखकर इशिका ने कहा,”तुम दिल्ली जा रहे हो ?”


“ह्म्म्म “,अक्षत ने कहा
“ग्रेट मैं भी दिल्ली ही जा रही हु , एक महीने की इंटर्नशिप के लिए फिर वही रहकर अपनी पढाई कम्प्लीट करनी है !”,इशिका ने अपनी कॉफी पीते हुए कहा
“गुड़ !”,अक्षत ने कहा और उठकर वहा से चला गया ! इशिका को अक्षत का इस तरह इग्नोर करना सही नहीं लगा तो उसने अपने आप से ही कहा,”कितना ऐटिटूड है यार इसमें , लेकिन दिल आ गया है यार इसपे , ऐसी पर्सनालिटी आज से पहले कही नहीं देखी तुम्हे तो मैं अपना बनाकर रहूंगी मिस्टर रुड !!”


इशिका ने मुस्कुराते हुए जैसे ही साइड में देखा उसकी नजर टेबल के निचे गिरी एक चमचमाती चीज पर गयी उसने उसे उठाकर देखा वो किसी ब्रासलेट जैसा था इशिका ने उसे गौर से देखा और फिर जेब में रख लिया ! ट्रैन अपना हार्न दे चुकी थी इशिका उठी और आकर अपनी सीट पर बैठ गयी

उसकी सीट अक्षत के आगे वाले डिब्बे में थी लेकिन उसने अक्षत के आने से पहले ही अक्षत के सामने बैठे आदमी से अपनी सीट चेंज कर ली ताकि वह उस से बात चित कर सके !! जब अक्षत आया तो इशिका को अपने सामने वाली सीट पर देखकर थोड़ी हैरानी हुई लेकिन उसने कोई प्रतिक्रया नहीं दी और आकर अपनी सीट पर बैठ गया

उदास सा चेहरा लिए वह खिड़की के बाहर देखता रहा ट्रेन चल पड़ी ! अक्षत ने अपना फोन निकाला कानो में ईयर फोन लगाया और फिल्म चला ली ! कुछ देर देखने के बाद उसकी उदासी कुछ दूर हुई इस बिच उसने एक बार भी इशिका की और नहीं देखा ! थक हारकर इशिका सो गयी ! अक्षत की भी आँखे मूंदने लगी तो वह सो गया
ट्रेन के देरी से चलने की वजह से वह सुबह के 4 बजे दिल्ली पहुंची ! अक्षत उठा और अपना जैकेट और सामान व्यवस्तिथ किया , अगले स्टेशन पर उसे उतरना था !

जैसे ही उसकी नजर अपने हाथ पर गयी हाथ पर बंधा ब्रेसलेट गायब था ! अक्षत परेशान हो गया और इधर उधर ढूंढने लगा लेकिन उसे ब्रेसलेट कही नहीं मिला ! अक्षत ये वही ब्रासलेट था जो मीरा ने उसे दिया था अक्षत ने उसे खो दिया ये जानकर वह और भी परेशान हो गया और उसे ढूंढने लगा ! इशिका की आँख खुली तो उसने देखा अक्षत कुछ ढूंढ रहा है ! वह उठकर बैठ गयी और अक्षत को देखती रही जो की बहुत परेशान था ! साथ बैठे बाकि पैसेंजर्स ने पूछा लेकिन अक्षत ने किसी की बात का जवाब नहीं दिया !

ट्रेन स्टेशन पर आकर रुकी अक्षत ने उदास मन से अपना बैग और जैकेट उठाया और ट्रेन से निचे उतर गया जिस ब्रासलेट को वह ढूंढ रहा था वह उसे नहीं मिला ! अक्षत स्टेशन पर खड़े होकर सोमित जीजू को फोन करने लगा ! जीजू को अपने पहुंचने की जानकारी देकर अक्षत ने जैसे ही फोन रखा इशिका उसके सामने आयी और अपनी जेब से ब्रासलेट निकालकर अक्षत के सामने करते हुए कहा,”कही तुम इसे ही तो नहीं ढूंढ रहे ?”
“ये तुम्हे कहा मिला ?”,अक्षत ने इशिका के हाथ में अपना ब्रासलेट देखा तो उसकी जान में जान आयी और उसने उसे उसके हाथ से ले लिया !


“कल रात वहा बेंच के निचे गिरा मिला था शायद तुम्हारे हाथ से निकल कर गिर गया होगा !”,इशिका ने मुस्कुराते हुए कहा
“थैंक्स !”,अक्षत ने ब्रासलेट की और देखते हुए कहा
“तुम इस मामूली सी चीज के लिए इतने परेशान हो रहे थे , ये इतनी खास है क्या ?”,इशिका ने सवाल किया
“नहीं , पर इसे देने वाला बहुत खास है !!”,अक्षत पहली बार इशिका के सामने मुस्कुराया !
“देट्स ओके ! बाय द वे मैं चलती हु नाइस टू मीट यू !”,इशिका ने अक्षत की और हाथ बढाकर कहा तो अक्षत ने भी हाथ मिलाते हुए उसे अलविदा कहा और स्टेशन से बाहर आ गया !

कुछ देर बाद सोमित जीजू आ गए साथ में काव्या भी थी अक्षत को देखते ही वह दौड़कर उसके पास आयी और इधर उधर ढूंढते हुए कहा,”मीरु दीदी नहीं आयी आपके साथ ?”
अक्षत उसके सामने घुटनो पर बैठा और कहा,”वो इंदौर है ना , उनकी एग्जाम्स है इसलिए वो बाद में आएगी !”
“हम्म्म्म ठीक है !”,काव्या ने उदास होकर कहा तो अक्षत ने उसे गोद में उठा लिया और उसके गाल पर किस करते हुए कहा,”अर्जुन मामू की शादी में चलेंगे ना तब मिल लेना अपनी मीरु दीदी से !”
“और भई साले साहब कैसा रहा सफर ?”,सोमित जीजू ने अक्षत के पास आकर कहा


“बहुत बोरिंग था !”,अक्षत ने काव्या को निचे उतारते हुए कहा
“क्यों कोई मिली नहीं ट्रेन में ?”,जीजू ने अक्षत को छेड़ते हुए कहा
“क्या जीजू आप भी ?”,अक्षत ने झेंपते हुए कहा !
“अरे भई लड़किया बेचारी क्या करे ? तुम ही इतने सख्त बने हुए हो कही पिघलते ही नहीं !!”,जीजू ने कहा
“मैं सख्त ही ठीक हु जीजू , अब घर चले या सारी बाते यही कर लोगे !”,अक्षत ने अपना बैग उठाते हुए कहा !
“हां चलते है , तुम्हारी दीदी भी घर पर इंतजार कर रही है !”,जीजू ने कहा और काव्या अक्षत के साथ वहा से निकल गए !!!

इंदौर , अक्षत का घर
रात भर करवटे बदलने के बाद मीरा को नींद आई ! सुबह जब उस की आँख खुली तो सूरज निकल आया था आज पहली बार मीरा देर से उठी थी वह उठकर नहाने चली गयी तैयार होकर नीचे आयी तब तक राधा सबके लिए नाश्ता लगा चुकी थी ! मीरा सीधा किचन में चली आयी राधा ने देखा तो कहा,”उठ गयी बेटा ? एक काम कर दोगी थोड़ी चाय बना दोगी दादाजी के लिए !”
“जी आंटी !”,कहकर मीरा चाय बनाने लगी उसे याद आया अक्षत के भी सोकर उठने का टाइम हो गया है तो उसने पतीले में थोड़ा दूध और डाल दिया !

उसने चाय बनायीं और दो कप में निकाली आज उसने पहले ही चाय चखकर देखी आज चाय मीठी थी ! मीरा मुस्कुराई और दोनों कप ट्रे में रखकर जैसे ही जाने लगी राधा ने कहा,”अरे मीरा सिर्फ दादाजी को चाय देनी है , तो ये दूसरा कप किसके लिए है ?”
“अक्षत जी के लिए !”,मीरा ने तपाक से कहा
राधा मुस्कुराई और उसके पास आकर प्यार से उसका गाल छूकर कहा,”बेटा अक्षत यहाँ नहीं है , वो दिल्ली में है !


जैसे ही मीरा को सब याद आया उसका चेहरा उदासी से घिर गया उसने कहा तो कुछ नहीं पर अंदर ही अंदर एक टिस उठी ! उसने एक कप निकालकर रख दिया और दूसरा कप लेकर दादाजी की और बढ़ गयी जो की बालकनी में बैठे धूप सेंक रहे थे ! मीरा ने उन्हें चाय दी और जैसे ही जाने लगी दादाजी ने कहा,”सुनो मीरा !
“जी दादू
“यहाँ आकर बैठो
मीरा आकर उनके सामने बैठ गयी तो दादाजी ने बड़े गौर से उसका चेहरा देखने के बाद कहा,”परेशान क्यों हो ?
“नहीं दादू ऐसी कोई बात नहीं है


“मुझे छुपा रही हो , तुम्हारे चेहरे पर साफ साफ लिखा है ,, बताओ क्या बात है ?
“कोई बात नहीं है दादू हम सच कह रहे है
“अच्छा ठीक है , नाश्ता किया तुमने ?
“जी नहीं , थोड़ी देर में करेंगे
“कोई बात नहीं , वैसे तुमसे एक बात कहनी थी
“हां कहिये ना दादू


“तुम मुस्कुराती हुई ज्यादा अच्छी लगती हो , ऐसे उदास उदास बिल्कुल अच्छी नहीं लगती
दादू की बात सुनकर मीरा मुस्कुरा दी और कहा,”ये लीजिये अब ठीक है !
“हां अब लग रही हो तुम मेरी अच्छी वाली मीरा
“आपने नाश्ता किया ?
“हां मैंने कबका ही कर लिया , जाओ तुम भी जाकर कर लो
“हम्म्म ठीक है


मीरा उठकर चली गयी दादाजी अपनी चाय पीते हुए बाहर देखने लगे !! दादी माँ मंदिर गयी हुई थी विजय और अर्जुन ऑफिस जा चुके थे ! राधा अपने काम में लगी थी और निधि मीरा अपने कमरे में बैठकर पढाई करने में व्यस्त थी ! दो दिन बाद दोनों के फाइनल के एग्जाम्स थे ! अब मीरा को डिसट्रब करने वाला अक्षत भी नहीं था दोपहर में दरवाजे पर बेल बजी राधा ने दरवाजा खोला तो सामने एक पार्सल लिए लड़का खड़ा था !
“जी कहिये !’,राधा ने लड़के से कहा !
“मेडम ये मीरा राजपूत के लिए पार्सल है , एड्रेस यही का है उन्हें बुला देंगी आप ?”,लड़के ने बड़ी शालीनता से कहा


“ठीक है !”,कहकर राधा अंदर आयी और मीरा को बुलाने गयी जैसे ही मीरा और राधा वापस आयी लड़का वहा से जा चुका था पार्सल निचे जमीं पर रखा हुआ था ! राधा ने इधर उधर देखा लेकिन लड़का कही नजर नहीं आया तो उसने कहा,”अजीब लड़का है कहा चला गया ?”
मीरा ने पार्सल उठाया और खोलने लगी जैसे ही उसने उसे खोला उसकी चीख निकल गयी और उसने डिब्बा दूर फेंक दिया ! उसे डरा हुआ देखकर राधा ने कहा,क्या हुआ मीरा ?


मीरा कुछ बोल नहीं पाई बस उसने काँपते हुए हाथ से निचे गिरे डिब्बे की और इशारा कर दिया राधा उसके पास आयी और जैसे ही उसने डिब्बे में रखा सामान देखा एक पल के लिए उसकी साँस भी अटक गयी ! डिब्बे में एक गुड़िया थी जो की लाल रंग से सनी हुई थी उसके साथ में एक कागज का टुकड़ा भी था राधा ने उसे उठाया और पढ़ने लगी – जिस अच्छी जिंदगी के सपने तुम देख रही हो , वो मैं तुम्हे इतनी आसानी से हासिल होने नहीं दूंगा !!! इस गुड़िया की जगह तुम भी हो सकती हो “

राधा ने जैसे ही वो पर्ची पढ़ी उसने तुरंत उसे अपने साड़ी के पल्लू में छुपा लिया और मीरा के पास आकर उसे गले लगाते हुए कहा,”किसी ने तुम्हारे साथ भद्दा मजाक किया है बेटा ! चलो अंदर चलो !”
“लेकिन आंटी हम तो यहाँ किसी को ज्यादा जानते भी नहीं फिर हमारे साथ भला ऐसा कोई क्यों करेगा ?”,मीरा ने डरे हुए स्वर में कहा !
“इसे बुरा सपना समझकर भूल जाओ बेटा ! चलो अंदर चलते है !”,राधा मीरा को अंदर ले आयी अंदर आकर उसने रघु से बाहर पड़े डिब्बे को डस्टबिन में डाल देने को कहा !

मीरा अपने कमरे में चली आयी लेकिन अब उसके मन में बार बार उस पार्सल का ख्याल आ रहा था आखिर किसने भेजा होगा वो ? और क्यों भेजा होगा ? उसे सोच में डूबा देखकर निधि ने कहा,”क्या हुआ मीरा ?”
“निधि किसी ने हमे लाल रंग से सनी गुड़िया भेजी है”,मीरा ने परेशानी भरे शब्दों में कहा
“क्या ? पर किसने ?”,निधि ने किताब बंद करते हुए कहा
“हमे भी नहीं पता किसने भेजी है , पार्सल पर किसी का नाम पता नहीं था”,मीरा और परेशान हो गयी
“किसी ने तुम्हे डराने के लिए मजाक किया होगा !”निधि ने कहा


“ऐसा मजाक ?”,मीरा अब भी डरी हुई थी
“हां , हमारे पड़ोस के बच्चे कभी कभी ऐसी उट पटांग हरकत कर देते है ! तुम टेंशन मत लो !”,निधि ने मीरा को डरा हुआ देखकर उसके हाथ पर अपना हाथ रखते हुए कहा !
“हम्म्म्म !”,मीरा ने कहा और वहा से उठकर खिड़की के पास आ गयी ! खिड़की के बाहर वह निचे देखने लगी रघु उस डिब्बे को उठाकर ले जा रहा था और ले जाकर डस्टबिन में डाल दिया ! मीरा वही खड़े खड़े डस्टबिन को देखते हुए सोचती रही की आखिर कौन उसके साथ ऐसा मजाक करेगा ?

दिल्ली , सोमित का घर
गाड़ी आकर घर के सामने रुकी ! अक्षत , जीजू और काव्या गाड़ी से बाहर आये तनु उनका दरवाजे पर खड़ी इंतजार कर रही थी !! अक्षत ने आकर उनके पैर छूए और फिर सभी अंदर चले आये ! दिल्ली जैसे आबादी वाले शहर में घर मिलना बहुत मुश्किल है लेकिन यहाँ सोमित के पूर्वजो का घर था इसलिए उसे कभी कोई दिक्कत नहीं हुई ! घर काफी अच्छा था 3 रूम , किचन , बालकनी , हॉल और एक गेस्ट रूम था ! अक्षत को घर काफी पसंद आया एक रूम सोमित और तनु का था ,

दुसरे में काव्या का सामान था और तीसरा रूम तनु ने अक्षत के लिए सेट करवा दिया था ! अक्षत ने अपना सामान रखा और घूमकर रूम देखा उसे कमरा बहुत पसंद आया !
“आशु तुम जाकर नहा लो तब तक मैं नाश्ता लगा देती हु !”,तनु ने उसे टॉवल और साबुन पकडाते हुए कहा !
अक्षत बाथरूम की और बढ़ गया और तनु कमरे से बाहर आकर किचन की और सोमित भी किचन में आकर उसकी हेल्प करने लगे और काव्या बाहर सोफे पर बैठी अपनी डॉल के साथ खेलने में बिजी थी !!


अक्षत नहाकर आया तब तक अनु ने नाश्ता लगा दिया था सभी डायनिंग के पास आकर बैठ गए ! तनु ने अक्षत और सोमित की प्लेट में नाश्ता परोसा और कहा,”खाकर बताईये शेफ साहब कैसा बना है ?
अक्षत मुस्कुराया और कहा,”क्या दी ? मुझे पता है आपके हाथो का टेस्ट और माँ के हाथ का टेस्ट सेम है , नो डाउट बहुत अच्छा बना होगा !”
“साले साहब थोड़ी मेहनत मेरी भी है !”,सोमित ने कहा

“मम्मा पापा , मामू को पहले खाने तो दो , तभी तो बताएँगे कैसा बना है ?”,छोटी काव्या ने कहा तो सब हंस पड़े !
सभी नाश्ता करने लगे ! नाश्ता करते हुए अक्षत ने सोमित से कहा,”जीजू वो एंट्रेस एग्जाम के लिए फॉर्म का कहा था मैंने आपसे ? मिला !
“अरे वो तो मैंने कल ही मंगवा लिया था मेरा दोस्त है ना जयेश उसके पापा लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल है , तुम चिंता मत करो तुम्हारा सेलेकशन हो जाएगा !”,जीजू ने कहा
“थैंक्स !”,अक्षत ने कहा


“थेंक्स बोलकर पराया ना करो साले साहब !”,जीजू ने कहा
“अरे जीजू आप ना मुझे पहले तो ये साहब साहब बुलाना बंद करो ! आप भी दीदी की तरह आशु बुलाया करो न !”,अक्षत ने कहा
“अरे साले साहब ! वैसे एक नाम और सूना है मैंने आपका !”,जीजू ने कहा
“क्या ?”,अक्षत ने हैरानी से कहा
“वो अर्जुन की सगाई में कोई थी जो आपको सडु कहकर बुला रही थी !”,जीजू ने कहा
“कौन लड़की ?”,अक्षत ने अनजान बनते हुए कहा


“अरे वही जिसकी गर्दन के 10 इंच निचे तिल था”,जीजू ने शरारत से कहा जिसे सुनकर तनु मुस्कुराने लगी और अक्षत का मुंह देखने लायक हो गया !
“मीरा को भी अपने साथ ले आते , वो भी मिल लेती हम लोगो से !”,तनु ने कहा
“उसे कॉलेज के एग्जाम्स है दी ! कभी उसे और निधि को घुमाने साथ ले आऊंगा !”,अक्षत ने बिना तनु की तरफ देखे हुए कहा सोमित की कही बात से उसे अभी भी शर्म आ रही थी ! तनु ने देखा तो कहा,”आशु बुरा मत मानना इनको आदत है मजाक करने की !”


“इट्स ओके दी !”,अक्षत ने कहा
“अच्छा आशु अर्जुन की शादी की डेट फिक्स हुई ? मेरा तो बहुत मन है उसकी शादी में आने का और स्पेशली मीरा से मिलने का ,, सच कहु तो वो बहुत अच्छी है , पहली मुलाकात में ही उसने हम सबका दिल जीत लिया !”,सोमित जीजू ने कहा
“हां ये बात सही कही इन्होने , कुछ तो बात है मीरा में उस से मिलकर लगा ही नहीं की वो निधि की दोस्त है ऐसा लगा जैसे हमेशा से हम सबके बिच रहती आयी हो !”,तनु ने कहा !


“अरे मम्मा क्योकि वो एंजल है , और एंजल तो सबको अच्छी लगती है ना !”,काव्या ने कहा
“हम्म्म्म !”,अक्षत ने कहा लेकिन मन ही मन सबसे मीरा के लिए अच्छा सुनकर उसे ख़ुशी हो रही थी ! नाश्ता करने के बाद अक्षत सोमित जीजू के साथ हॉल में आकर बैठ गया ! तनु घर के काम निपाटने लगी और काव्या फिर से अपनी गुड़िया के साथ खेलने में बिजी हो गयी ! सोमित जीजू ने एंट्रेस का फॉर्म अक्षत को दिया और उसे बाकि जानकारी देने लगे !! सफर में थकान की वजह से अक्षत को नींद आने लगी थी उसने फॉर्म फील करके जीजू को दे दिया और खुद सोने चला गया !

कमरे में आकर वह बिस्तर पर लेट गया ! नींद से आँखे बोझिल थी लेकिन मीरा का ख्याल अब भी उसके जहन में घूम रहा था उसने हाथ पर बंधे मीरा के दिए ब्रासलेट को देखा और मुस्कुराते हुए नींद के आगोश में चला गया !
शाम को देर तक अक्षत सोता रहा ! उधर मीरा भी उसे याद करते हुए वक्त काटती रही शाम को निधि उसे बाहर घुमाने ले गयी जिस से मीरा का मन कुछ शांत हो गया ! उधर जीजू भी अक्षत को लेकर अपने दोस्त से मिलने चले गए वापस आते आते रात हो चुकी थी !

घर आकर उसने खाना खाया और छत पर चला आया मीरा की बहुत याद आ रही थी इसलिए उसने घर पर फोन लगाया सबसे बात की तो अच्छा लगा ! अर्जुन से बात करते हुए उसने कहा,”भाई !
“हां बोलो !”,अर्जुन ने अक्षत की बेचैनी भांपते हुए कहा
“वो मैं पूछ रहा था घर में सब कैसे है ?”,अक्षत ने कहा
“सब ठीक है , तुझे गए अभी एक दिन हुआ है एक साल नहीं जो ऐसा पूछ रहा है “,अर्जुन ने कहा


अर्जुन की बात सुनकर अक्षत झेंप गया सीधा सीधा मीरा के बारे में कैसे पूछता ? इसलिए घुमा फिरा के पूछ रहा था ! अर्जुन को उसकी इस हालत पर बहुत हंसी भी आ रही थी और दया भी , अक्षत ने थोड़ी हिम्मत की और पूछ लिया,”मीरा कैसी है


“ये लो खुद ही पूछ लो”,कहते हुए अर्जुन ने फोन मीरा को दे दिया जो की निधि के साथ सीढ़ियों से आ रही थी ! मीरा के नाम से अक्षत का दिल धड़क उठा ! मीरा ने फोन कान से लगाया और कहा,”हैलो !”
मीरा की आवाज जैसे ही अक्षत के कानो में पड़ी अक्षत ने आँखे मूंद ली उस आवाज को खुद में बहुत गहरे तक महसूस करना चाहता था शायद ! उसने धीरे से कहा – कैसी हो ?


“ठीक है , आप कैसे है ?
“अब ठीक हु
“ह्म्म्मम्म
“कुछ अच्छा नहीं लग रहा
“हमे भी
“सब सुना सुना लग रहा है
“हमे भी
“तुम्हारी बहुत याद आ रही है
“हमे भी


अक्षत ने एक गहरी साँस ली और फिर कहा,”अच्छा सुनो ! पार्सल मिला ?’
पार्सल का नाम सुनकर मीरा को सुबह वाला वाक्या याद आ गया उसने हैरानी से कहा,”वो पार्सल आपने भेजा था ?
“हां , पसंद आया ?”,अक्षत ने खुश होकर कहा
“दोबारा ऐसा वाहियाद मजाक हमसे मत कीजियेगा !”,कहते हुए मीरा ने फोन काट दिया !

Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30

Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30Kitni Mohabbat Hai – 30

  • Continue With Kitni Mohabbat Hai – 31
  • Visit http://sanjanakirodiwal.com
  • Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal
Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal
#Banaras#haanYeMohabbatHai#Kitni_mohbbat_hai#Love-You-Jindgi#Lovestory#MainTeriHeer#Manmarjiyan#Romantic_novel#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalsanjanakirodiwal
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Manmarjiyan – 31
next post
Manmarjiyan – 32

You may also like

Kitni Mohabbat Hai – 54

December 3, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 53

December 2, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 52

December 1, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 51

November 30, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 50

November 28, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 49

November 27, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 48

November 26, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 47

November 25, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 46

November 24, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 45

November 23, 2020

1 comment

Advik March 24, 2023 - 4:40 pm

❤️❤️❤️❤️🤩

Reply

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal