Sanjana Kirodiwal
Kitni Mohabbat Hai

Kitni Mohabbat Hai – 3

by Story With Sanjana October 5, 2020
written by Story With Sanjana October 5, 2020 3 comments
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Kitni Mohabbat Hai – 3

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

( अब तक आपने पढ़ा की निधि के घर में आने के बाद मीरा धीरे धीरे सबसे बात कर रही है ! जबसे वह आयी है तबसे एक नाम उसे बहुत परेशान कर रहा है वो है “अक्षत” ,, हालाँकि मीरा अक्षत से अभी मिली भी नहीं थी बस उसकी आँखे देखी थी लेकिन बिना देखे कोई शख्स उसे इतना परेशान कर देगा उसने सोचा भी नहीं था ! कैसे होता है अक्षत से सामना चलिए पढ़ते है –

हाथ मुंह धोकर मीरा डायनिंग के पास आयी दादा दादी , निधि वहा पहले से बैठे थे ! राधा ने मीरा को भी बैठने को कहा ! विजय और अर्जुन भी ऑफिस से आ चुके थे ! सभी आकर डायनिंग के चारो और बैठ गए ! खाने की खुशबु से हॉल महक रहा था ! मीरा की नजर दरवाजे की और थी सब आ चुके थे लेकिन उसे जिसका इंतजार था वो कही नजर नहीं आ रहा था ! राधा भी सबके साथ आकर बैठ गयी उसने देखा सब है लेकिन अक्षत नहीं है ! उसने अर्जुन से कहा,”अज्जू ये अक्षत कहा रह गया ? जरा फोन लगाना उसे !”


“माँ मेरी बात हुई थी उस से उसने बताया वो किसी दोस्त की पार्टी में है , खाना खाकर लौटेगा !”,अर्जुन ने कहा !
“ये लड़का भी ना , क्या क्या करेगा कोई नहीं जानता ! आप सब लोग शुरू कीजिये !”,राधा ने कहा और सबकी प्लेटो में खाना परोसने लगी ! अर्जुन मीरा के बिल्कुल सामने ही बैठा था और बिच बिच में वह मीरा को देख भी लेता लेकिन मीरा कही और ही खोयी हुई थी ! अक्षत से वह फिर नहीं मिल पाई ! सबने खाना शुरू किया ! राधा ने एक कटोरी में खीर निकाली और मीरा की और बढाकर कहा,”ये मैंने खास तुम्हारे लिए बनाई है ! खाकर देखो कैसी बनी है ?”


मीरा ने एक चम्मच खीर चखी , खीर बहुत टेस्टी थी मीरा ने ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा,”खीर बहुत अच्छी बनी है आंटी , थैंक्यू !”
“मीरा मम्मा ना खीर के साथ साथ और भी बहुत टेस्टी खाना बनाती है , तुम यहाँ रहोगी ना तो इनके हाथ का खाना खाकर ही इनकी फैन हो जाओगी !”,निधि ने कहा !
“खाएंगे भी और साथ साथ बनाना भी सीखेंगे !”,मीरा ने कहा


“तुम्हे खाना बनाना नहीं आता ?’,इस बार सवाल अर्जुन की तरफ से था जो की उसने जल्दबाजी में कहा ! सब उसकी और देखने लगे तो उसने झिझकते हुए कहा,”मेरा मतलब लड़कियों को तो खाना बनाने का शौक होता है ना इसलिए !”
अर्जुन की हालत देखकर मीरा मुस्कुरा उठी और कहा,”जी नहीं हमे खाना बनाना नहीं आता ! सिखने की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी घर पर माँ बनाती थी और हॉस्टल में मेस में बना बनाया मिल जाया करता था ! हमे सिर्फ चाय बनानी आती है !”


“हॉस्टल का खाना कैसे खा लेती थी आप ? मैं खुद 2 साल दिल्ली हॉस्टल में रहा हु सच में बहुत ख़राब होता है !”,अर्जुन ने मुंह बनाकर कहा
“इतना बुरा भी नहीं होता है , बस दाल में कभी कभी पानी ज्यादा हो जाता है और आलू की सब्जी में आलू कहा है ये ढूंढना पड़ता है !”,मीरा ने कहा तो सभी हसने लगे वह खुद भी मुस्कुराये बिना नहीं रह सकी !
अर्जुन बड़े प्यार से मीरा को मुस्कुराते हुए देख रहा था निधि जो की उसकी बगल में ही बैठी थी ने अर्जुन को कोहनी मारी तो वह झेंप गया और दूसरी और


देखने लगा ! विजय ने मीरा की और देखकर कहा,”बेटा कॉलेज में किसी भी तरह की जरूरत हो तो बताना , यहाँ सब तुम्हारे अपने ही है ! अच्छे से पढाई करके अपने पैरो पर खड़ी हो जाओगी तो हमे बहुत ख़ुशी होगी !”
“थैंक्यू अंकल ! हम जरूर मेहनत करेंगे और कामयाब बनकर दिखाएंगे !”,मीरा ने कहा !
“बिल्कुल बनोगी बेटा जी , और अपनी माँ का नाम रोशन करोगी !”,दादू ने कहा !
ऐसे ही हल्की फुलकी बातो के बिच सबने खाना खाया और फिर दादू दादी साथ साथ बाहर घूमने निकल गए !

अर्जुन उठकर ऊपर अपने कमरे में चला गया ! पापा हॉल में बैठकर न्यूज देखने लगे और राधा किचन जमाने में लग गयी ! निधि मीरा को लेकर बालकनी में आ गयी और दोनों सामने बगीचे में टहलते हुए दादू दादी को देखने
लगी ! दादा दादी दोनों एक दूसरे का हाथ थामे चहलकदमी कर रहे थे !

उनकी बाते तो साफ सुनाई नहीं दे रही थी पर कभी कभी बिच में दोनों मुस्कुरा उठते
“मीरा तुमसे एक बात पुछु ?”,निधि ने मीरा की और पलटकर कहा
“हम्म पूछो !”,मीरा ने अपने दोनों हाथो को आपस में समेटकर कहा !


“क्या तुमने कभी किसी से प्यार किया है ?”,निधि ने पूछा
“नहीं !”,मीरा ने सीधा सा जवाब दिया !
“कभी तो होगा ना”,निधि ने कहा !
“शायद !”,मीरा ने कहा
“शायद क्या यार ? तुम इतनी सुंदर हो तुमसे तो किसी को भी प्यार हो सकता है !”,निधि ने कहा
“वैसे तुम आज ये सब क्यों पूछ रही हो ?”,मीरा ने निधि की आँखों में देखते हुए कहा !


“बस ऐसे ही , अच्छा ये बताओ तुम्हारी नजर में प्यार क्या है ?”,निधि ने फिर सवाल किया !
“अहम्म प्यार”,सोचते हुए मीरा ने इधर उधर देखा और उसकी नजरे सामने दादा दादी पर जा रुकी और उसने ऊँगली से इशारा करते हुए कहा,”वो !”
“तुम्हारा मतलब दादा दादी ?”,निधि ने असमझ की स्तिथि में कहा !


“हम्म्म , उम्र के आखरी पड़ाव में वो दोनो साथ साथ है , खुश है ! हमेशा एक दूसरे के साथ बने रहना यही तो प्यार है ! इन्होने ख़ुशी , गम , हंसी , आंसू , सब सब साथ देखे होंगे , सेंकडो परेशानिया आयी होंगी फिर भी इन्होने कभी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा होगा !

एक दूसरे का सहारा बने हुए ये हमेशा अपनी जिंदगी में खुश रहे होंगे और उन खुशियों का सबब आज इनके चेहरों पर नजर आ रहा है !”,मीरा ने निधि को समझाते हुए कहा !
“वाओ ! तुम कितना डीपली सोचती हो यार ! “,निधि ने इम्प्रेस होते हुए कहा


“डीपली नहीं प्रेक्टिकली सोचते है ! जैसे दादा दादी को देखकर कहा वैसे ही !’,मीरा ने कहा
निधि मुस्कुराई और कहा,”कैसे भी सोचो , कहती तो हमेशा सही ही हो ना ,, मुझे ना तुम अपनी शागिर्द बना लो ! कसम से ऐसे गुरु ज्ञान की हमे बहुत जरूरत है !”

निधि की बातो पर मीरा हसने लगी तो निधि एक पल के लिए उसकी हंसी में खो सी गयी और कहा,”मीरा तुम हसंते हुए कितनी अच्छी लगती हो , हमेशा ऐसे ही रहा करो ना !”
“ये मुस्कराहट तुम्हारी वजह से ही है निधि , इसके लिए जितनी बार तुम्हारा शुक्रिया अदा करे कम ही होगा !”,मीरा ने कहा !
दोनों वही खड़ी बाते करने लगी बिच बिच में मीरा की नजरे मेन गेट की और चली जाती ! “ये तुम बार बार गेट की तरफ क्या देख रही हो ? कोई आने वाला है क्या ?”,निधि ने छेड़ते हुए कहा !


“कुछ भी बोलती हो तुम ! ठण्ड बहुत है यहाँ मैं अंदर जा रही हु”,मीरा ने नजरे बचाते हुए कहा जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी हो ! दादा दादी को अंदर आजाने का बोलकर निधि भी अंदर चली आयी ! मीरा और निधि अपने कमरे में चली आयी ! निधि आते ही कम्बल में घुस गयी तो मीरा ने कहा,”ये क्या अभी सिर्फ 10 बजे है पढाई नहीं करनी !”
“अरे इतनी ठण्ड में कौन पढाई करता है मीरा ?”,निधि ने कम्बल में दुबके हुए कहा !


“हम करते है , और हमारे साथ साथ तुम भी करोगी !”,कहते हुए मीरा ने एक झटके में कम्बल को निधि से दूर कर दिया निधि उठकर बैठ गयी और कहा,”क्या यार मीरा सोने दो ना , कल से करेंगे पढाई !”
“कल करे सो आज कर वो बात नहीं सुनी ! अब चुपचाप किताब खोलो और चैप्टर्स पढ़ो !”,मीरा ने उसके हाथ में किताब थमा दी और खुद उसके सामने अपनी किताब लेकर कुर्सी पर बैठकर पढ़ने लगी ! कमरे की खिड़किया दरवाजे सब बंद थे और हीटर भी ऑन था इसलिए ठण्ड का अहसास कम था !

निधि बेमन से किताब पढ़ने लगी ! मीरा अपनी किताब में मग्न थी उसे ध्यान ही नहीं रहा कब उसके सामने बैठी निधि किताब लिए लिए ही सो चुकी है ! घंटेभर बाद जब मीरा का ध्यान निधि पर गया तो उसने देखा निधि सो चुकी है ! उसने अपनी किताब साइड में रखी और उठकर निधि के पास आयी उसने धीरे से उसके हाथो से किताब को निकाला और पास पड़ा तकिया उसके सर के निचे लगा दिया !

मीरा ने किताब को टेबल पर रखा और फिर कम्बल उठाकर निधि को ओढ़ा दी ! मीरा वापस कुर्सी पर आकर बैठ गयी अपनी किताब पढ़ने में बीजी हो गयी ! कुछ वक्त बाद ही नींद ने मीरा की आँखों पर दस्तक देनी शुरू कर दी

उबासियाँ आने लगी तो उसने किताब बंद करके टेबल पर रख दी ! घडी की और देखा जो की रात के 12 बजा रही थी ! मीरा को याद आया की निधि ने निचे उसे विनीत की बुक दी थी ! “वो शायद निचे ही रह गयी लाकर बैग में रख देती हु , कल सुबह कॉलेज में विनीत को लौटा दूंगी !”,मीरा ने मन ही मन कहा और निचे चली गयी ! मीरा निचे आयी सब सो चुके थे उसने धीरे से टेबल पर रखी किताब उठाई और लेकर जैसे ही जाने को हुई उसे खिड़की के पास एक परछाई दिखी जो सहारा लेकर ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रही थी !

मीरा ने गौर से देखने की कोशिश की लेकिन उस और अन्धेरा ज्यादा होने की वजह से देख नहीं पाई ! “हो सकता है वो कोई चोर हो , वरना ऐसे दिवार के सहारे ऊपर नहीं जाता , मुझे ही कुछ करना होगा”, मीरा ने मन ही मन कहा और दबे पांव सीढिया चढ़ने लगी ! मीरा जब ऊपर आयी तो वह परछाई उसे हॉल की बालकनी से ऊपर आते दिखी !


“अगर हमने लाइट जलाई तो वह भाग जाएगा ! अँधेरे में ही जाकर पकड़ते है उसे !”,मीरा ने मन ही मन खुद से किसी जासूस की तरह कहा और धीरे धीरे कदम बढ़ाते हुए हॉल की और गयी हालाँकि वह भूल चुकी थी की ये हॉल अक्षत का था और घरवालो का वहा जाना बिल्कुल मना था ! निचे पॉल पर लगे बल्ब की हल्की रौशनी वहा तक आ रही थी ! मीरा बड़ी सफाई से धीरे धीरे कदम बढ़ाते हुए बालकनी की और आई जैसे ही वो परछाई बालकनी की रॉ पार करके अंदर हॉल में आयी

मीरा ने उसका सीधा हाथ मजबूती से अपने हाथ में पकड़ा और घुमाकर उसकी पीठ से लगाकर कहा,”क्या चुराने आये हो यहाँ ? खुद को बहुत शातिर चोर समझते हो , हां ! लेकिन मेरी नजरो से बचना इतना आसान नहीं है !”
“चोर ? , व्हाट द हेल ?”,मीरा के चंगुल में फसे उस लड़के ने कहा !


“क्या बात है इंदौर के चोर इतने पढ़े लिखे , भई वाह अंग्रेजी में बात कर रहे है !”,मीरा ने ताना मारते हुए कहा !
लड़के ने अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश की लेकिन मीरा ने इतना कसकर पकड़ रखा था ऊपर से मोड़कर पीठ से लगाया हुआ था ,बेचारा चाहता तो भी कुछ नहीं कर पाता


“तुम हो कौन ? और ये क्या बकवास कर रही हो ?”,लड़के ने गुस्से कहा !
“हमारी छोडो तूम बताओ तुम यहाँ क्या चुराने आये हो ?”,मीरा ने भी अकड़कर कहा !
“अबे ! मैं कोई चोर नहीं हु , और मेरा घर है मैंने चाहे जैसे आउ तुम होती कौन हो ?”,लड़के ने झटके से अपना हाथ छुड़ाया और मीरा की और पलटकर कहा ! लेम्प की मध्यम रौशनी में वह कुछ कुछ दिखाई दे रहा था !

लेकिन मीरा ने ध्यान नहीं दिया और दो कदम उसकी और बढाकर कहा,”वाह वाह वाह वाह क्या मस्त एक्टिंग करते हो , तुम्हारा घर ! एक देंगे ना रख के सारा सच उगल दोगे ! रुको अभी हम सबको आवाज लगाते है”, कहते हुए मीरा ने जैसे ही चिल्लाने की कोशिश की लड़के ने आगे बढ़कर उसके मुंह पर अपना हाथ रखा और पीछे धकेलते हुए दिवार से लगा दिया ! मीरा ने सामने देखा तो बस देखते ही रह गयी ! सांवला रंग , कटीली आँखे , सुर्ख होंठ , बांये कान में काले रंग की गोल छोटी बाली , सीने पर गर्दन से कुछ निचे एक छोटा सा टैटू बना हुआ था !

मीरा ने जैसे ही उसकी आँखों में देखा तो उसका दिल तेजी से धड़क उठा ! मुंह बंद था लेकिन दिल जोर जोर से आवाजे कर रहा था ! उस लड़के की आँखे इतनी गहरी और कातिल थी की मीरा तो क्या कोई भी लड़की देखते ही होश खो बैठे पर ये आँखे मीरा को जानी पहचानी लग रही थी ! लेकिन बोलती कैसे मुंह तो बंद था ! उसने एक तरकीब लगायी और मन ही मन कहा,’दिखता तो अच्छे घर का है फिर यहाँ क्या चुराने आया होगा ?

खूबसूरत भी है और आँखे तो उफ्फ्फ ,,,,, ये क्या सोच रही है तू मीरा याद है ना हर खूबसूरत चीज खतनाक होती है ! और खूबसूरत है तो क्या हुआ है तो ये चोर ही ना” सोचते हुए उसने अपना पैर जोर से लड़के के पांव पर दे मारा


“आउच !”,लड़के ने मीरा के मुंह से हाथ हटाया और अपना पांव देखने लगा तभी मीरा जोर से चिल्लाई ! “अबे चुप , पापा ने सुन लिया तो बेंड बजा देंगे”, लड़के ने एक बार फिर मीरा का मुंह बंद करते हुए कहा !
“तब तक निधि उठकर आ चुकी थी हालाँकि मीरा की आवाज निचे नहीं गयी थी ! निधि ने जब देखा तो उनके पास आई और लड़के को मीरा से दूर करके कहा,”ये क्या कर रहे हो भाई ? , ये मेरी दोस्त है मीरा !”
मीरा ने निधि के मुंह से लड़के के लिए भाई शब्द सूना तो अवाक् रह गयी अपने शक को दूर करने के लिए उसने निधि से हिचकिचाते हुए कहा,”ये कौन है ?


“ये ही तो है अक्षत भैया !”,निधि ने कहा
“क्या ?”,मीरा ने सूना तो उसकी जान हलक में आ गई ! कुछ देर पहले कही उसकी बाते उसके कानो में बजने लगी ! कभी अक्षत को देखती तो कभी उसके पांव को जिस पर अभी अभी उसने मारा था ! मीरा या अक्षत कुछ कहते इस से पहले ही निधि ने अक्षत से कहा,”क्या है ये सब ? आप मेरी दोस्त के साथ ऐसे बिहेव कैसे कर सकते हो ?”


”दोस्त है ना तो इसे बोल दोस्त की तरह रहे , जेम्स बांड ना बने !’,अक्षत ने मीरा को लगभग घूरते हुए कहा !
निधि मीरा के आगे आकर खड़ी हो गयी और अक्षत से कहा,”क्या किया इसने बताओ ?”
“इसी से पूछ लो , मेरे ही घर में आकर मुझे ही चोर समझ रही है , स्टुपिड !”,अक्षत ने कहा
निधि मीरा की और पलटी और धीरे से कहा,”क्या सच में ?”
मीरा ने मासूमियत से कहा,”हमे लगा घर में चोर घुस आया है तो हमने , मतलब इस तरह दिवार चढ़कर बालकनी से अंदर कौन आता है ?”


अक्षत ने निधि को पकड़कर साइड किया और मीरा को ऊँगली दिखाते हुए कहा,”मेरा है मैं दरवाजे से आउ चाहे बालकनी से आउ , दिवार चढ़कर आउ या खिड़की कूदकर तुम्हे उस से क्या ! मैं बता रहा हु निधि अगर तुम नहीं आती ना तो ये तो मेरा खून ही कर देती !”
“नहीं नहीं ऐसा क्यों करते हम ?”,मीरा ने कहने की कोशिश की तभी अक्षत ने कहा,”तुम निकलो यहाँ से , आई थिंक तुम दोनों ही निकलो यहाँ से !”

निधि मीरा का हाथ पकड़कर उसे अपने साथ ले जाने लगी जाते जाते मीरा ने पलटकर अक्षत को देखा वो वहा सोफे पर बैठा अपना पांव सहला रहा था ! कमरे में आकर निधि ने दरवाजा बंद करते हुए कहा,”अच्छा हुआ मम्मा पापा ने नहीं देखा वरना अक्षत भाई की पिटाई पक्का हो जाती !”
“आई ऍम सो सॉरी निधि वो हमे नहीं पता था वो तुम्हारा भाई है ! हमने उनसे ना जाने क्या क्या बोल दिया !”,
मीरा ने उदास होकर कहा !


“अरे इट्स ओके इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है ! चिल करो सुबह तक सब नार्मल हो जाएगा !”,निधि ने बैठते हुए कहा !
“पर वो इस तरह दिवार चढ़ाकर , हमारा मतलब दरवाजे से भी तो आ सकते थे ना !”,मीरा ने कहा
“साहबजादे पार्टी करके आये होंगे तो पापा से सामना करने में तो शर्म आ रही होगी ना इसलिए ऐसे आये है , वैसे भी बहुत बार वो ऐसे ही आते है ! इसलिए तो उधर किसी को आने नहीं देते !”, निधि ने कहा


“सोचा नहीं था आपसे ऐसे मुलाकात होगी , आप सच में कॉम्प्लिकेटेड ही हो !”,मीरा बड़बड़ाई तो निधि ने कहा,”क्या हुआ ? चलो सो जाओ ! और ज्यादा मत सोचो !” निधि कम्बल में घुस गयी !
“हम अभी आते है !”,कहकर मीरा ने सामने टेबल पर रखी ट्यूब उठाई और बाहर चली गयी ! निधि सो गयी ! मीरा कमरे से बाहर आयी उसने देखा हॉल में बैठा अक्षत अपने पांव को देख रहा था ! मीरा उसके पास आई और ट्यूब उसकी और बढाकर कहा,”ये लगा लीजिये इस से दर्द कम हो जाएगा !”


अक्षत ने मीरा की और देखा तो मीरा ने दुखी होकर कहा,”हमे पता नहीं था आप कौन है ? इसलिए वो सब कह दिया ! हो सके तो माफ़ कर दीजियेगा !”
अक्षत ने कुछ नहीं कहा बस ख़ामोशी से देखता रहा ! अक्षत को चुप देखकर मीरा की बेचैनी और ज्यादा बढ़ गयी तो उसने वहा से जाना ही ठीक समझा ! मीरा वहा से चली गयी ! अक्षत ने क्रीम पांव पर लगाई और वही सोफे पर लेट गया ! नीदं कब आयी उसे कुछ पता नहीं !


सुबह 7 बज रहे थे ! मीरा नहाकर तैयार हो चुकी थी ! जैसे ही वह कमरे से बाहर निकली उसकी नजर हॉल में सोये हुए अक्षत पर गयी ! ना चाहते हुए भी मीरा के कदम उस और बढ़ गए मीरा आकर उसके पास खड़ी हो गयी ! सोते हुए अक्षत बिल्कुल मासूम बच्चे की तरह लग रहा था ! मीरा ने उसे देखते हुए मन ही मन खुद से कहा,”सोते हुए कितने अच्छे लगते है आप , ना कोई गुस्सा ना कोई खीज !”
सूरज की किरणे सीधा अक्षत के चेहरे पर आ रही थी और उसे परेशान कर रही थी ! मीरा बालकनी के पास आयी और उसने पर्दा आगे बढ़ा दिया जिसने सूरज की किरणों को अंदर आने से रोक लिया !

मीरा वहा से निचे चली आयी ! पूजा घर के सामने आकर उसने हाथ जोड़े ओर कहने लगी,”हे शिव भगवान , अब हमसे कोई गलती ना हो ! यहाँ सभी लोग बहुत अच्छे है हम अनजाने में भी कभी उनका दिल ना दुखाये !! “
प्रार्थना करने के बाद मीरा जैसे ही जाने के लिए पलटी अर्जुन से टकरा गयी ! अर्जुन के हाथ में हल्दी की कटोरी थी जो दादी ने ही मंगवाई थी पूजा घर में लेकिन जैसे ही मीरा अर्जुन से टकराई सारी की सारी हल्दी अर्जुन की शर्ट पर आ गिरी ! मीरा ने देखा तो कहा,”माफ़ कर दीजिये वो हमने ध्यान नहीं दिया , हम साफ कर देते है ! “


कहते हुए मीरा ने अपने दुप्पटे से अर्जुन की शर्ट को साफ करना शुरू किया और लगभग बड़बड़ाते ही जा रही थी ! मीरा जितनी परेशान थी अर्जुन उतने ही प्यार से उसे देख रहा था ! अर्जुन ने देखा मीरा जिस दुप्पट्टे से हल्दी साफ कर रही है वो भी पीला हो चुका है तो उसने कहा,”इसे साफ करने के चक्कर में आपने अपना दुपट्टा ख़राब कर लिया !”
मीरा ने देखा तो अपना सर पिट लिया और मन ही मन कहा,”ये क्या किया अपना फेवरेट दुपट्टा ख़राब कर लिया ! ” अभी वह खुद को कोस ही रही थी की तभी दादी वहा आयी और अर्जुन की हालत देखकर कहा


“अरे अर्जुन ये क्या सारी हल्दी अपने ऊपर गिरा ली !”
“जी दादी वो हमारी वजह से गिर गयी ! आई ऍम सॉरी !”,मीरा ने उदास होकर कहा
“अरे बेटा उदास मत हो ये तो अच्छा शगुन है , हल्दी का गिरना मतलब घर में कुछ अच्छा काम होने वाला है ! क्या पता अर्जुन की शादी ही हो जाये !”,दादी ने हँसते हुए कहा
“क्या दादी आप भी ?”,अर्जुन ने शरमाते हुए कहा
“सही कह रही है दादी , शादी की उम्र तो हो ही चुकी है तुम्हारी !”,दूर से राधा ने आते हुए कहा !


“मैं शर्ट चेंज करके आता हु !”,कहते हुए अर्जुन वहा से चला गया !
“देखा मीरा शादी के नाम से कैसे भाग गए लाड साहब !”,राधा ने मुस्कुराते हुए कहा
“जब सही वक्त आएगा तब वो खुद हा कहेंगे आंटी और देखना उन्हें बहुत अच्छी लड़की मिलेगी !”,कहते हुए मीरा ने जैसे ही ऊपर वाले फ्लोर की और देखा सामने अक्षत खड़ा अंगड़ाई ले रहा था जिसे देखकर मीरा ने मन ही मन कहा,”बाकि इन्हे कोई लड़की शादी के लिए हां कहेंगी की नहीं इसका कुछ पता नहीं , सच लिखा है इन्होने अपने नाम के आगे – कॉम्प्लिकेटेड !”

Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3Kitni Mohabbat Hai – 3

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क्रमश -: कितनी मोहब्बत है – 4

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संजना किरोड़ीवाल

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal
Love You Zindagi - 1 Season 3
Love You जिंदगी – 1 Season 3

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मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

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3 comments

Amanpreet kaur March 20, 2023 - 11:44 pm

Wow story

Reply
Sarbjit Kaur September 11, 2025 - 11:02 am

Ab is ko 6th time padh rhi hu
So nice yaar..padh kr mn hi nhi bharta..
Aaaaa
I love dis Novel 🥰🥰

Reply
Sarbjit Kaur September 11, 2025 - 11:03 am

Ab is ko 6th time padh rhi hu
So nice yaar..

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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