Sanjana Kirodiwal
Manmarjiyan Season 4

Manmarjiyan Season 4 – 29

by Story With Sanjana March 24, 2026
written by Story With Sanjana March 24, 2026 1 comment
2

Manmarjiyan Season 4 – 29

Manmarjiyan Season 4
Manmarjiyan Season 4 by Sanjana Kirodiwal

मिश्रा जी के घर में खड़ा गोलू प्रीति से बतिया ही रहा था कि तभी मिश्रा जी की बाटा की चप्पल आकर गोलू को लगी और मिश्रा जी की कड़कदार आवाज उसके कानो में पड़ी। गोलू ने देखा कुछ ही दूर खड़े मिश्रा जी लगातार उसे घूर रहे है और गुड्डू ने भी ये देखकर हाथ खड़े कर दिए है तो उसने धीरे से प्रीति से कहा,”प्रीति जी ! आप जरा अंदर जाएगी , उह्ह का है न मर्दो के आपस की बीच की बात है”
प्रीति मुस्कुराई और गोलू की तरफ झुककर धीरे से कहा,”अंकल जी से चप्पल खाने की आदत गयी नहीं आपकी गोलू जी,,,,,,,,!!”

गोलू ने सुना तो बेचारा झेंप गया और प्रीति वहा से चली गयी। प्रीति के जाते ही गोलू गुस्से में आ गया और मिश्रा जी की तरफ आकर कहा,”अब का किये हम जो आते ही हमाओ स्वागत चप्पल से कर दे रहे आप”
मिश्रा जी गोलू पर गुस्सा थे ऊपर से गोलू उनसे जबान लड़ा रहा था देखकर उन्होंने गोलू को धर लिया और दो चार घुसे उसकी पीठ पर जड़कर कहा,”एक तो काम की जगह पर दारू पीकर तमाशा किये ऊपर से हम से ही जबान लड़ा रहे हो”

“किसने कहा हम दारू पिए ?”,गोलू ने भड़ककर कहा
मिश्रा जी ने सुना तो गोलू की गुद्दी पकड़ी और उसे गुड्डू की तरफ ले जाते हुए कहा,”इह तुम्हरा दोस्त कहे रहा कि कल शाम सोनुआ के फंक्शन मा तुमहू दारू पिए रहय,,,,,,,,,!!!”
गोलू ने सुना तो खा जाने वाली नजरो से गुड्डू को देखा और मन ही मन कहा,”गुड्डू भैया ! जे नाही करना था आपको,,,,,,,,,!!”

गोलू को चुप देखकर मिश्रा जी और खिज गए और कहा,”अब मुँह मा दही काहे जमा लेओ , नहीं कोनो लाज शरम बची है कि नाही तुम्हरे अंदर,,,,,,,,अगर जे सब रंगबाजी ही करनी है तो फिर बंद करो जे काम धंधा और निकल जाओ घर से बाहिर , करो जी भर के रंगबाजी”
“हमहू अकेले थोड़े पिए थे गुड्डू भैया ने भी ली थी थोड़ी लेकिन बिल हमाये नाम पर फाड़ देओ”,गोलू ने गुस्से से कहा गुड्डू ने सुना तो हैरानी से कहा,”अबे ! हमे काहे फंसा रहे हो ?”

गोलू गुड्डू की तरफ झुका और धीरे से कहा,”अब जब परसादी बट ही रही है तो हमहू अकेले काहे खाये ? थोड़ी आप भी ल्यो”
 गुड्डू ने सुना तो गोलू को खा जाने वाली नजरो से देखा और फिर जैसे ही चुपचाप निकलने को हुआ मिश्रा जी ने दूसरे हाथ से गुड्डू की गुद्दी पकड़ी और दोनों के  सर आपस में टकराते हुए कहा,”जे गुडडुआ पर तो हमको कल रात ही शक था लेकिन अपनी चालाकियों में तुम दोनू लोग शगुन को भी तो शामिल कर चुके हो तो ओह्ह की बात मानकर छोड़ दिया जे का पर हमहू जे कैसे भूल गए तुम दोनों तो एक दूसरे के बिना अधूरे हो ,

कोई भी कांड हुआ उह्ह्ह मा तुम दोनों का बरोबर का हाथ है अकेला तुम दोनों में से कोनो एक ठो पत्ता नाही हिला सकता,,,,,,,,,,,!!!”
बेचारा गुड्डू , गोलू की वजह से अब उसे भी मिश्रा जी खरी खोटी सुननी पड़ रही थी और साथ ही मार भी खानी पड़ रही थी।

गुड्डू और गोलू को थोड़ी थोड़ी परसादी देकर मिश्रा जी ने गुस्से से लेकिन धीमे स्वर में कहा,”आज वेदिया का रिश्ता पक्का होने जा रहा है आज अगर तुम दोनों ने कोनो गड़बड़ की तो अम्मा की कसम बोरिया बिस्तरा बांधकर जे घर से नाही बल्कि कानपूर से भी बाहिर फेंक देंगे समझे,,,,,,,,,,,!!!”
गोलू तो बौखलाया हुआ सा खड़ा था और गुड्डू अपना सर सहला रहा था तभी गुप्ता जी वहा आये और मिश्रा जी से कहा,”अरे आप यहाँ है वहा अंदर आपकी जरूरत है चलकर देख लीजिये किसी चीज की कमी तो नहीं”

“हाँ आप चलिए हम बस अभी आये”,मिश्रा जी ने कहा तो गुप्ता जी वहा से चले गए
मिश्रा जी घडी में समय देखते हुए गुड्डू की तरफ पलटे और कहा,”मोहन हलवाई के हिया जाओ और आर्डर का सब सामान लेकर आओ , ओह्ह्ह के तुरंत बाद केशव पंडित के हिया निकल जाना”
“जी जी पिताजी”,गुड्डू ने कहा मिश्रा जी से नजरें मिलाने की उसमे हिम्मत नहीं थी
मिश्रा जी जाने लगे जाते जाते गोलू के पास रुके और उसके सर पर एक मुक्का मारकर कहा,”दारू पिएंगे , रंगबाज बनेंगे”

मिश्रा जी के जाने के बाद गोलू जैसे ही गला फाड़कर रोया गुड्डू उसके पास आया और उसका मुँह बंद कर उसे वहा से ले जाते हुए कहा,”अबे का कर रहे हो शगुन के घरवाले यही है देखेंगे तो का सोचेंगे ?”
गुड्डू गोलू को लेकर घर से बाहर चला आया और उसके मुँह से हाथ हटाकर कहा,”मिल गयी तुम्हरे कलेजे को ठंडक ? साले खुद पिताजी से मार खाये सो खाये हमको काहे खिलाये बे ? और हमने कब पी शराब तुम्हरे साथ मिलकर , सारा रायता फैलाये तुम हम तो उसको समेटने में लगे थे।  कसम से गोलू बताय रहे है दुशमन वाला एक ठो रंग नाही छोड़े हो तुमहू,,,,,,,,,!!!”

गोलू ने सुना तो मुँह बनाया और कहा,”हाँ तो आपने भी दोस्ती में झूला नाही झुलाया है हमको , जब देखो तब बस थप्पड़ , लात और घुसे खाये है हमने”
गोलू को गुस्से में देखकर गुड्डू शांत हो गया और कहा,”पता नहीं यार गोलू कौनसी साढ़े-साती चल रही है ? साला जब भी कुछो सही करने जाते है उलटा हो जाता है,,,,,,खैर छोडो !! चलो बैठो मोहन हलवाई के हिया चलते है”
गुड्डू ने बाइक स्टार्ट करते हुए कहा

“हमहु नाही जायेंगे”,गोलू ने बच्चो की तरह मुँह बनाकर कहा
गुड्डू ने गर्दन घुमाकर गोलू को देखा और कहा,”चलो यार ! पंडित के हिया से समोसा खिला देंगे”
गोलू को कोई खाने का लालच दे और गोलू ना बिके ऐसा भला कैसे हो सकता है ? वह आकर गुड्डू के पीछे बैठा और कहा,”साथ मा इमरती भी खाएंगे,,,,,,,,,,सुबह से एक ठो दाना तक पेट मा नाही गया”
गुड्डू ने सुना तो मुस्कुराया और बाइक आगे बढ़ा दी।

घर के आँगन में सभी तैयारियां हो चुकी थी बस केशव पंडित के आने की देर थी जिस से वेदी और अमन को शगुन देकर रिश्ता पक्का किया जा सके। गुड्डू ने  मोहन हलवाई के यहाँ से सब तैयार सामान लिया और गोलू के साथ रिक्शा में भेज कर खुद केशव पंडित को लेने उनके घर चला आया। केशव पंडित पहले से तैयार होकर घर के बाहर खड़े थे। गुड्डू ने उन्हें साथ लिया और घर के लिए निकल गया। घर आकर गुड्डू ने पंडित जी को आँगन में छोड़ा और खुद अपने कमरे में चला गया , गुड्डू जल्दी जल्दी नहाया और तैयार होकर बाहर चला आया।

आँगन में मिश्रा जी , मिश्राइन , गुड्डू , शगुन , लवली , वेदी और गोलू के साथ साथ गुप्ता जी , चाचा-चाची , प्रीति , रोहन , अमन और केशव पंडित बैठे थे। पूजा और रस्मे शुरू हुई। सभी बहुत खुश थे। प्रीति वेदी के पास बैठी उसे छेड़ रही थी और रोहन अमन की तरफ बैठा था।

वेदी ने बहुत ही सुंदर साड़ी पहनी थी और बाकि दिनों के बजाय आज वह कुछ ज्यादा ही प्यारी लग रही थी। मिश्रा जी ने गुप्ता जी और शर्मा जी के घरवालों को भी बुलाया था और साथ ही मोहल्ले से कुछ औरतें भी चली आयी जो कि मंगल गीत गा रही थी। गोलू गुप्ता जी से बचता फिर रहा था इसलिए कभी इधर जाता कभी उधर बस गुप्ता जी के सामने नहीं आ रहा था।

सभी रस्मो के बाद केशव पंडित ने मिश्रा जी और गुप्ता जी से शगुन का थाल बदलने को कहा और साथ ही दोनों बच्चो को शगुन देने को कहा। मिश्रा जी और विनोद चाचा ने थाल बदले और फिर मिश्रा जी ने नारियल और कुछो रूपये अमन को देकर तिलक किया तो वही विनोद चाचा ने वेदी को शगुन का सामान और कपडे दिए। सभी के चेहरे ख़ुशी से चमक रहे थे।

मिश्रा जी ने लवली और गुड्डू से अपने पास आने का इशारा किया और फिर बड़ा भाई होने के नाते पहले लवली के हाथो अमन का तिलक करवाया और फिर गुड्डू के हाथो ,, लवली का मन ख़ुशी और अपनेपन से भारी हो चला था। मिश्रा जी उसे इस घर में कितनी अहमियत दे रहे थे। उसने अमन का तिलक किया उसे शगुन दिया और फिर साइड में चला आया। गुड्डू ने भी वही किया और फिर दूसरे काम देखने लगा।

शर्मा जी जब से आये थे अपने मुँह पर रुमाल लगाकर बैठे थे। बगल में बैठे गुप्ता जी ने देखा तो उनकी तरफ झुककर कहा,”का बात है शर्मा मुँह काहे छुपाये हो , कोनो कांड कर दिए का ?”
शर्मा जी ने सुना तो गुप्ता जी को घूरकर देखा और कहा,”काण्ड तो सालों पहिले तुम किये रहय गुप्ता जोन गोलू जैसी औलाद पैदा किये”

“हाँ यार शर्मा ! पहली बार तुम्हरी बात पर सहमत है हमहू , जे साले गोलुआ ने पुरे घरवालों के नाक मा दम कर रखा है,,,,,,,कुत्ते की दुम सीधी हो सकती है पर जे गोलुआ नाही सुधर सकता,,,,,,,,,,,पिंकिया बताय रही सबेरे कि कल रात तुम्हरे घर आये रहय महाराज और दारू पीकर हंगामा किये रहय”,गुप्ता जी ने अफ़सोस भरे स्वर में कहा
“हंगामा,,,,,,,,,जे किये है तुम्हारे गोलू महाराज कल रात दारू पीकर”,शर्मा जी ने अपने मुँह से रुमाल हटाकर कहा
गुप्ता जी ने जैसे ही शर्मा जी की उड़ी हुई मुछो को देखा जोर से हंस पड़े ,

वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पेट पकड़कर हसने लगे। उन्हें अचानक ऐसे हसंते देखकर सभी हैरान रह गए। मिश्रा जी ने देखा तो गुड्डू से इशारा किया कि गुड्डू उन्हें यहां से लेकर जाए।
गुड्डू ने गुप्ता जी को उठाया और अपने साथ ले जाते हुए कहा,”अरे चचा ! का हुआ आपको ? आईये आईये आप हमाये साथ आईये,,,,,,,,,,,!!!!”

गुप्ता जी से बचने के लिए गोलू बाहर ही खड़ा था और गुड्डू ने गुप्ता जी को उन्ही के बगल में लाकर खड़ा कर दिया। गोलू जैसे ही पलटा गुप्ता जी ने हँसते हुए कहा,”कमाल कर दिये गोलू गुप्ता , अपने ही ससुर को मुछमुंडा कर दिए,,,,,,,,,,,,,!!!”
गुप्ता जी को हँसते देखकर गोलू को लगा कि गुप्ता जी उस से नाराज नहीं है तो उसने मुस्कुरा कर कहा,”अरे पिताजी वो बस,,,,,,,,,,,!!!”

गुप्ता जी ने एक थप्पड़ गोलू को मारा और एकदम से सीरियस होकर कहा,”लाज-शरम का नींबू पानी मा घोलकर पी गए हो गोलू गुप्ता,,,,,,,,,,अबे तुम्हरे ससुर है उह्ह साले तुमहू ओह्ह्ह की मुछे ही उड़ा दिए,,,,,,,,,!!!”
थप्पड़ खाकर गोलू का पारा चढ़ा वह गुप्ता जी का खून करने के इरादे से उनके पीछे लपका लेकिन गुड्डू ने उसे रोक लिया और कहा,”अबे जाने दो गोलू पिताजी है तुम्हाये,,,,,,,,,,!!!”

गोलू गुस्से में था अब गुस्सा कही तो निकलना था इसलिए घूमकर एक घुसा गुड्डू को ही दे मारा। गोलू से घुसा खाकर गुड्डू भी गुस्से से उबल पड़ा और एक घुसा वापस गोलू को मारकर कहा,”अबे हमको काहे मार रहे हो , हम का किये ?”
गोलू ने फिर एक घुसा गुड्डू को दे मारा और दाँत पीसते हुए कहा,”बस गुड्डू भैया ! एकदम से हमे आपके हम पर किये अहसान याद आ गए,,,,,,,,,,,,!!!”

बस फिर क्या था गुड्डू और गोलू आपस में ही उलझ पड़े , कभी लात , कभी घुसे तो कभी दोनों एक दूसरे के बाल नोचते नजर आये। थककर दोनों एक दूसरे से दुरी बनाकर सीढ़ियों पर आ बैठे और हाफने लगे। गोलू एक तो सुबह से नहाया नहीं था ऊपर से गुड्डू से मार खाकर और ज्यादा फटेहाल हो चुका था। गुड्डू गुस्से से गोलू को घूर ही रहा था कि तभी उसका फोन बजा। गुड्डू ने फोन कान से लगाया और अगले ही पल उसके चेहरे का रंग उड़ गया।

चकिया , चंदौली
“चचा ! बिंदिया खाना नाही खा रही है”,लड़के ने आकर घर का बाहर बैठे मंगेश से कहा
मंगेश ने हाथ में पकड़ी सिगरेट फेंकी और उठाकर अंदर चला आया। उसने देखा कमरे के कोनो में बैठी बिंदिया ने अपना सर घुटनो में छुपा रखा था। मंगेश ने लड़के से खाने की थाली लाने का इशारा किया। लड़का थाली लेकर आया और मंगेश को थमा दी। मंगेश खाने की थाली लेकर बिंदिया के सामने आ बैठा और कहा,”बिंदिया ! ए बिंदिया ! खाना काहे नाही खाय रही हो बिटिया ?”

बिंदिया ने अपना सर उठाया और सामने बैठे मंगेश को देखा , उसकी आँखों में आँसू थे चेहरे पर उदासी साफ़ दिखाई दे रही थी। उसने रुंधे गले से कहा,”हमको जे ब्याह नाही करना है पिताजी”
मंगेश ने सुना तो गुस्से के भाव उसके चेहरे पर झिलमिलाने लगे और उसने कहा,”हमने तुम्हरा जवाब नाही मांगा है बिंदिया , तुम्हारा रिश्ता हमहू बिकास के साथ तय कर दिए है और दुइ दिन बाद उह्ह बारात लेकर हमरे घर आ रहा है

तुम्हरे पास दुइ दिन है खुद को शादी के लिए तैयार करो वरना तुम्हरी लास के साथ भी फेरे पड़वाने रहे तो हमहू पड़वा देंगे,,,,,,,,,,,चुपचाप जे खाना खाओ और अपनी शादी की तैयारी करो,,,,,,,,,,!!!
बिंदिया ने सूना तो उसका दिल धक् से रह गया। उसके पिताजी इतना कठोर कैसे हो सकते है ? उसने हिम्मत करके कहा,”पिताजी , हमको जे शादी नाही करनी है पिताजी हमहू लवली से पियार,,,,,,,,,,,,,!!!”

बिंदिया ने अपनी बात पूरी ही नहीं कि उस से पहले मंगेश ने उसके बालों को पकड़ा और गुस्से से कहा,”नाम नाही लेना उह्ह्ह नमकहराम का हमाये सामने , ओह्ह की वजह से हमहू जेल गए , ओह्ह्ह के बाप के खून का हम पर झूठ इल्जाम लगा और तू कहती है तू उस से पियार करती है,,,,,,,जाबन काट देंगे तुम्हायी समझी”

“का कर रहे हो बिंदिया के बापू ?”,बिंदिया की अम्मा ने उसे छुड़ाने की कोशिश की तो मंगेश ने उसे धक्का देकर साइड किया और गुस्से से कहा,”ए ! कान खोलकर सुन ल्यो तुम दोनों हमायी बात जे सादी होकर रहेगी और अगर किसी ने जियादा चू-चपड़ की तो पहले ओह्ह्ह की कब्र खोद देंगे हम,,,,,,,,,,,,,खाना है खाओ वरना मत खाओ , दुइ दिन खाना नाही खाओगी तो मर नाही जाओगी”

मंगेश ने गुस्से से कहा और पैर पटकते हुए वहा से चला गया।
मंगेश की लवली के प्रति नफरत और गुस्सा देखकर बिंदिया फूट फूट कर रो पड़ी
अम्मा ने उसे अपने सीने से लगाया और चुप कराते हुए कहा,”चुप हो जाओ बिटिया ! हम सबकी भलाई इसी मा है कि हम उनकी बात मान ले”

“अम्मा हमहू लवली से बहुते प्रेम करते है हम किसी और से ब्याह नाही कर सकते अम्मा , पिताजी को समझाओ अम्मा हमहू लवली के बिना नहीं रह पाएंगे”,बिंदिया ने रोते हुए कहा
अम्मा ने उसका सर सहलाया और कहा,”बिटिया ! अगर लबली को सच मा तुमसे पिरेम होता तो का उह्ह तुम्हे हिया छोड़कर कानपूर जाता,,,,,,,,,,ओह्ह्ह का भूल जाओ बिटिया ओह्ह्ह का भूल जाओ”
बिंदिया ने सुना तो उसकी आँखों के सामने लवली का चेहरा आने लगा और आँखों में भरे आँसू बह गए। 

Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29

Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29Manmarjiyan Season 4 – 29

  • Continue With Manmarjiyan Season 4 – 30
  • Visit http://sanjanakirodiwal.com
  • Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल 

Manmarjiyan Season 4
Manmarjiyan Season 4 by Sanjana Kirodiwal
Manmarjiyan Season 4
Manmarjiyan Season 4 by Sanjana Kirodiwal

अम्मा हमहू लवली से बहुते प्रेम करते है हम किसी और से ब्याह नाही कर सकते अम्मा , पिताजी को समझाओ अम्मा हमहू लवली के बिना नहीं रह पाएंगे”,बिंदिया ने रोते हुए कहा
अम्मा ने उसका सर सहलाया और कहा,”बिटिया ! अगर लबली को सच मा तुमसे पिरेम होता तो का उह्ह तुम्हे हिया छोड़कर कानपूर जाता,,,,,,,,,,ओह्ह्ह का भूल जाओ बिटिया ओह्ह्ह का भूल जाओ”
बिंदिया ने सुना तो उसकी आँखों के सामने लवली का चेहरा आने लगा और आँखों में भरे आँसू बह गए। 

अम्मा हमहू लवली से बहुते प्रेम करते है हम किसी और से ब्याह नाही कर सकते अम्मा , पिताजी को समझाओ अम्मा हमहू लवली के बिना नहीं रह पाएंगे”,बिंदिया ने रोते हुए कहा
अम्मा ने उसका सर सहलाया और कहा,”बिटिया ! अगर लबली को सच मा तुमसे पिरेम होता तो का उह्ह तुम्हे हिया छोड़कर कानपूर जाता,,,,,,,,,,ओह्ह्ह का भूल जाओ बिटिया ओह्ह्ह का भूल जाओ”
बिंदिया ने सुना तो उसकी आँखों के सामने लवली का चेहरा आने लगा और आँखों में भरे आँसू बह गए। 

#Banaras#haanYeMohabbatHai#Love-You-Jindgi#Lovestory#MainTeriHeer#Manmarjiyan#Romantic_novel#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalsanjanakirodiwal
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Pasandida Aurat Season 2 – 49
next post
Manmarjiyan Season 4 – 30

You may also like

Manmarjiyan Season 4 – 70

June 26, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 69

June 25, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 68

June 24, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 67

June 23, 2026

Manmarjiyan season 4 – 66

June 22, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 65

June 18, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 64

June 17, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 63

June 16, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 62

June 14, 2026

Manmarjiyan Season 4 – 61

June 12, 2026

1 comment

Tamboli March 26, 2026 - 4:15 pm

Madam,
jitna sijan 1 aur 2 padne me achha laga utna sijan 3 aur 4 me nhi pata nhi Q aur jitne bhi story apne likhi he vo sab padkar dil ko sukun mila h thank you so mach mam

Reply

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal