Sanjana Kirodiwal
Manmarjiyan Season 5

Manmarjiyan Season 5 – 19

by Story With Sanjana August 6, 2026
written by Story With Sanjana August 6, 2026 0 comments
1

Manmarjiyan Season 5 – 19

Manmarjiyan Season 5
Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal

मंगल फूफा पिंकी को मनाने गए लेकिन पिंकी ने उन्हें भी नहीं बक्शा और पाउडर का डिब्बा उनके मुँह पर फेंककर मारा। पाउडर से सने मंगल फूफा गोलू के सामने चले आये। मंगल फूफा की हालत देखकर गोलू को उन पर दया आ गयी इसलिए उसने मंगल फूफा की तरफ पानी का गिलास बढ़ा दिया। मंगल फूफा ने पानी पीया और गिलास गोलू की तरफ बढ़ा दिया।

गोलू ने गिलास में बचा हुआ पानी खुद पीया और बहुत ही सस्पेंस भरे स्वर में कहा,”इह पिंकिया तो हमायी सोच हमायी सोच से भी जियादा खतरनाक निकली फूफा , अब का करे ? का दिनभर ऐसे ही तौलिये मा खड़े रहेंगे ?”
मंगल फूफा ने मुँह पर लगे पाउडर को पोछा और कहा,”गोलू हमको नाही लगता फुलवारी के साथ तुमको देखकर पिंकी को इत्ता गुस्सा आया होगा”
“तो फिर ?”,गोलू ने पूछा

“का पतो तुमहू कोनो और काण्ड किये हो ?”,मंगल फूफा ने भी गोलू की तरह सस्पेंस में कहा
गोलू ने मंगल फूफा को घुरा और अपने हाथ की चार उंगलिया दिखाकर कहा,”ए फूफा ! हमाओ नाम गोलू है जे का मतलब इह नाही कि साला हमहू दिनभर काण्ड ही करते रहेंगे,,,,,,,,,,,,अरे उह्ह्ह पक्का फुलवारी को देखकर भड़की है,,,,,,,,,,और दरअसल बात का है ना फूफा कि पिंकिया को फुलवारी से नाही बल्कि  हमाये टेस्ट से परोब्लम है ! अब कहा हम और कहा फुलवारी”
“तो अब कैसे मनाई हो पिंकी को ?”.मंगल फूफा ने कहा

गोलू ने अपने दोनों हाथो से तौलिये को पकड़ा ये देखकर मंगल फूफा ने अपनी आँखों पर हाथ रख लिया और कहा,”छी छी गोलू ! इह का कर रहे हो , ऐसे मनाओगे पिंकी को”
“अरे तौलिये टाइट कर रहे है , का फूफा पाउडर मुँह से होकर दिमाग मा चला गवा का ?”,गोलू ने कमर पर बंधे तौलिये को कसते हुए कहा

मंगल फूफा ने अपना हाथ हटाया। गोलू ने सोफे पर पड़े अपने फोन को उठाया और फूफा की तरफ आकर किसी का नंबर डायल करने लगा ये देखकर मंगल फूफा ने कहा,”किसे फोन कर रहे हो ?” “फूफा मान लो प्रोडक्ट मा कोनो डिफेक्ट हो तो तुमहू कहा जाओगे ?”,गोलू ने फोन कान से लगाकर कहा
“जहा से खरीदा है वही जायेंगे”,मंगल फूफा ने मासूमियत से कहा

“और मान लो दुकान वाला प्रोडक्ट को लेकर अपने हाथ खड़े कर दे तब कहा जाओगे ?”,गोलू ने फिर पूछा
“फिर तो फैक्ट्री मा जायेंगे जहा से उह्ह्ह प्रोडक्ट बनकर आया है”,मंगल फूफा ने कहा
“हाँ तो हम भी वही कर रहे है पिंकिया के बाप को फोन लगाय रहे है”,गोलू ने कहा
“कित्ते हरामी हो तुमहू गोलू,,,,,,,,,,,,,अरे पिंकी गुस्सा है जे मा ओह्ह्ह का बाप का कर लेही है ?’,मंगल फूफा ने कहा  

गोलू मंगल फूफा की बात का जवाब देते इस से पहले ही शर्मा जी ने फोन उठा लिया और कहा,”हेलो,,,,,,,,,,!!!”
“पाय लागू ससुर जी”,गोलू ने अपने शब्दों में डेढ़ किलो शक्कर घोलकर कहा
शर्मा जी ने सुना तो बेचारे गिरते गिरते बचे क्योकि आज से पहले तो गोलू के मुँह से इतने प्यारे बोल नहीं फूटे थे फिर अचानक ये चमत्कार कैसे हो गया ?
“का हुआ है आपको ? कुछो उलटा सीधा खा लिए का ?”,शर्मा जी ने गोलू को ताना मारकर कहा

“10-20 थप्पड़ और 50 ठो गालियों के अलावा कुछो नाही खाये है सुबह से,,,,,,,,,,,,!!!”,गोलू ने मुँह बनाकर कहा  
“तो का चाहते है आपको 56 भोग खिलाये ?”,शर्मा जी ने चिढ़कर कहा
56 भोग का नाम सुनते ही गोलू को मिश्रा जी वाली मार याद आ गयी और उसने चिढ़कर कहा,”बस बस बस आपके जे ही तानों की वजह से हम आपसे तमीज से बात नाही कर पाते , अरे आप का हमे 56 भोग खिलाएंगे , भूखे नंगे खानदान से नाही है हम समझे,,,,,,,,,,,,,!!!”

कहा गोलू ने शर्मा जी को पिंकी को समझाने के लिए फोन किया था और कहा वह खुद ही शर्मा जी से उलझ पड़ा ये देखकर गोलू के पास खड़े मंगल फूफा ने गोलू का कंधा दबाकर दबे स्वर में कहा,”का कर रहे हो गोलू ? तुमने उनको पिंकी के बारे में बताने के लिए फोन किया है कि उनसे झगड़ा करने के लिए ? अबे ठीक से बात करो,,,,,,,,,,!!!”

गोलू होश में आया और एक बार फिर अपने शब्दों को चाशनी से भी मीठा बनाकर कहा,”ससुर जी ! सुनिए ना”
“बको”,शर्मा जी अभी भी चिढ़े हुए थे
“अरे उह्ह्ह अपनी बिटिया को समझाइये ना , हमको कमरे मा नाही घुसने दे रही है और तो और खाली तौलिये में नंगा खड़े करके रखा है हमे घर के आँगन मा”,गोलू ने शर्मा जी को अपनी आपबीती सुनाई

“हमायी बिटिया से ब्याह हम से पूछ के किये थे ? तब तो एक टाँग पर खड़े होकर हमसे कहे रहे हमको तो पिंकिया से ही सादी करनी है”,शर्मा जी ने गुस्से से कहा
“तो ?”,गोलू ने चौंककर कहा
“तो का अब भुगतो और दोबारा हमको फोन किया ना तो घर पर आकर मारेंगे बताय रहे है,,,,,,,,,,,,,,,फोन रखिये”,शर्मा जी ने तो गोलू की एक आखिरी उम्मीद ही खत्म कर दी

गोलू ने तुरंत फोन नहीं काटा क्योकि शर्मा जी के बाद उसके कानो में शर्माईन की आवाज भी पड़ी जो कि शर्मा जी से कह रही थी,”का कर रहे है आप , घर के इकलौते दामाद से कोई ऐसे बात करता है क्या ?”
ये सुनकर गोलू मुस्कुराया लेकिन अगले ही पल उसका मुँह बन गया जब शर्मा जी ने कहा,”अरे काहे का दामाद , उह्ह्ह्ह वो अवसाद है जो किसी भी उम्र मा आ जाता है और इंसान की जिंदगी तबाह कर देता है”
गोलू कुछ कहता इस से पहले शर्मा जी ने फोन काट दिया और गोलू ने फोन कान से हटाकर मायूसी से फूफा को देखा तो फूफा ने कहा,”का हुआ बात बनी ?”

गोलू ने फोन वापस सोफे पर फेंका और गुस्से से कहा,”जब तक हमाओ उह्ह्ह चांडाल ससुर ज़िंदा है मजाल है उह्ह्ह्ह हमरा कोनो काम बनने दे , अरे मुँह पर मना कर दिया”
“तो अब का करोगे ?”,मंगल फूफा ने पूछा
“अब एक ही रास्ता है फूफा,,,!”,गोलू ने गुस्से से भरकर कहा और पेट पटकते हुए अपने कमरे की तरफ चला गया

“अरे जे गोलुआ कही गुस्से मा आकर पिंकी बिटिया को नुक्सान ना पहुंचा दे , हमे जाकर ओह्ह का रोकना होगा”,मंगल फूफा ने परेशानी भरे स्वर में खुद से कहा और गोलू के पीछे उसके कमरे की तरफ आये लेकिन जैसे ही मंगल फूफा ने अंदर अपने कदम रखे हैरानी से उनकी आँखे फ़ैल गयी और मुँह खुला का खुला।  
गुस्से में दनदनाते हुए जो गोलू महाराज अपने कमरे में गए थे वो अब पिंकी के पैरो को अपने दोनों हाथो से पकडे उसके सामने दंडवत लेटे हुए थे और गिड़गड़ा  रहे थे।

गोलू को ऐसे देखकर मंगल फूफा ने कहा,”गोलू ! तुमहू इतना गिर जाओगे इह तो हमने कबो नाही सोचा था,,,,,,,,,,,,खैर लगे रहो हम चलते है”
गोलू और पिंकी को अकेले छोड़कर मंगल फूफा बाहर चले आये

मिश्रा जी के कहने पर गुड्डू रूपा को लेकर नवरतन के घर चल पड़ा।  अब जैसा गुड्डू था वह शगुन के अलावा बाकि सब औरतों से दूर ही रहता था। जबसे शगुन उसकी जिंदगी में आयी थी उसने अपना सारा प्यार , सारी शरारत शगुन के सामने जाहिर की।  ना वह किसी से ज्यादा हंसी मजाक करता और ना ही किसी से बात,,,,,,गुड्डू अपनी बाइक पर बहुत आगे खिसक कर बैठा था और रूपा और अपने बीच में एक फ़ासला रखे हुए था लेकिन रूपा ब्रेक लगने से बार बार गुड्डू पर आ गिरती जिस से गुड्डू चिढ़ने लगा

जब उस से नहीं रहा गया तो उसने बाइक रोकी और अपनी गर्दन पीछे घुमाकर कहा,”का कर रही है आप ? ठीक से बैठिये ना,,,,,,,,,,,इत्ता स्पेस दिए तो है आपको”
गुड्डू की बात सुनकर रूपा चिढ गयी और पीछे खिसककर बैठ गयी और इस बार बाइक के हेंडल को भी कसकर पकड़ लिया। गुड्डू ने इस बार गजब कर दिया रूपा को स्पेस देने के चक्कर में खुद बाइक की टंकी पर आ बैठा और बाइक आगे बढ़ा दी।

कुछ देर बाद दोनों नवरतन के घर पहुंचे। घर के बाहर ही नवरत्न की सिलाई की दूकान थी।  गुड्डू ने बाइक साइड में लगाईं और रूपा को साथ लेकर दूकान के अंदर आया लेकिन नवरत्न वहा नहीं था। गुड्डू ने दूकान पर घर के बीच बने दरवाजे से अंदर झांककर नवरत्न को आवाज लगाईं,”चचा , ओह्ह्ह चचा , अरे अंदर हो का ?”
नवरतन ने गुड्डू को तो कोई जवाब नहीं दिया लेकिन अगले ही पल गुड्डू और रूपा के कानों में बाहर से अंदर आते नवरतन की आवाज पड़ी। गुड्डू पलटा और देखा नवरत्न अपने हाथ में एक गुलाब का फूल लिया अंदर आते हुए रूपा से कह रहा था

“आपके आने से घर में कितनी रौनक है”
ये कहते हुए नवरतन ने दूकान की सभी लाईटे जला दी जिस से पूरी दूकान रौशनी से जगमगा उठी ये देखकर रूपा नवरत्न को देखते हुए हल्का सा मुस्कुराई तो नवरतन उसके सामने आया और कहा,”आपको देखे कभी , अपने घर को देखे हम”

आज से पहले किसी ने रूपा की इस अंदाज में तारीफ बिल्कुल नहीं की थी , नवरतन की शायरी सुनकर तो वह पिघल ही गयी। रूपा को मुस्कुराते देखकर नवरतन ने हाथ में पकड़ा गुलाब रूपा की तरफ बढाकर कहा,”ये नाचीज आपको क्या ही दे सकता है ? बस दिल समझकर ये फूल दे सकता है,,,,,,,,,,गुलाब का इह फूल आपके लिए रूपा जी,,,,,,,!!!!”

रूपा ने शर्माते हुए नवरतन से वह फूल ले लिया क्योकि ना कहने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता।
नवरतन की ये नौटंकी देखकर गुड्डू उसके पास आया और कहा,”अगर इह फूल है तो जे की पत्ती कहा है ?”
“उह्ह तो हम बनेंगे ना,,,,,,,,,,,!!”,नवरतन ने रूपा की तरफ देखकर कहा तो रूपा शर्मा गयी और ये देखकर गुड्डू रूपा को पीछे करके नवरतन के सामने आया और कहा,”उह्ह्ह बाद मा बनना पहिले नाप लेइ ल्यो”

नवरतन ने सुना तो थोड़ा गुड्डू के करीब आया और दबे स्वर में कहा,”अरे का गुड्डू ! रूपा हमसे इम्प्रेस होने वाली थी और तुमहू बीच मा आकर नाप लेने देने की बात कर रहे हो”
“रूपा का ही नाप लेना है”,गुड्डू ने दाँत पीसकर कहा
“का ? रूपा जी का नाप , अरे तो पहिले बताना था ना हमहू तो कुछो और ही सोच लिए,,,,,,,,,,हटो ज़रा देखने दयो हमे”,नवरतन ने खुश होकर कहा और गुड्डू को साइड करके एक बार फिर रूपा के सामने आ खड़ा हुआ

नवरतन ने अपना एक हाथ दूसरे हाथ की कोहनी से लगाया और दूसरा हाथ अपनी ठुड्डी से लगाकर अपनी ऊँगली से गाल थपथपाते हुए रूपा को सर से लेकर पांव तक देखा और कुछ देर खामोश रहने के बाद एकदम से ख़ुश होकर कहा,”अरे नाप-वाप तो होता रहेगा , रूपा जी इह बताईये का खाएंगी आप ?”
“खाना खाकर आये है”,पीछे खड़े गुड्डू ने कहा

“हाँ तो तुमहू रहन दयो”,नवरतन ने पलटकर गुड्डू से कहा और फिर रूपा की तरफ पलटकर बड़े प्यार से कहा,”हाँ रूपा जी आप बताईये का खाएंगी आप ? जलेबी , समोसा , कचोरी , मोहनथाल , इमरती , रसमलाई का खाएंगी बताईये”
“अरे इह सब रहने दीजिये ना , आप बस नाप ले लीजिये”,रूपा ने कहा
“अरे आप का पराई है जो रहने दे,,,,,,,,,अरे आप तो अपनी है”,नवरतन ने बड़े प्यार से कहा तो पीछे खड़े गुड्डू ने ऊँचे स्वर में फिर कहा,”कबसे बे ?”

“सुबह 8 बजकर 35 मिनिट के बाद से,,,,,,,,,,!!!”,नवरतन ने चिढ़कर गुड्डू से कहा और फिर रूपा की तरफ देखकर बोले,”हमाये बगल वाली दुकान के समोसे बहुते फेमस है , हरी चटनी के साथ तो बहुते बढ़िया लगते है,,,,,,,,,,आप बैठिये हमहू अभी लेकर आते है,,,,,,,,,,,साथ मा चाय भी बोल देंगे”
रूपा नवरतन को मना करती तब तक नवरतन जाने के लिए पलट चुका था। नवरतन गुड्डू के पास आया और कहा,”हम ज़रा आते है तब तक ख्याल रखना रुपए जी का”

“काहे ? उह्ह का सुई धागा है जो खो जाएगी ?”,गुड्डू ने चिढ़कर कहा क्योकि नवरतन रूपा के सामने कुछ ज्यादा ही हीरो बन रहा था।
“मजाक बहुते करते हो तुमहू गुड्डू , गुस्सा नाही करो तुम्हाये लिए भी एक ठो चाय और समोसा बोल देंगे”,कहते हुए नवरतन दूकान से बाहर चला गया

नवरतन के जाने के बाद गुड्डू रूपा के पास आया और कहा,”उनको मना काहे नाही की आप ? हमहू हिया नाप देने आये है समोसा जलेबी खाने नाही”
“अब उह्ह इत्ता पियार से कह रहे है तो खा लेते है ना”,रूपा ने कहा क्योकि नवरतन के साथ साथ वह भी चाहती थी कि वह किसी न किसी बहाने से ही सही थोड़ी देर यहाँ रुके,,,,,,,,!

रूपा की बात सुनकर गुड्डू समझ गया कि रूपा के दिमाग में मंगल फूफा के नाम की खिचड़ी जल चुकी है और अब नवरतन के नाम की बिरयानी पक रही है।
उसने रूपा से कुछ नहीं कहा और दुकान के बाहर चला आया। गुड्डू अपने नाख़ून चबाते हुए मंगल फूफा के बारे में सोचने लगा और फिर सहसा ही उसे गोलू से किया वादा याद आ गया। अब तो गुड्डू और परेशान हो गया। उसने अपना फोन निकाला और गोलू का नंबर डायल किया।

बाहर सोफे पर पड़ा गोलू का फोन बजा। अब गोलू था अपने कमरे में ये देखकर मंगल फूफा ने फोन उठाया और उठाकर कान से लगा लिया। मंगल फूफा कुछ कहते इस से पहले दूसरी तरफ से गुड्डू ने परेशानी भरे स्वर में कहा,”हेलो गोलू ! कहा हो तुम ? देखो अभी हमसे कोई सवाल नाही करना , अपना स्कूटी उठाओ और तुरंत पहुंचो नवरतन के हिया ,, हमहू रूपा को लेकर आये है”

गुड्डू ने ये भी नहीं सुना कि फोन के दूसरी तरफ गोलू है भी या नहीं उसने बस अपनी बात कही और फोन काट दिया। मंगल फूफा जब सुना कि गुड्डू खुद उनकी रूपा को लेकर नवरतन के पास गया है तो उनका तो दिल ही बैठ गया। अब जैसी ये कहानी है और इस कहानी के किरदार है उस हिसाब से सीधी बात को कोई उलटा ना समझे ऐसा भला कैसे हो सकता है ? मंगल फूफा ने भी गुड्डू की बात का उलटा ही मतलब निकाला और जोर से चिल्लाये,”गोलूउउउउउउउ,,,,,,,,,,,,,!!!!”

 पिंकी से माफ़ी मांगकर गोलू उसके कदमो से उठा ही था कि मंगल फूफा की चीख़ सुनकर बेचारा घबराकर फिर नीचे आ गिरा और अपना सर उठाकर पिंकी से कहा,”जे मंगल फूफा काहे चिल्ला रहा है ?”
“हमे का पतो ? जे घर नाही चिड़ियाघर है”,पिंकी ने  मुँह बनाकर कहा और ड्रेसिंग के सामने आकर अपने बाल बनाने लगी। गोलू उठा और कमरे से बाहर निकल गया लेकिन बाहर का नजारा तो और भी भयानक था गुस्से से लाल मंगल फूफा हाथ में कटहल काटने वाला बड़ा सा छुरा लेकर हॉल में यहाँ से वहा घूम रहे थे।

( क्या गोलू का चांडाल ससुर कभी समझ पायेगा उस बेचारे के हालात ? क्या रूपा को लेकर सच होने वाला है गुड्डू का शक ? फूफा के हाथ में छुरा देखकर क्या होगा गोलू का रिएक्शन ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “मनमर्ज़ियाँ सीजन 5” मेरे साथ )

Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19

Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19Manmarjiyan Season 5 – 19

Continue With https://sanjanapoet.com/manmarjiyan-season5-20/

Read ManmarjiyanSeason3

Follow Me On https://www.instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल

Manmarjiyan Season 5
Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal
Manmarjiyan Season 5
Manmarjiyan Season 5 by Sanjana Kirodiwal
#Manmarjiyan#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalmanmarjiyanManmarjiyan Funny StoryManmarjiyan season 5manmarjiyan season 5 sanjana kirodiwalSanjana Kirodiwal Manmarjiyan
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Pasandida Aurat Season 3 – 26
next post
Pasandida Aurat Season 3 – 27

You may also like

Manmarjiyan Season 5 – 42

October 5, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 41

October 3, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 40

October 1, 2026

Manmarjiyan Seaspn 5 – 39

September 29, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 38

September 27, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 37

September 25, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 36

September 23, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 35

September 21, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 34

September 19, 2026

Manmarjiyan Season 5 – 33

September 15, 2026

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal