Sanjana Kirodiwal
Ranjhana

रांझणा -14

by Story With Sanjana October 27, 2023
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Ranjhana – 14

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Ranjhana

Ranjhana By Sanjana Kirodiwal

Ranjhana – 14

शिवम् गाड़ी में ड्राइवर सीट पर आ बैठा, सारिका भी आकर उसकी बगल में बैठ गयी l मुरारी और राधिका भी आकर जीप में सवार हो गए l शिवम् ने गाड़ी स्टार्ट की और वहा से निकल गए l शिवम् और सारिका दोनों ही खामोश है बस राधिका और मुरारी ही कुछ न कुछ बोले जा रहे है l

गाड़ी चलाते हुए शिवम् की नजरे बार बार सारिका पर चली जाती उसने मन ही मन कहा,”आज सच में बनारस में भौकाल आ जाना है”
सारिका ने देखा शाम के समय बनारस की ये गलिया और भी खूबसूरत हो जाया करती है l

सारिका उनमे डूब सी गयी हर गली , हर मोड़ पर वह कुछ न कुछ खास देख ही लेती l सारिका को खोया हुआ देखकर मुरारी ने अपने कंधे से राधिका के कंधे पर हलके से मारा तो राधिका बोल पड़ी,”सारिका जी !!
“जी “,सारिका ने पीछे पलटकर कहा
“कैसा लगा आपको हमारा बनारस ?”,राधिका ने ख़ुशी से कहा
“बहुत अच्छा है , इस से खूबसूरत जगह हमारे लिए इस दुनिया में दूसरी नहीं है”,सारिका ने आँखों में चमक भरते हुए कहा


“और यहाँ के लोग ?”,इस बार कहते हुए राधिका ने अपने भाई शिवम पर नजर डाली
सारिका ने एक नजर शिवम् की और देखा और फिर राधिका की और देखकर कहा,”काफी दिलचस्प !”
राधिका मुस्कुरा दी l
“और हम ?”,मुरारी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा


“आप बहुत अच्छे है , वो क्या कहते है आपकी लैंग्वेज में ‘बहुते कंटाप’ “,सारिका ने कहा
“अरे वाह का बात है आप तो हमारे वाली भाषा सिख लिए , और आपके मुंह से लग भी बहुते बढ़िया रही है”,मुरारी ने ख़ुशी से भरकर कहा


“लेकिन ऐसी भाषा अगर मुंबई में बोलने लगे ना तो किसी को समझ नहीं आएगी उलटा उनको लगेगा हम उन्हें अपशब्द बोल रहे है”,सारिका ने कहा
“अब देखो बात इह है की जो मजा देहाती भाषा बोलने में है वो अंग्रेजी में बोलने में नाही , क्यों भैया सही बोल रहे के नाही”,मुरारी ने शिवम् से कहा

जवाब में शिवम् सिर्फ मुस्कुरा दिया l रोजाना से आज शिवम् ज्यादा ही चुप था मुरारी भी उसकी इस चुप्पी का मतलब समझ नहीं पाया फिर शिवम् को छेड़ते हुए कहा,”अरे भैया त्रिपाठी की लड़की वही है न जो उस रोज घाट पर मिली थी तुमको ?”


मुरारी के मुंह से ये बात सुनकर शिवम् को पिछली सारी बातें याद आ गयी जो वह याद करना नहीं चाहता था l उसने घुरकर मुरारी को देखा तो मुरारी ने सारिका से कहा,”आपको पता है सारिका जी , बनारस में दो ही चीजे फेमस है उह यहाँ के चौरासी घाट और दूसरे हमरे भैया l घाट इसलिए फेमस है क्योकी वहा पुरे दुनिया के लोग आते है और भैया इसलिए फेमस है क्योकि पुरे बनारस की लड़किया इनके पीछे है”
शिवम् मुरारी की बात सुनकर झेंप गया l एक तो वह पहले से ही खामोश था ऊपर से मुरारी उसे परेशान कर रहा था


“क्या सच में ?”,सारिका ने हैरानी से मुरारी से कहा
“अरे ! हाँ बिल्कुल , क्यों भैया ?”,मुरारी ने हल्के से शिवम् के कंधे को दबाते हुए कहा l
“क्यों हमारी पोल खोलने पर तुला है मुरारी , तुझे तो हम बाद में देख लेंगे”,शिवम् ने मन ही मन कहा और गाड़ी चलाता रहा उसने मुरारी की बात का कोई जवाब नहीं दिया लेकिन मन ही मन उसे खूब गालिया दे रहा था
“बनारस की लड़किया क्या बल्कि कोई भी लड़की इन्हे पसंद कर लेगी ये इतने अच्छे जो है”,सारिका ने शिवम् की और देखकर कहा


“राधू ग्रीन सिग्नल मिल रहा है”,मुरारी ने राधिका के कान में फुसफुसाते हुए कहा
सारिका के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर शिवम् को कुछ अच्छा लगा l उसने म्यूजिक चला दिया गाना बजने लगा
“बहुत खूबसूरत गजल लिख रहा हु , तुम्हे देखकर आजकल लिख रहा हु”
गाना सुनते ही मुरारी तपाक से बोल पड़ा,”भैया गजले वजले तो त्रिपाठी के लड़की भी लिखे रही तुमरे लिए ? नई”
मुरारी की बात सुनकर शिवम् ने गाना ही बदल दिया पर आज किस्मत ने शिवम् का साथ नहीं दिया दुसरा गाना बजने लगा


“मुझे इक पल चैन न आये सजना तेरे बिना , सजना तेरे बिना ………… !!”,
ये गाना तो पहले वाले गाने से भी ज्यादा टॉर्चर भरा था l कैसे ? वो मुरारी बताएगा


मुरारी ने जैसे ही गाने की पहली लाइन सुनी कहने लगा,”अरे भैया ! याद दिला दी आपने तो इस गाने से उनकी , त्रिपाठी की लड़की का नाम भी तो कुछ ऐसा ही था ‘सजना’ नई”
बेचारा शिवम् क्या कहता मुरारी से ? आज मुरारी पूरी तैयारी के साथ आया था ,

ऊपर से सारिका के सामने वो ये सब बोल रहा था पता नहीं सारिका उसके बारे में क्या सोचेगी ? इसी उधेड़बुन में लगा शिवम् गाड़ी चला रहा था l अब न तो उसकी सारिका को देखने की हिम्मत थी ना ही मुरारी को , उसने महादेव का नाम लिया और एक बार फिर गाना चेंज कर दिया पर महादेव भी आज तो उसके खिलाफ ही नजर आ रहे थे l गाना बजने लगा ,
”हम भूल गए रे हर बात , मगर तेरा प्यार नहीं भूले”


जैसे ही गाना बजना शुरू हुआ मुरारी की हंसी निकल गयी l झुंझलाकर शिवम् ने म्यूजिक ही बंद कर दिया l शिवम् का चेहरा देखकर सारिका भी धीरे धीरे मुस्कुराने लगी जैसे ही उसने मुरारी की तरफ देखा दोनों खिलखिलाकर हस पड़े l उन्हें हँसता देखकर राधिका भी उनमे शामिल हो गयी l शिवम् ने गाड़ी रोक दी l तीनो इस से बेखबर अभी भी हँसे जा रहे थे l हँसते हँसते मुरारी ने कहा,”अरे भैया जबे इतना प्यार था तो काहे नहीं कर दिए ”


शिवम् ने पलटकर मुरारी को घुरा तो वह खामोश हो गया और अगले पल फिर जोर जोर से हसने लगा और कहा,”अब हम का करे तुम गाने ही ऐसे चुन चुन के लगाय रहे”
“हां तो हम का करे गाड़ी तुम्हरी है , हमे का पता इस बारे में”,शिवम् ने गुस्से से कहा
“हां तो ऐसे गाने कौन सुनता है ? कोई ढंग का लगाओ”,मुरारी ने अपनी हंसी रोककर कहा
“अच्छा तुमको बड़ा पता है अच्छे गानो का’,शिवम् ने कहा


“बिल्कुल पता है , उह का है ना हमरी चॉइस है पुरे बनारस में हटके”,मुरारी ने जरा फैलते हुए कहा
“अच्छा तो फिर तुम हे सूना दो”,शिवम् ने कहा
इस बार मुरारी फस गया लेकिन वो हार मानने वालो में से नहीं था उसने गला साफ किया और गाने लगा


“काशी हिले, पटना हिले , कलकत्ता हिलेला
रे तोहरी लचके जद कमरिया , सारा जिला हिलेला
रे तोहरी लचके जद कमरिया , सारा जिला हिलेला”


सारिका का तो हंस हंस कर बुरा हाल था l किन नमूनों के बिच आ गयी थी वो लेकिन जो भी था मुरारी था बहुत ही फनी सारिका इस से पहले शायद ही कभी इतना हंसी होगी जितना के आज l ये कुछ वक्त उसकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत वक्त गुजरने वाला था l मुरारी ने शिवम् की और देखकर कहा ,”कैसा लगा ?
“बहुते बकवास”,शिवम् ने मुंह बनाते हुए कहा
“अच्छा लो फिर अच्छा वाला सुनाते है”,कहकर मुरारी फिर गाने लगा,”सजना तेरे प्यार में हम परदेशी हो गए रे , हम परदेशी हो गए रे”


अब तो शिवम् का गुस्सा सांतवे आसमान पर था वह गाड़ी से उतरा और चला गया l मुरारी ने रुकने को कहा लेकिन उसने उसकी एक नहीं सुनी l गाड़ी से कुछ दूर खड़ा शिवम् दूसरी तरफ देखने लगा l ऐसा वह कभी करता नहीं था पर शायद अतीत की यादें इतनी कड़वी थी की न चाहते हुए भी उसे ये मजाक बुरा लगा l शिवम् के जाने के बाद सारिका ने कहा,”हमे ऐसा नहीं करना चाहिए था , हमारे एक मजाक से उनके दिल को ठेस पहुंची”


“अरे सारिका जी आप ज्यादा मत सोचिये , इस बात से तो हम और राधिका उसे कई बार चिढ़ाते है बस आज उसने कुछ ज्यादा दिल पर ले लिया , आप फ़िक्र ना करो अभी खुदे ही आ जाएगा”,मुरारी ने कहा
“मुरारी भैया आज सजना की शादी है न हो सकता है इस वजह से अपसेट हो”,राधिका ने कहा
“वो सब तो ठीक है पर ये मेटर क्या है हम कुछ समझे नहीं”,सारिका ने हैरानी से दोनों के चेहरे देखते हुए कहा
“हम बताते है”,राधिका ने कहा


“अरे तुमको का पता है हम बताते है स्टोरी का है”,मुरारी ने राधिका को पीछे खींचते हुए कहा
“ठीक है आप बता दीजिये”,सारिका ने मासूमियत से कहा तो मुरारी एक पल के लिए उसके चेहरे में ही खो गया सारिका ने अपना हाथ उनके सामने हिलाते हुए कहा,”क्या हुआ , आप कुछ बता रहे थे”
“यार बहुते मासूम चेहरा है आपका , इतने प्यार से ना कहा करो किसी का दिल बाहर आ गिरेगा बताय रहे है”,मुरारी ने कहा


“लाइन मार रहे हो इनपे”,राधिका ने मुरारी को अपनी तरफ खींचकर फुसफुसाते हुए कहा
“तुम्हरा दिमाग ख़राब है का भाभी पर लाइन मारेंगे”,मुरारी ने भी फुसफुसाते हुए ही कहा
“अरे अब बताओगे भी आप लोग”,सारिका ने कहा


“हां हां बताते है , बड़ी बेसब्र हो रही है आप”,मुरारी ने कहा तो सारिका झेंप गयी l
“सजना राधिका की दोस्त है , राधिका के 12वी के एग्जाम में जब शिवम इसे एग्जाम सेंटर छोड़ने जाया करता था l

बस वह सजना की नजर शिवम् पर पड़ी और उसे शिवम् से प्यार हो गया वो का कहते है सच्चा वाला प्यार l कितने ही फूल , प्रेमपत्र , तोहफे भेजे उसने l शिवम् के लिए कुछ भी करने को तैयार हो गयी वो l बहुत प्यार था , शिवम् के घर रिश्ता भी भेज दिया अपने माँ बाबा के साथ , आई बाबा ने तो मान भी लिया पर हमरे भैया ने इंकार कर दिया l ओके बाद उसने जो भौकाल किया बनारस में ,, भोलेनाथ की कसम उसके जैसा प्यार कोई न करि होगा किसी को”,कहकर मुरारी चुप हो गया


“और शिवम् जी , क्या वो उनसे प्यार नहीं करते थे ?”,सारिका ने बेचैनी से पूछा
“अरे प्यार ना कहो इश्क़ कहो , जे प्यार था दोनों में के बस पूछो मत , एक लबालब बनारस वाला प्यार”,कहकर मुरारी राधिका की तरफ देखकर शरारत से मुस्कुरा दिया l


सारिका के चेहरे पर एक अलग ही भाव दिखाई देने लगा जैसे मुरारी की कही बात से उसे अच्छा ना लगा हो पर उसने अपने मन के भावो को छुपाते हुए कहा,”पर आज तो उनकी शादी है और आप सब लोग वहा जा रहे है”


“इसलिये तो भैया अपसेट है , वो भला उन्हें शादी करते हुए कैसे देख सकते है”,इस बार राधिका ने कहा
“फिर तो इन्हे नहीं जाना चाहिए “,सारिका ने कहा
”लेकिन जाना भी बहुते जरुरी है , त्रिपाठी की और से खास न्योता जो है”,मुरारी ने कहा
सारिका ख़ामोशी से दूर खड़े शिवम् को देखकर सोचने लगी,”ऐसा क्यों होता है ? जिस से प्यार करते है उसे पाने में इतनी परेशानिया क्यों आती है ,

और अगर सारी परेशानिया दूर हो जाये तो किस्मत धोखा दे जाती है और हमारी मोहबब्त हमारी आँखों के सामने किसी और की हो जाती है l बेचारे शिवम् जी , कोई लड़की उनका दिल कैसे तोड़ सकती है ?”
मुरारी और राधिका सारिका को शिवम् के लिए परेशान होते देखकर खुश हो रहे थे l

मुरारी तो यही चाहता था की शिवम् के ब्रेकअप की कहानी सुनकर सारिका को शिवम् से हमदर्दी हो जाये और फिर ये हमदर्दी प्यार में बदल जाये l धीरे धीरे वो सफल हो भी रहा था सारिका के दिल में शिवम् के लिए फीलिंग्स जगाकर l


“मुरारी भैया ! अब चलो भी कही ऐसा ना हो शादी हो जाए और हम विदाई के समय पहुंचे”,राधिका ने कहा
“हां हां चलते है लेकिन शिवम् को कौन बुलाकर लाएगा ? हम तो नहीं जा रहे कही गुस्से में आकर हमारी धुलाई का दे”,मुरारी ने कहा
“हम बुलाकर लाते है”,सारिका ने उतरते हुए कहा
“यही तो हम चाहते थे की भाभी जाये”,मुरारी ने ख़ुशी से राधिका से कहा


सारिका शिवम् के बगल में आकर हाथ बांधकर खडी हो गयी और सामने देखते हुए कहने लगी,”कितना मुश्क्लि होता है किसी की यादो के जीना , आगे जाकर ये मुश्किलें और बढ़ जाती है जब हमारी आँखों के सामने हमारी पसदं कीसी और की हो जाये l ऐसे में हमे हिम्मत से काम लेना पड़ता है जो गुजर गया उसे भूलकर आगे बढ़ना पड़ता है l ख़ुशी किसी न किसी रूप में हमे मिल ही जाती है”
“क्या कहानी सुनाई उन दोनों ने आपको ?”,शिवम् ने सारिका के चेहरे की और देखते हुए कहा


“कहानी जो भी अंत भला तो सब भला , अब चले देर हो रही है”,सारिका ने शिवम् की आँखों में देखते हुए कहा
शिवम् मुस्कुराया और सारिका के साथ कदम मिलाकर चलने लगा l चलते चलते अचानक से शिवम् का पैर लड़खड़ाया तो सारिका ने उसके हाथ को थाम लिया और उसे गिरने से बचा लिया l शिवम् बस उसकी आँखों में देखता ही रह गया और सोचने लगा,”अगर सम्हालने वाली आप जैसी होंगी तो हर कोई बार बार गिरना चाहेगा”


दूसरी और सारिका ने शिवम् की आँखों में देखते हुए सोचा,”चिंता मत कीजिये शिवम् जी , ये जख्म भी जल्दी ही भर जायेंगे और बहुत जल्द आपकी जिंदगी में कोई ऐसी आएगी जो आपको सम्हाल लेगी”
शिवम् से सारिका का ध्यान हटा तो उसने देखा सामने बैठे मुरारी और राधिका उसे ही देखे जा रहे थे l सारिका ने झट से शिवम् का हाथ छोड़ दिया और आकर गाड़ी में बैठ गयी l शिवम् गाड़ी के पास आया तो मुरारी और राधिका मुस्कुरा दिए l

दोनों ने अपने कान पकड़कर आँखों ही आँखों में शिवम् से माफ़ी मांग ली शिवम् ने भी मुस्कुराकर माफ़ी दे दी l वह आकर पीछे बैठ गया और मुरारी से गाड़ी चलाने को कहा l मुरारी आकर ड्राइवर सीट पर बैठ गया और सारिका से बातें करता हुआ गाड़ी चलाता रहा l बिच बिच में सारिका पलटकर शिवम् को देख लेती जैसे ही दोनों की नजरे मिलती एक पल को दोनों का दिल धड़क उठता l

मुरारी ने देखा तो उसने गाड़ी में लगा मिरर सेट कर दिया अब सारिका को पीछे पलटने की जरूरत नहीं थी वह सामने देखते हुए भी शिवम् का चेहरा देख सकती थी और शिवम् इस से बेखबर अपने ही किसी ख्याल में खोया हुआ था l


चारो त्रिपाठी जी के घर के सामने पहुंचे l मुरारी ने गाड़ी साइड में लगा दी चारो निचे उतरे
“राधिका तुम सब लोग अंदर चलो मै ये डिब्बे पहुंचाकर आता हु”,शिवम् ने कहा
“ठीक है भाई , पर जल्दी आना l”,राधिका ने कहा और फिर खुद मुरारी और सारिका के साथ चली गयी l


सारिका थोड़ा असहज महसूस कर रही थी उसे देखकर मुरारी ने कहा,”सारिका जी , खुलकर एन्जॉय कीजिये l”
जवाब में सारिका मुस्कुरा दी राधिका ने उसका हाथ पकड़ा और अंदर जाने लगी तभी दरवाजे पर खड़े कुछ लड़को ने सारिका को देखा तो बस नजरे उस पर जमा ली l सारिका ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया और राधिका के साथ अंदर चली गयी l सारे लड़को की नजर बस सारिका पर थी उनमे से एक ने कहा,”भाई इह तो मतलब एकदम जहर है”


“तो खा के मर जाओ”,पास खड़े मुरारी ने हथेली पर ऊँगली से मसाला रगड़ते हुए सहज भाव से कहा
“अरे मुरारी भैया , आप इधर शादी में’,एक लड़के ने कहा
मुरारी को देखते ही सब सकपका गए और सारिका से ध्यान हटा लिया l

मुरारी ने हथेली में रखा मसाला मुंह में रखा और लड़के के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा,”देखो बेटा ऐसा है जॉन लड़की को देख के अभी आँखे सेक रहे दोबारा ओके तरफ गलती से भी देखे तो हम बताय रहे है , कछु देखने लायक ना रहोगे”
“वो काहे भैया ?”,दूसरे लड़के ने पूछा


“बेटा भाभी है तुम्हारी और भाभी माँ समान होती है इज्जत करना सीखो वरना ऐसा तोड़ेंगे ना दिखाने लायक रहोगे ना बताने लायक l चलो फूटो यहाँ से”,कहकर मुरारी आगे बढ़ गया
अंदर आकर मुरारी ने एक कुर्सी पकड़ी और बैठ गया त्रिपाठी जी ने देखा तो वो उसके पास आये और अपने एक नौकर को उसकी सेवा में हाजिर रहने को कहा l

आखिर हमारे मुरारी भैया का भी कुछ तो दबदबा था l राधिका सारिका को लेकर अंदर हॉल में आई वहा राधिका को अपनी स्कूल की सहेलिया मिल गयी सारिका को वही रुकने का बोलकर राधिका चली गयी l

सारिका वही खड़ी अरेंजमेंट देख रही थी काफी अच्छा था सब l उस बनारसी साडी में वो इतनी अच्छी लग रही थी की सब उसी की तरफ देख रहे थे सारिका ने देखा मुरारी कुछ ही दूर बैठा है और लड़को से घिरा है l राधिका भी अपनी सहेलियो में बिजी थी l सारिका ने देखा शिवम् अभी तक नहीं आया है तो वह वापस बाहर आ गयी शिवम् गाड़ी से डिब्बे निकालकर रखवा रहा था l सारिका उसके पास आयी और उसके हाथ से डिब्बे लेकर कहा,”हम आपकी मदद कर देते है


सारिका ने इतना प्यार से कहा की शिवम् ना नहीं कह पाया उसने कुछ डिब्बे सारिका को दे दीये l दोनों साथ साथ अंदर जाने लगे जैसे ही शिवम् अंदर हॉल में आया जितने भी लोग बैठे थे उसे देखकर सब के सब खड़े हो गए और सब उसे नमस्ते करने लगे l सारिका को ये बड़ा अजीब लगा l शिवम् यही तो नहीं चाहता था कुछ तो था जो वह सारिका से छुपा रहा था l उसने सबको बैठने का इशारा किया और आगे बढ़ गया l सारिका अवाक् सी उसके पीछे चल दी l

शिवम् ने सारिका से डिब्बे लेकर रख दिये l सारिका शिवमं से कुछ पूछ पाती इस से पहले ही राधिका वहा आई और सारिका को अपने साथ ले जाते हुए कहा,”आईये आपको हमारी दोस्त से मिलाते है जिसकी आज शादी है”
सारिका राधिका के साथ चली गयी जाते जाते उसने एक बार पलटकर शिवम् की और देखा दोनों की नजरे एक दूसरे से मिली कितने ही सवाल थे सारिका की आँखों में जिन्हे शिवम् साफ साफ देख सकता था l

राधिका सारिका को लेकर दुल्हन के कमरे में आई , दुल्हन सजना के साथ साथ वहा कुछ और लड़किया भी थी l राधिका ने आगे बढ़कर उसे गले लगा लिया और शादी की मुबारकबाद दी l सजना ने सारिका की तरफ देखा तो बस काफी देर तक देखती रही और फिर राधिका से पूछा,”इह कौन है ?
“भैया की दोस्त है , बाहर से आई है”,राधिका ने कहा


“शादी मुबारक”,सारिका ने आगे बढ़कर सजना से कहा
“तुमरे भैया भी आये है हमरी शादी में ?”,सजना ने बिना सारिका की बात का जवाब दिए बेरुखी से राधिका से पूछा
“आये है”,राधिका ने धीरे से कहा
“हम ये शादी नहीं करना चाहते है राधिका , पापा ने जो लड़का देखा है ओह से हम बिल्कुल प्यार नहीं करते है , हम सच बताय रहे है अगर ये शादी हुई तो हम मर जायेंगे”,सजना का दर्द अपनी सहेली के सामने फुट पड़ा


“ये तुम का कह रही हो , तुमने तो कहा था शादी तुम्हारी मर्जी से हो रही है फिर ये सब”,राधिका ने हैरानी से कहा
“उह सब झूठ था राधिका पर हम इह शादी नहीं करना चाहते”,सजना की आँखों से आंसू बहने लगे
“तो तुम मना काहे नहीं कर देती ?”,राधिका ने कहा


“पापा मार डालेंगे हमे , हमारी वजह से पहले ही इतनी ठेस पहुँची है उनको जानती हो तुम l फिर से ऐसा कुछ नहीं करना चाहते”,सजना ने कहा
“तो अब क्या होगा ?’,राधिका घबरा गयी


“हमे तो कुछ भी समझ नहीं आ रहा है”,कहकर सजना फुट फुट कर रोने लगी
राधिका उसे चुप कराने लगी सामने खड़ी सारिका को अब समझ आया की सजना अभी भी शिवम से बहुत प्यार करती है और आज भी वह उसके वापस आने का इंतजार कर रही थी l सारिका वही खड़ी थी तभी सजना के पापा कमरे में आये और कहा,”मुहूर्त का समय हो गया है , सब बाहर तुम्हारा इंतजार कर रहे है”


सजना ने कोई जवाब नहीं दिया वह कभी राधिका तो कभी अपने पापा को देखती है l सजना को चुप देखकर उसके पापा आगे आये और उसका हाथ पकड कर उसे ले जाने लगे l सजना आसभरी नजरो से राधिका को देखने लगी लेकिन राधिका बेचारी क्या करती उसे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था l जैसे ही सजना सारिका के सामने से गुजरी सारिका ने उसका दूसरा हाथ पकड़कर उसे रोक लिया और कहा,”सजना ये शादी नहीं करना चाहती सर l “
सारिका की बात सुनकर सजना के पापा ने सजना का हाथ छोड़ दिया और सारिका के सामने आकर कहा,”क्यों नही करना चाहती ?
“क्योकि वो किसी और को पसंद करती है”,सारिका ने उनकी आँखों में देखते हुए कहा


उन्होंने थोड़ी सख्त आवाज में कहा,”देखो बेटा ये हमारे घर का मामला है तुम्हे इसमें पड़ने की जरूरत नहीं”
“सही है अंकल ! ये आपके घर का मामला है लेकिन आगे जाकर ये आपके परिवार का , रिश्तेदारों का , मोहल्ले का और समाज का मामला बन जाएगा”,सारिका ने सहज भाव से उनकी और देखकर कहा l


“वो अभी बच्ची है उसे इतना बड़ा फैसला लेने का भला क्या हक़ है”,उसके पापा ने कहा
“हाँ सही कहा आपने वो बच्ची ही है l आप पापा लोग हमेशा अपनी बेटी को बच्चा ही समझते है l उसके पैदा होने से लेकर उसकी शादी तय होने तक आप उसे बच्चा ही समझते है और उसे कोई फैसला लेने की आजादी नही होती है l क्या करना है ? क्या पहनना है , कहा जाना है ? , किस से बात करनी है ? , यहाँ तक के उन्हें कैसे जीना है ? इस पर भी आप ही का कॉपीराईट होता है l

उसके सपनो की , उसकी ख्वाहिशो की उन्हें कोई आजादी नहीं मिलती इज्जत , परिवार , समाज के नाम पर उनकी वाट लगती रहती है और जब बड़ी हो जाती है तब अपने ही जैसा कोई मर्द ढूंढकर उन्हें उसके घर भेज दिया जाता है l बेटी कुछ कहना भी चाहे तो एडजस्ट करो , एडजस्ट करो का ठप्पा लगा देते है l

कितना एडजस्ट करेगी वो ? और एडजस्ट कर भी ले तो क्या गारंटी है वो खुश रहेगी उसके साथ l l आपकी इज्जत के लिए आपकी खुशी के लिए वो बिना कुछ बोले ये शादी कर भी लेगी l

आगे जाकर वही झगडे वही ताने उसे सुनने को मिलेंगे l एक कप चाय पीकर चार मीठी बातें करके उसने आपकी बेटी का हाथ मांगा और आपने दे दिया l होने वाले दामाद से आप हजार बातें पूछेंगे “बेटा क्या पसंद है ? शादी में क्या क्या अरेंजमेंट करना है ? दहेज़ में क्या क्या देना है ?

लेकिन अपनी बेटी से एक बार भी ये नहीं पूछेंगे की उसे ये शादी करनी है भी या नहीं “,सारिका एक साँस में इतना सब कह गयी
“पर लोग क्या कहेंगे ? , बारात दरवाजे पर आ चुकी है उन लोगो को अब क्या जवाब दू मैं “,उन्होंने परेशान होते हुए कहा


“लोग तो हमेशा कुछ ना कुछ कहेंगे अंकल l जब दिन रात मेहनत करके अपनी बच्ची को अच्छी परवरिश दी अच्छे संस्कार दिए तब भी लोगो ने कुछ नहीं कहा था , जब इसके ससुराल वालो की मांगे पूरी की उस वक्त भी आकर लोगो ने कुछ नहीं कहा था लेकिन आपको लगता है आज अगर आप ये रिश्ता तोड़ते है तो लोग कुछ कहेगे l तो कहने दीजिये वो कब चुप बैठे थे जो अब बैठेंगे l

दो दिन बात करेंगे फिर भूल जायेंगे कौन इतना फ्री है जो ये सब याद रखेगा l आप ये शादी करे या ना करे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता वो शादी में आएंगे , खाएंगे और उसमे भी कमी निकालकर चलते बनेंगे l लेकिन ये सिर्फ आपको पता होगा की वो खाना जुटाने में आपने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगा दी थी l

लोग क्या कहेंगे (मुस्कुराते हुए) आज भी हम ऐसे समाज में जी रहे है जहा बच्चो की ख़ुशी से ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होता है “लोग क्या कहेंगे” l ये आपसे इतना प्यार करती है की आपकी ख़ुशी के लिए उस लड़के शादी भी कर लेगी l

वो जिंदगीभर उसके साथ एडजस्टमेंट करती रहेगी लेकिन कभी खुश नहीं रहेगी l अंदर ही अंदर घुटने लगेगी और हो सकता है उस वक्त वो आपको कोसे ज़रा सोचिये कैसा महसूस होगा आपको ? वहा वो खुश रहे दुखी रहे फर्क सिर्फ आपको पड़ेगा लोगो को नहीं l शादी के बाद जब वह लड़का इसे मारेगा पिटेगा , परेशान करेगा ,

इसे रुलाएगा तब लोगो को फर्क नहीं पड़ेगा बल्कि आपको तकलीफ होगी क्योकि आप उसके पिता है l वो आपसे कभी अपने दुःख का जिक्र नहीं करेगी जानते है क्यों क्योकि उसे लगेगा

जब पहले आपने उसकी नहीं सुनी तो अब क्यों सुनेंगे ? जब घुटन , तकलीफ , दर्द हद से ज्यादा हो जायेगा तब वह अपने साथ गलत करेगी और हमेशा हमेशा के लिए हम सबको छोड़कर चली जाएगी उस वक्त लोग सिर्फ अपना एक रिश्तेदार खोएंगे पर एक बाप अपनी बेटी खोयेगा , अपना सम्मान खोयेगा ,

अपने जीने की वजह खो देगा l लोग कुछ दिन आपका दर्द बाटने आएंगे जरूर पर 100 तरह के सवाल करके उस दर्द को और बढ़ा देंगे l एक वक्त के बाद शायद वो भी आना बंद कर दे और आप अकेले हो जाये तब आपको लगेगा की

काश……………….काश एक बार अपने बच्चो की बात सुन ली होती , काश एक बार उनकी ख़ुशी चाही होती , काश ये बोल दिया होता की बेटा नही करनी तो मत कर शादी मुझे तू खुश चाहिए चार लोग नहीं l”, सारिका बोलती जा रही थी और फिर चुप हो गयी एक गुस्सा जो पिता शब्द के लिए उसके दिल में हमेशा से था आज निकल कर बाहर आ गया l


सारिका को सजना के पिता को समझाते देखकर राधिका घबरा गयी और शिवम् को बुलाकर ले आई l शिवम् दरवाजे पर ही रुक गया


सजना के पापा को सारिका की बात समझ आ चुकी थी वे सजना के पास आये और उसे सीने से लगाते हुए कहा,”मेरी बच्ची , इतना कुछ अकेले सहती रही मुझसे एक बार भी नहीं कहा ये सब l भाड़ में गया सब , तू जहा चाहेगी जिससे चाहेगी उस से तेरी शादी मैं करवाऊंगा l बता कौन है वो जिसे तू चाहती है , इसी मंडप में तेरी शादी होगी l


उनकी बात सुनकर सारिका पीछे मुड़ी और शिवम् का हाथ पकड़कर उसे लाकर सजना के सामने करते हुए कहा,”ये है वो जिस से ये प्यार करती है”
सजना अपने पिता से अलग हुयी और सारिका से गुस्से से कहा -:
“तुमरा दिमाग ख़राब हो गया है का ? एक गुंडे से शादी हम काहे करेंगे ?”

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Sakinama Poetry
Sakinama Poetry by Sanjana Kirodiwal

Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14Ranjhana – 14

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Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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