Sanjana Kirodiwal
Kitni Mohabbat Hai

Kitni Mohabbat Hai – 17

by Story With Sanjana October 20, 2020
written by Story With Sanjana October 20, 2020 2 comments
2

Kitni Mohabbat Hai – 17

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

अक्षत ने मीरा को गोद में उठाया और उसके कमरे के सामने छोड़कर चला गया ! बाहर आकर उसे खुद पर ही गुस्सा आ रहा था की उसने मीरा को क्यों डांटा ? “क्या हो गया है मुझे ? ऐसे बिहेव क्यों कर रहा हु ? वो हमेशा इतने प्यार से पेश आती है फिर भी मैं इतना रुड क्यों हो जाता हु उसके सामने ?”,अक्षत ने बड़बड़ाते हुए कहा !
“क्योकि तुम उसे पसंद करते हो !”,पीछे से आते हुए अर्जुन ने कहा
अर्जुन को वहा देखकर अक्षत हड़बड़ाया और कहा,”किसे ?”


“वही जिसके बारे में खुद से बातें कर रहे हो , मैंने आज से पहले तुम्हे इस तरह खुद से बाते करते हुए नहीं देखा !”,अर्जुन ने कहा
“हम्म्म !”,अक्षत ने धीरे से कहा !
“पसंद करते हो ना !”,अर्जुन ने फिर कहा
“किसे और आप क्यों बोल रहे हो ये सब ?”,अक्षत ने चिढ़ते हुए कहा !
“भाई हु तेरा चेहरा देखकर बता सकता हु क्या चल रहा है तेरे मन में ?”,अर्जुन ने कहा !


“जाकर भाभी का मन टटोलिये , आज तो वो बड़ा इम्प्रेस होकर गयी है मुझसे”,अक्षत ने अर्जुन को छेड़ते हुए कहा !
“बात बदलने का अच्छा बहाना है !”,अर्जुन ने कहा तभी उसका फोन बजा और अक्षत को वहा से निकलने का मौका मिल गया ! वह निचे आया अन्धेरा हो चुका था विजय जी ने सभी लाईटे चालू करवा दी सारा घर रौशनी से जगमगा उठा ! अक्षत ने अपने फोन में कुछ तस्वीरें ली और आकर सोफे पर बैठ गया ! राधा ने उसे अकेले बैठे देखा तो उसके पास चली आयी और कहा,”यहाँ अकेले क्यों बैठे हो ?”


“घर कितना अच्छा लग रहा है ना माँ , कितने दिनों बाद सुकून मिल रहा है ये सब देखकर !”,अक्षत ने कहा
“हां ! इतने दिनों बाद घर में ख़ुशी का दिन आया है ! तुम्हारी शादी भी मैं इतने ही धूम धाम से”,कहते कहते राधा रुक गयी उन्होंने जब अक्षत की और देखा तो उसकी आँखों में नमी देखकर उसका दिल पसीज गया ! अनजाने में वह ऐसी बात कह गयी जिस से अक्षत को ठेस पहुंची अक्षत के साथ साथ उनकी आँखों में भी नमी तैर गयी !
“सॉरी बेटा !”,राधा ने कहा


“इट्स ओके माँ ! खाने में क्या बना है आज ?”,अक्षत ने कहां
“दाल , चावल , भिंडी और चपाती बनेगी !”,राधा ने कहा !
“हम्म्म्म चलो !”,अक्षत ने उठते हुए कहा
“कहा ?”,राधा ने हैरानी से कहा
“किचन , मिलकर बनाते है !”,अक्षत ने राधा को कंधो से पकड़कर किचन की और ले जाते हुए कहा
“अरे बेटा मैं कर लुंगी न !”,राधा ने अंदर आकर कहा


“आप अकेले कितना काम करेगी , जानता हु इस एक साल में मैं सबसे बहुत दूर हो गया हु !”,अक्षत ने धीरे से कहा
“धत कुछ भी बोलता है , सब ठीक है और तू हमेशा मेरे पास ही रहेगा ! पगला”,राधा ने कहा !
“चलो फिर बनाते है !”,अक्षत ने कूकर में पानी डालते हुए कहा !
“कुछ दिन की बात है फिर तो नीता इस घर में आजायेगी और हम दोनों मिलकर बना लिया करेंगे !”,राधा ने अक्षत का हाथ बटाते हुए कहा !


जब तक दाल उबली तब तक अक्षत ने भिंडी फ़्राय कर दी ! सच में उसके हाथो में जादू था खाने की खुशबू से किचन महक उठा ! राधा भी नहीं जानती थी अक्षत में ये गुण कहा से आया ? वह बस प्यार से खाना बनाने में अक्षत की मदद कर रही थी ! दाल भी अक्षत ने ही ही बनाई जब उसमे हींग और देशी घी का छौंक लगाया तो किचन एक सुहावनी महक से भर गया !! अक्षत राधा की और पलटा और कहा,”हो गया अब क्या करना है ?”
“इतना काफी है बेटा ! तुम कॉफी पिओगे ?”,राधा ने हाथ धोते हुए कहा !


उसी वक्त मीरा किचन में आयी तो अक्षत ने उसे देखकर अनजान बनते हुए कहा,”नहीं मैं चाय पिऊंगा !”
राधा ने देखा मीरा आयी है तो उसे देखते ही कहा,”अरे मीरा , तुम्हारी पायल कहा है ? मैंने कहा था ना पहने रखना उतारी क्यों ? शायद तुम्हे पसंद नहीं आयी है ना ?”
मीरा ने अक्षत की और फिर राधा की और देखकर कहा,”ऐसी बात नहीं है आंटी वो बहुत अच्छी है बस थोड़ा शोर करती है , बस इसलिए उतार दी !!”


“कोई बेवकूफ ही होगा जिसे पायल की आवाज पसंद नहीं होगी !”,राधा ने काम करते हुए कहा तो मीरा अक्षत की और देखकर मुस्कुराने लगी ! १ बेचारा अक्षत बैठे बिठाये उसे बेवकूफ सुनने को मिल गया ! उसने राधा से कहा,”माँ चाय !”
“हां बनाती हु !”,राधा ने कहा
“आप रहने दीजिये आंटी हम बना देते है !”,मीरा ने कहा तो राधा और काम करने में लग गयी ! मीरा अक्षत के लिए चाय बनाने लगी अक्षत उसकी बगल में आकर खड़ा हो गया और धीरे से कहा,”मुझे नहीं पता था वो माँ ने खरीदी थी !”


मीरा ने कोई जवाब नहीं दिया बस चुपचाप चाय बनाती रही और छानकर अक्षत को थमा दी ! अक्षत ने एक घूंठ भरा और कप मीरा को देकर कहा,”आज भी तुम इसमें चीनी डालना भूल गयी !!” अक्षत वहा से चला गया ! मीरा ने चाय पीकर देखी उसमे चीनी नहीं थी , उसने अपना सर पिट लिया ये गलती उस से हमेशा होती थी वो भी अक्षत के लिए ! मीरा ने डिब्बे से चीनी निकालकर चाय में डाली और मिलाकर खुद ही पि ली ! अब अपनी जूठी चाय अक्षत को थोड़े पिलाती !! खाना तैयार हो चुका था राधा ने खाना लगाया और सबको बुला लिया !

आज अक्षत खाने के लिए नहीं आया उसे किसी जरुरी बाहर जाना पड़ा ! सबने खाना खाया और फिर बैठकर सगाई के फंक्शन के बारे में बातचीत करने लगे ! 10 बज गए अक्षत अभी तक नहीं आया था ! बाकि सब सोने चले गए बस राधा ही डायनिग के पास बैठी अक्षत के आने का इंतजार कर रही थी ! दिनभर की थकान की वजह से राधा की आँखे मूंदने लगी थी ! मीरा ने जब देखा तो उनके पास आकर कहा,”आंटी आप जाकर सो जाईये , वो आएंगे तब हम परोस देंगे !”


“अरे नहीं बेटा , वो पता नहीं कब तक आएगा ! आज थोड़ा परेशान भी है मैं उसका इंतजार कर लुंगी तुम जाकर सो जाओ !”,राधा ने कहा
“हालत देखिये अपनी , नींद से आँखे भारी हो रही है और आज आपने कितना काम किया है थक भी तो गयी होंगी न आप ! आप जाईये हम रुक जाते है !”,मीरा ने कहा !
“लेकिन !”,राधा ने कहा !


“लेकिन वेकिन कुछ नहीं , हम भी तो आपकी हर बात मानते है ना फिर आप भी हमारी ये छोटी सी बात मान लीजिये ! आप जाईये !”,मीरा ने राधा से कहा ! मीरा की जिद के आगे राधा को झुकना पड़ा वह उठकर सोने चली गयी ! मीरा वही बैठकर अक्षत के आने का इंतजार करने लगी ! कुछ देर बाद ही अक्षत घर आ गया ! उसने देखा मीरा डायनिंग के पास ही बैठी है तो वह उस और चला आया और कहा,”तुम सोई नहीं ?”
“आप आ गए , बैठिये हम खाना लगा देते है !”,मीरा ने उठते हुए कहा !


अक्षत को अच्छा लगा की मीरा उसके लिए ही यहाँ बैठी थी ! वह कुर्सी खींचकर बैठ गया ! मीरा ने सब्जी और दाल उठाते हुए कहा,”खाना ठंडा हो गया है , हम गर्म करके ले आते है !” अक्षत ने उसकी कलाई पकड़कर रोक लिया और कहा,”परेशान होने की जरूरत नहीं है मैं ये सब खा लूंगा , तुम बैठो !”
मीरा वापस बैठ गयी ! उसने प्लेट सीधी की और नेपकिन से पोछकर अक्षत के सामने रख दी ! उसने उसमे खाना परोसा तो अक्षत ने बड़े मीरा की और देखकर कहा,”तुमने खा लिया !”


“हम्म !”,मीरा ने पलके झुकाकर कहा
अक्षत ने चम्मच उठायी और दाल चावल मिक्स करके खाने लगा ! खाते हुए उसने मीरा से कहा,”तुमसे एक बात पुछु !”
“हम्म्म !”,मीरा अब भी निचे देख रही थी !
“कभी कभी अचानक मैं गुस्सा हो जाता हु ! तुम्हे बुरा तो नहीं लगता ना”,अक्षत ने बिना मीरा की और देखे हिचकिचाते हुए कहा !


“नहीं !”,मीरा ने उसकी और देखकर कहा !
अक्षत की नजरे अभी भी निचे ही थी उसने आगे कहना जारी रखा,”एक्च्युली , लड़कियों से बात करना नहीं आता इसलिए कुछ भी बोल देता हु ,, आज शाम भी मैं किसी जरुरी कॉल पर था तुम्हारी पायल की आवाज से बार बार डिस्ट्रब हो रहा था ! बस थोड़ा गुस्सा आया और मैंने वो सब ,, आई ऍम सॉरी !”
“इट्स ओके !”,मीरा ने कहा !


“तुम्हे बुरा नहीं लगता !”,अक्षत ने मीरा की तरफ देखकर कहा !
“अपनों की बातो का क्या बुरा मानना ! बस कभी कभी खीज होती है पर जल्दी दूर भी हो जाती है !”,मीरा ने कहा !
“तुम बहुत अच्छी हो , हर बात समझती हो !”,अक्षत ने कहा
“लेकिन आप हमारी समझ से बाहर है , कभी कभी आपको समझना बहुत मुश्किल हो जाता है !”,मीरा ने उसकी प्लेट में चपाती रखते हुए कहा !


“धीरे धीरे समझ जाओगी !!”,अक्षत ने खाते हुए कहा !
उसके बाद दोनों के बिच कोई बात नहीं हुई ! कभी मीरा अक्षत को तो कभी अक्षत मीरा को देखता रहा ! खाना खाकर अक्षत वहा से चला गया ! मीरा ने बतर्न धोकर रख दिए और ऊपर चली आयी ! जैसे ही वह अपने कमरे जाने लगी अक्षत ने आवाज लगाई,”मीरा !”
मीरा ने पीछे पलटकर कहा,”जी !”


“थैंक्यू !”,अक्षत ने बिना किसी भाव के कहा !
“थैंक्यू किसलिए ?”,मीरा ने कहा !
“बस थैंक्यू !”,अक्षत ने कहा और अपने कमरे की और चला गया ! मीरा भी अपने कमरे आकर लेट गयी लेकिन नींद उसकी आँखों से कोसो दूर , निधि सो चुकी थी मीरा ने कम्बल निधि को ओढ़ाई और फिर करवट लेकर लेट गयी अक्षत का चेहरा उसकी बाते बार बार उसके सामने किसी फिल्म की तरह चल रही थी !

अक्षत को समझ पाना बहुत मुश्किल था जिस तरह की बाते वो अचानक से करता था उस से मीरा को अहसास हुआ की बहुत कुछ था जो अक्षत के सीने में दफन था ! मीरा अक्षत के बारे में सोचते सोचते सो गयी ! मीरा से सॉरी कहने के बाद अक्षत का मन काफी हल्का हो गया था !! वह बिस्तर पर आकर लेट गया कमरे की लाइट बंद थी लेकिन बेड के पास पड़ी टेबल पर रखा लेम्प जल रहा था ! अक्षत बिस्तर पर लेटा लेटा लेम्प को ऑन ऑफ कर रहा था ! अक्षत खुद में आते बदलाव को साफ साफ महसूस कर रहा था !

सोचते सोचते उसे कब नींद आयी पता ही नहीं चला !! सुबह अक्षत देर तक सोता रहा उसकी आँख तब खुली जब उसकी मौसेरी बहन की 7 साल की बेटी काव्या ने आकर उसके दरवाजे को पीटते हुए कहा,”मामू दरवाजा खोलो ना !”
अक्षत आँखे मलता हुआ उठा और आकर दरवाजा खोला अपने सामने काव्या को देखकर उसके चेहरे पर प्यारी सी स्माइल आ गयी उसने काव्या को अपनी गोद में उठा लिया तो काव्या ने उसके गाल पर किस करके कहा,”गुड़ मॉर्निंग , मामू !”


“गुड़ मॉर्निंग मेरी क्यूटी पाई”,अक्षत ने भी जवाब में उसके गाल को पर किस करके कहा तो काव्या खिलखिला दी और कहा,”आप गंदे मामू हो इतनी लेट तक सोते हो !”
“अच्छा ! मम्मा कहा है तुम्हारी ?”,अक्षत ने कहा !
“निचे !”,काव्या ने कहा तो अक्षत उसे गोद में उठाये निचे आ गया ! काव्या के मम्मी पापा तनु और रोमित निचे ही थे ! अक्षत ने काव्या को सोफे पर उतारा और तनु और सोमित के पांव छूये !

तनु अक्षत से पुरे 6 साल बड़ी जो थी पांव छूना तो बनता है !! सोमित ने अक्षत के कंधो पर अपना हाथ रखते हुए कहा,”और भई साले साहब ? क्या हाल है आपके ?”
“बस सब बढ़िया जीजू , आप लोग कब आये ?”,अक्षत ने सवाल किया !
“बस अभी कुछ देर पहले ही , तू तो भूल ही गया ना बहन और जीजा को !”,तनु ने अक्षत का कान पकड़ कर कहा
“मम्मा मामू को दर्द होगा , आप उनका कान क्यों खिंच रही हो ?”,छोटी सी काव्या ने कहा


“बेटा तेरे मामू थोड़े शैतान हो गए है , हमसे मिलने नहीं आते इसलिए इन्हे सजा दे रही हु !”,तनु ने कहा !
“अरे दी डोंट वरी , दो हफ्ते बाद सीधा वही आ रहा हु , इंटर्नशिप के लिए !”,अक्षत ने कहा !
तनु , अक्षत और सोमित तीनो सोफे पर आ बैठे ! काव्या अक्षत की गोद में आकर बैठ गयी ! तनु ने अक्षत से कहा,”किस चीज की इंटर्नशिप है तेरी ?”

“एल.एल.बी. करने की सोच रहा हु दी !”,अक्षत ने कहा
“बहुत अच्छा आइडिया है , दिल्ली में तुम्हे अच्छा कॉलेज मिल जाएगा !”,सोमित ने कहा !
“हां जीजू तभी तो वहां से इंटर्नशिप करने की सोच रहा हु उसके बाद कम्प्लीट इंदौर से कर लूंगा !!”,अक्षत ने कहा
रघु सबके लिए चाय नाश्ता ले आया ! अक्षत ने चाय का कप उठाया सोमित और तनु ने भी चाय ली और पिने लगे ! सोमित जीजू खाने पिने के बहुत शौकीन थे उन्होंने जैसे ही चाय का एक घूंठ भरा और कहा,”भई वाह कमाल की चाय बनी है , मौसीजी ने बनाई है ?”


“नहीं मीरा दीदी ने बनाई है !”,पास खड़े रघु ने कहा !
“मीरा ? ये कौन है ?”,तनु ने हैरानी से कहा
“निधि की दोस्त है दीदी , यही रहती है !”,अक्षत ने कहा रघु वहा से चला गया तो जीजाजी ने अक्षत को कोहनी मारते हुए कहा,”सिर्फ निधि की या तुम्हारी भी !”
“क्या जीजू आप भी ?”,अक्षत ने नजरे फिराते हुए कहा


“अरे भई हमे भी मिलाओ अपनी मीरा जी से !”,तनु ने अक्षत को छेड़ते हुए कहा
“दी ये ज्यादा हो रहा है !”,अक्षत ने चिढ़ते हुए कहा
“अच्छा बाबा ठीक है , मिलवा तो दो !”,तनु ने कहा तब तक हाथ में प्लेट लिए मीरा खुद ही वहा आ गयी सफ़ेद चूड़ीदार और हरे रंग लगाए , कानो में मैचिंग झुमके और बालो को गूंथकर चोटी बनाई हुई थी ! उसने प्लेट टेबल पर रखी और जैसे ही जाने लगी अक्षत ने कहा,”मीरा !”


“हम्म्म !”,उसने धीरे से कहा
“ये तनु दी है मौसी की बड़ी बेटी और ये जीजाजी !”,अक्षत ने कहा
“नमस्ते !”,मीरा ने दोनों हाथ जोड़कर कहा !
जीजाजी तो बस उसे देखते ही रह गए ! सिंपल सी मीरा सादगी में भी कितनी खूबसूरत लग रही थी ! तनु ने कहा,”वहा क्यों खड़ी हो ? आओ बैठो !”


मीरा चुपचाप आकर तनु की बगल में बैठ गयी ! काव्या अक्षत की गोद से उतरकर मीरा के पास आयी और अपना हाथ उसकी और बढाकर कहा,”हाय मेरा नाम काव्या है !”
“सो स्वीट नेम , हमारा नाम मीरा है !”,मीरा ने काव्या के दोनों गाल हलके से खिचते हुए कहा !
“तो मैं आपको मीरु कहकर बुलाऊ !”,काव्या ने कहा
“हम्म्म्म !”,मीरा ने हां भर दी तो काव्या उसकी गोद में बैठ गयी


अक्षत ने काव्या को घुरा तो उसने कहा,”घूर क्यों रहे हो ? आप भी आ जाओ इस साइड !”
“चलो आपके लिए हमारे पास चॉकलेट्स है !”,मीरा ने उठते हुए कहा तो काव्या उसके साथ चली गयी ! जीजू तनु और अक्षत वही बैठे बाते करते रहे ! विजय ने सगाई में बस कुछ खास मेहमानो को ही बुलाया था ! दोपहर के खाने के बाद जीजू अर्जुन और विजय जी के साथ इंतजाम देखने लगे ! राधा ने सुबह ही मेहँदी भिगो दी थी ! उसने सबसे मेहँदी लगाने को कहा और खुद भी लगा ली !

काव्या सुबह से अब तक मीरा के साथ ही थी एक बार भी तनु के
पास नहीं आई ! घूमते हुए तनु ऊपर चली आयी कमरे में आयी तो देखा काव्या सो रही थी और मीरा उसे थपथपा रही थी ! तनु ने धीरे से कहा,”सो गयी !
“हम्म्म !”,मीरा ने उसे कम्बल ओढाते हुए कहा !
“तुम्हे परेशान तो नहीं किया ना इसने ?”,तनु ने प्यार से कहा


“अरे दी नहीं , ये बहुत स्वीट है !”,मीरा ने मुस्कुराते हुए कहा !!
“निचे चलते है , मौसी वगैरह सब मेहँदी लगा रही है चलो तुम भी लगवा लो !”,तनु ने कहा तो मीरा उनके पीछे पीछे चल पड़ी ! दोनों निचे चली आयी तनु पहले से मेहँदी लगवा चुकी थी उसने मीरा से कहा,”मेरी मेहँदी सुख जाये फिर तुम्हारे हाथो पर मैं लगा दूंगी !”
” हम्म्म !”,मीरा ने कहा


“तुम बहुत कम बोलती हो ऐसा क्यों ?”,तनु ने सवाल किया !
“ऐसी बात नहीं है ! जैसे जैसे जानने लगेंगे बोलने लगेंगे !”,मीरा ने झिझकते हुए कहा !
“लो इसमें जानना पहचानना क्या ? अक्षत की दी हु तुम भी मुझे दी ही समझो और उनको अपना जीजू !”,तनु ने बाहर खड़े सोमित की और इशारा करके कहा ! मीरा मुस्कुरा दी और वही तनु के पास बैठ गयी ! कुछ देर बढ़ अक्षत आया और राधा कहा,”माँ भाभी के गिफ्ट लाना तो भूल ही गया मैं !”


“तो अब जाकर ले आ बेटा !”,राधा ने कहा !
“हां लेकिन लड़कियों के लिए गिफ्ट कैसे लू ? आप में से चलो कोई साथ में”,अक्षत ने तनु की बगल में बैठते हुए कहा !
“हम सबके हाथो में तो मेहँदी लगी है एक काम कर तू मीरा को साथ ले जा !”,राधा ने कहा
“लेकिन हम !”,मीरा ने बोलना चाहा लेकिन राधा बिच में ही बोल पड़ी,”हां बेटा हम लोग तो जा नहीं पाएंगे तुम चली जाओ !”


“जी आंटी !”,मीरा ने उठते हुए कहा
“बाय माँ , बाय दादी , तनु दी आपको कुछ चाहिए !”,अक्षत ने कहा तो तनु ने उसे निचे झुकने का इशारा किया और उसके कान में कहा,”भाभी !”
अक्षत मुस्कुराये बिना नहीं रह सका और चला गया ! मीरा को साथ लेकर अक्षत बाहर आया ! अर्जुन और सोमित ही खड़े थे मीरा और अक्षत को साथ जाते देखकर सोमित जीजू ने कहा,”यार सेल साहब एक बात कहु ?”
“हां जीजाजी !”,अर्जुन ने कहा


“इन दोनों के बिच कुछ है क्या ?”,जीजू ने अर्जुन की और देखकर पूछा
“कभी लगता है बहुत कुछ है कभी लगता है कुछ भी नहीं !”,अर्जुन ने कहा !!
“अगर कुछ हुआ तो इनकी जोड़ी सबसे बेस्ट होगी , सादगी और गुस्से का मिक्सअप होगा इनका रिश्ता !”,जीजू ने जाती हुई गाड़ी को देखकर कहा !
रास्ते भर मीरा और अक्षत खामोश रहे ! मार्किट पहुंचकर अक्षत ने गाड़ी एक साइड लगायी ! उसने मीरा को उतरने को कहा और खुद भी उतरकर उसके साथ साथ चलने लगा !

अभी दोनों कुछ ही दूर चले थे की तभी सामने से आती लड़की अक्षत से टकरा गयी ! अक्षत कुछ कहता इस से पहले ही लड़की उस पर भड़क उठी और कहा,”अंधे हो दिखाई नहीं देता ?”
“आप खुद देखकर नहीं चल रही है !”,अक्षत ने बहुत ही शांति से कहा तभी लड़की के साथ वाला लड़का भड़क गया और कहा,”लड़की के सामने ज्यादा हीरो बन रहा है क्या ?”
“लिस्टन ब्रो ! मेरी कोई गलती नहीं है , यही सामने से आ रही थी , मैं सॉरी बोल देता हु ! आई ऍम सॉरी”,अक्षत ने कहा !


“शट अप पहले जान बूझकर धक्का दो और फिर सॉरी बोलो , तुम लड़को को तो बहाना चाहिए लड़कियों को छूने का !”,लड़की ने कहते हुए अक्षत को मारने के लिए जैसे ही अपना हाथ उठाया मीरा ने बिच में उसका हाथ रोकते हुए कहा,”गलती आपकी है , आप रोंग साइड से आ रही है इसके बाद भी ये आपसे सॉरी कह रहे है तो आप इनपर हाथ उठा रही है ! सही नहीं है !”
“तू होती कौन है बिच में बोलने वाली”,कहते हुए लड़के ने जैसे ही मीरा के कंधे पर हाथ रखना चाहा मीरा ने उलटे हाथ से एक थप्पड़ लड़के के गाल पर मारा लड़का निचे जा गिरा !

मीरा ने लड़की का हाथ निचे किया और कहा,”आप लड़की है इसका मतलब ये नहीं है की आप किसी पर भी हाथ उठाये !” वहा से हटकर मीरा लड़के के पास आयी , पंजो पर बैठी और लड़के के होंठ से आया खून साफ किया और फिर उसकी कॉलर ठीक करते हुए कहा,”गलत बात पर किसी का साथ देने वाला भी उतना ही गलत होता है जितना गलती करने वाला ! लड़कियों पर हाथ उठाना मर्दानगी नहीं होती है !”
“सॉरी सिस्टर !”,लड़के ने मरे हुए स्वर में कहा !


मीरा उठी और अक्षत से कहा,”चले !”
मीरा आगे बढ़ गयी और अक्षत हैरान सा उसके पीछे पीछे उसे तो यकीन ही नहीं हुआ मीरा ऐसा भी आकर सकती है !! मीरा के इस नए अवतार से वह बहुत हैरान था उसने मीरा के पास आकर कहा,”तुम ये सब ?”
मीरा ने अक्षत की आँखों में देखा और कहा,”सिर्फ नाम से राजपूत नहीं है ! किसी अपने के साथ गलत हो तो नहीं बर्दास्त करते !”


“तुम्हे समझना मुश्किल है !”,अक्षत ने कहा !
“धीरे धीरे समझ जायेंगे !”,मीरा ने कहा और आगे बढ़ गयी !!

Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17

Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17Kitni Mohabbat Hai – 17

क्रमश -: Kitni mohabbat hai – 18

Read More – kitni-mohabbat-hai-16

Follow me on – instagram

संजना किरोड़ीवाल

Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal
Kitni Mohabbat Hai
Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal
#Banaras#haanYeMohabbatHai#Kitni_mohbbat_hai#Love-You-Jindgi#Lovestory#MainTeriHeer#Manmarjiyan#Romantic_novel#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalsanjanakirodiwal
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Manmarjiyan – 18
next post
Manmarjiyan – 19

You may also like

Kitni Mohabbat Hai – 54

December 3, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 53

December 2, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 52

December 1, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 51

November 30, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 50

November 28, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 49

November 27, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 48

November 26, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 47

November 25, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 46

November 24, 2020

Kitni Mohabbat Hai – 45

November 23, 2020

2 comments

Pooja gupta October 20, 2020 - 10:26 pm

Ye story itani achhi kyo hai kabhi man hi nahi bharata

Reply
Advik March 23, 2023 - 1:26 pm

❤️❤️❤️❤️yahi mera bi haal hy❤️☺️🥰🤩

Reply

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal