Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 2

Pasandida Aurat Season 2 – 101

by Story With Sanjana June 28, 2026
written by Story With Sanjana June 28, 2026 2 comments
1

Pasandida Aurat Season 2 – 101

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

पृथ्वी ने अवनि को अपनी गोद में उठाया और सबके सामने से चलकर ले गया। अवनि के लिए पृथ्वी की मोहब्बत देखकर हर कोई खुश था तो हर कोई हैरान भी क्योकि आज के ज़माने में ऐसी मोहब्बत कम ही देखने को मिलती है। पृथ्वी और अवनि के पीछे पीछे बाकि सब घरवाले भी चले आये और मेहमान सब खाना खाने चले गए। अंदर आकर पृथ्वी को अपनी गोद से नीचे उतारा वह अवनि से कुछ बात कर पाता इस से पहले सभी घरवालों ने आकर उन्हें घेर लिया।  अवनि के घरवाले अवनि को लेकर कमरे की तरफ चले आये क्योकि अवनि को अब फेरो के लिए मायके से आया जोड़ा पहनना था।

अवनि के घरवाले अवनि को लेकर एक कमरे में  चले आये। वही पृथ्वी के घरवाले दूसरे कमरे में मौजूद थे और सभी अवनि के घरवालों के आने से खुश भी थे। हिमांशु ने पृथ्वी से चलकर थोड़ा आराम करने को कहा। पृथ्वी जैसे ही जाने के लिए बढ़ा उसकी नजर जमीन पर पड़ी पायल पर पड़ी। पृथ्वी ने हिमांशु से रुकने का इशारा किया और जमीन पर गिरी पायल को उठाकर देखा। पृथ्वी मुस्कुरा उठा , उसने देखा ये पायल अवनि की थी। पृथ्वी ने उस पायल को अपनी मुट्ठी में छुपा लिया और हिमांशु के साथ वहा से चला गया।

कमरे में आकर सीमा चाची ने अवनि को एक पोशाक दी जो अवनि की माँ ने उसकी शादी के लिए सहेजकर रखी थी। अवनि ने पोशाक अपने हाथो में ली और अपने ललाट  से लगाकर उसे प्रणाम किया। उसकी आँखों में आँसू भर आये। आज शादी के इस मोके पर ना उसके साथ उसकी माँ थी और ना ही उसके पिता विश्वास जी , अवनि की आँखों में आँसू देखकर कौशल जी उसके पास आये और प्यार से उसका ललाट चूमकर कहा,”आज ख़ुशी के इस मौके पर तुम्हारी आँखों में ये आँसू अच्छे नहीं लगते अवनि !

मैं जानता हूँ आज तुम भाईसाहब और भाभी को बहुत याद कर रही हो पर विश्वास करो उनका आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है,,,,,,,,,,,,,!!!”
मयंक चाचा भी अवनि के पास आये और उसके सर पर हाथ रखकर कहा,”तुमने जो जीवनसाथी चुना है वो तुम्हे कभी भाईसाहब और भाभी की कमी महसूस नहीं होने देगा,,,,,,,,,हम भी तुम्हारे लिए इतना अच्छा जीवनसाथी नहीं ढूंढ पाते अवनि”

अवनि ने सुना तो मयंक चाचा के सीने से आ लगी और सुबकने लगी।
मयंक चाचा ने उसका सर सहलाया और उसे शांत किया। मीनाक्षी अपने हाथो में गहनों का डिब्बा लेकर आयी और अवनि की तरफ बढाकर कहा,”तुम्हारी माँ के गहने , इन्हे उनका आशीर्वाद ही समझो”
अवनि ने काँपते हाथो से उस डिब्बे को ले लिया।
“आप लोग सब बाहर जाईये , हम लोग अवनि को फेरो के लिए तैयार कर देते है”,सीमा ने कहा तो कौशल चाचा , मयंक चाचा , कार्तिक और नितिन कमरे से बाहर निकल गए। कमरे में बस सब लड़किया और महिलाये ही थी।

मीनाक्षी ने अवनि से पोशाक पहनकर आने को कहा और खुद उस से डिब्बा लेकर उसके पहनने के लिए गहने निकालने लगी। अवनि कपडे बदलकर आयी और इस बार वाली पोशाक पहले वाली से भी ज्यादा सुन्दर थी। दीपिका ने अवनि का हाथ पकड़ा और उसे ड्रेसिंग टेबल के सामने पड़ी कुर्सी पर बैठाते हुए कहा,”जीजी ! आज आपके बाल हम बनाएंगे”

अवनि ने मुस्कुराकर हामी में सर हिला दिया। सुरभि भी ड्रेसिंग से सहारा लेकर अवनि के सामने आ खड़ी हुई। सुरभि प्यारभरी नजरो से अवनि को देखने लगी क्योकि सिर्फ अवनि ही नहीं बल्कि सुरभि ने भी इस पल का बहुत इन्तजार किया था।  दीपिका अवनि के बाल बनाने लगी। सलोनी कमरे में रखे टोकरे सेब निकालकर ले आयी और खाते हुए अवनि के सामने पड़ी खाली कुर्सी पर आ बैठी और अवनि को खोया देखकर कहा,”क्या हुआ जीजी ! किस सोच में डूबी हो ?”

सलोनी की आवाज से अवनि की तंद्रा टूटी और उसने कहा,”मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा कि सब मान गए है और सबने ख़ुशी ख़ुशी उन्हें अपना लिया है”
सलोनी ने सेब का टुकड़ा खाया और बेपरवाह अंदाज में कहा,”अरे जीजी ! अब कोई आकर पापा और चाचा के पेर ही पकड़ लेगा तो वो लोग मानेंगे ही ना”
दीपिका ने सलोनी से रुकने के लिए इशारा भी किया लेकिन तब तक सलोनी अवनि को सच बता चुकी थी। अवनि ने जैसे ही सुना कि घरवालों को मनाने के लिए  

पृथ्वी ने चाचा के पैर पकडे है तो उसका दिल टूट गया , उसे बहुत दुःख हुआ कि उसकी खुशी के लिए पृथ्वी ने ये सब किया। वो इंसान जो किसी के सामने झुकना और हार मानना पसंद नहीं करता था वो आज अवनि की ख़ुशी के लिए खुद को कितना भी नीचे गिराने को तैयार था। अवनि की आँखों में आँसू भर आये। सुरभि ने देखा तो समझ गयी कि इस वक्त अवनि के मन में क्या चल रहा है उसने सलोनी को किसी बहाने से वहा से भेजा और खुद अवनि के सामने आ बैठी

और उसका हाथ अपने हाथो में लेकर कहा,”सलोनी ने जो कहा उस पर ज्यादा ध्यान मत दो,,,,,,,,,तुम बस ये याद रखो कि पृथ्वी तुम्हे बहुत प्यार करता है,,,,,,,,कभी उसके प्यार पर शक मत करना”
अवनि ने नम आँखों से सुरभि को देखा और हामी में गर्दन हिला दी। दरवाजे पर किसी की दस्तक हुई तो सबकी नजरे उधर चली गयी सिवाय अवनि के , दरवाजे पर पृथ्वी खड़ा था ये देखकर सबके चेहरे खिल उठे और सब मुस्कुराने लगे।

सलोनी जो कि थोड़ी चंचल और मस्तीखोर लड़की थी पृथ्वी के पास आयी और अपने कंधे से पृथ्वी का कंधा टकराकर कहा,”क्या बात है जीजाजी ! हमारी जीजी से मिले बिना रहा नहीं जा रहा , सब्र रखिये थोड़ी देर में परमानेंट आपकी हो जाएगी”
पृथ्वी ने सुना तो शरमा गया ये देखकर सीमा उसके पास आयी और कहा,”जमाई सा आप यहाँ , कुछ चाहिए था आपको ?”
“दो मिनिट अवनि से बात करनी थी”,पृथ्वी ने धीरे से कहा
“तो हम सब बाहर जाए क्या ?”,सलोनी ने एक बार फिर पृथ्वी को छेड़कर कहा

पृथ्वी ने एक नजर सलोनी की तरफ देखा और फिर सीमा की तरफ देखकर कहा,”ऐसी बात नहीं है मैं आप सबके सामने भी अवनि से बात कर सकता हूँ”
“आईये,,,,,,,,,!!!”,सीमा ने कहा और पृथ्वी को अवनि की तरफ ले आयी। पृथ्वी को देखकर अवनि अपनी जगह से उठ खड़ी हुई। उसने जल्दी से सर पर पल्लू ले लिया पृथ्वी को ये थोड़ा अजीब लगा लेकिन घरवालों के सामने अवनि ने उसे सम्मान दिया। पृथ्वी को वहा देखकर सुरभि ने दीपिका से वहा से चलने का इशारा किया और सीमा के साथ दोनों साइड में चली गयी।

पृथ्वी को अचानक वहा देखकर अवनि हैरान थी और थोड़ी परेशान भी , पृथ्वी अवनि की परेशानी भाँप गया और कहा,”बैठो”
अवनि धीरे से कुर्सी पर आ बैठी , पृथ्वी ने अपना एक घुटना निचे जमीन पर टिकाया और दूसरे घुटने को सीधा रख के अवनि से कहा,”अपना पैर यहाँ रखो”
अवनि ने आँखों ही आँखों में पृथ्वी से पूछना चाहा कि पृथ्वी आखिर क्या करना चाह रहा है लेकिन पृथ्वी ने फिर अपनी बात दोहराई और कहा,”अवनि अपना पैर यहाँ रखो”

अवनि ने संकुचाते हुए धीरे से अपना दाहिना पैर पृथ्वी के घुटने पर रख दिया। उसे शर्म आ रही थी क्योकि उसी कमरे में उसके सब घरवाले मौजूद थे और पृथ्वी उसे ये सब करने को कह रहा था। पृथ्वी ने मुट्ठी में छुपाई अवनि की पायल को दोनों हाथो में पकड़ा और अवनि के पैर में पहनाने लगा। सुरभि ने जब ये देखा तो मारे ख़ुशी के अपना हाथ अपने दिल पर ही रख लिया और वही दीपिका पृथ्वी का अवनि के लिए प्यार देखकर मुस्कुरा उठी। सलोनी का सेब तो उसके हाथ में ही रह गया और उसने कहा,”यार ये कितने रोमांटिक है”

वही सीमा और मीनाक्षी एक दूसरे को देखकर मुस्कुराई और मीनाक्षी ने पृथ्वी की बलाये लेकर कहा,”इन दोनों के प्यार को किसी की नजर ना लगे”

अवनि को पायल पहनाते हुए पृथ्वी के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे तो वही अवनि का की आँखे आँसुओ से भरी जा रही थी क्योकि आज से कुछ वक्त पहले पृथ्वी ने अवनि को ऐसे ही अपने हाथो से ये पायल पहनाई थी लेकिन किसी और के लिए सजाने के लिए और आज पृथ्वी वही पायल दोबारा अवनि को पहना रहा था  अपने लिए सजाने के लिए,,,,,,,,,,,,,,,,ये पल अवनि की जिंदगी के बेहतरीन पलों में से था।

अवनि को पायल पहनाकर पृथ्वी उठा और चुपचाप बाहर चला गया। पृथ्वी के जाते ही सलोनी अवनि की तरफ आयी और पीछे से उसे गले लगाकर कहा,”जीजी ! अपने उनसे पूछो ना उनका कोई भाई वाई है क्या जो उनके जैसा ही रोमांटिक और केयरिंग हो”
दीपिका और सुरभि भी वहा चली आयी और सुरभि ने सलोनी के सर पर चपत लगाकर कहा,”तुम से पहले तो दीपिका बैठी है,,,,,,,,,,अभी कहा तुम अपनी शादी के सपने देखने लगी”

अवनि ने सलोनी का हाथ पकड़कर उसे पीछे से अपने सामने किया और कहा,”उनके जैसा इस दुनिया में दूसरा कोई नहीं है”
“कोई बात नहीं वो आपको मिल गए मैं इसी मैं खुश हूँ”,सलोनी ने खुश होकर कहा
मीनाक्षी ने देखा अवनि के बाल बन चुके है तो वह उसकी तरफ आयी और अपने हाथो से उसे गहने पहनाये और फिर चुनरी सेट करके एक लम्बा घूंघट निकाल दिया जिसमे अवनि का चेहरा नजर आ रहा था। सभी अवनि को साथ लेकर कमरे से बाहर निकल गयी।

गेस्ट हॉउस के हॉल में बने मंडप में पृथ्वी पहले से बैठा था। अवनि भी उसके दांयी ओर आकर बैठी और मंडप की रस्मे शुरू हुई। अवनि और पृथ्वी के सभी घरवाले वहा मौजूद थे। कुछ मेहमान और सोसायटी के लोग भी वहा जमा थे। सुरभि और दीपिका अवनि के पीछे बैठी थी तो पृथ्वी के पीछे जयदीप और नकुल बाकि पृथ्वी के भाई और दोस्त यहाँ वहा बैठे थे।

कुछ मंत्रो और रस्मो के बाद पंडित जी ने पृथ्वी से अपना हाथ आगे करने को कहा। पृथ्वी ने अपना दाहिना हाथ आगे किया तो पंडित जी ने उसमे कुछ रोली , चावल , फूल और सिक्का देकर अवनि के दाहिने हाथ की हथेली को उस पर रख दिया और फिर दोनों हाथो को सफ़ेद रुमाल से ढक दिया। जैसे ही रुमाल हाथो पर रखा पृथ्वी ने अवनि के हाथ को कसकर पकड़ लिया और अनजान बनकर सामने देखता रहा। अवनि ने कनखियों से पृथ्वी को देखा वह पृथ्वी की शरारत समझ रही थी पर आज उसने कुछ नहीं कहा।

पंडित जी ने दोनों से फेरो के लिए खड़े होने को कहा। एक दूसरे के हाथ को थामे अवनि और पृथ्वी उठ खड़े हुए। दीपिका ने अवनि के दुप्पटे के एक हिस्से को पृथ्वी के दुपट्टे से बांधा और सुरभि के पास चली आयी। कार्तिक अवनि का बड़ा भाई था इसलिए वह हाथ में हवन सामग्री लिए अवनि और पृथ्वी के पीछे आ खड़ा हुआ ये देखकर अवनि ने वहा बैठे जयदीप से अपनी तरफ आने का इशारा किया। जयदीप उठकर अवनि की तरफ आया तो अवनि ने कहा,”इस अनजान शहर में आपने मुझे अपनी बहन का दर्जा दिया।

शादी की इस रस्म में एक भाई की बहुत जरूरत होती है , मैं चाहती हूँ कार्तिक के साथ आप भी मुझे अपने हाथो से हवन सामग्री दे”
जयदीप ने सुना तो उसकी आँखों में नमी उभर आयी और उसका दिल भर आया। उसने अवनि को बहन कहा था लेकिन अवनि उस रिश्ते को इतना मान सम्मान देगी जयदीप ने कभी सोचा नहीं था। पृथ्वी ने जयदीप को भावुक होते देखा तो उनके कंधे पर हाथ रखकर हामी में गर्दन हिलाकर अवनि की बात मानने का इशारा किया।

जयदीप ने अवनि के सर पर हाथ रखा और कहा,”खुश रहो बेटा”
उसने अपनी आँखों के किनारे साफ़ किये और कार्तिक के बगल में खड़ा हो गया। कार्तिक ने भी मुस्कुराकर प्लेट जयदीप की तरफ की तो जयदीप ने दोनों हाथो से हवन सामग्री उठा ली। अवनि पृथ्वी का हाथ थामकर उसके आगे चलने लगी। पृथ्वी तो जैसे कोई सपना देख रहा था। मुस्कुराहट उसके चेहरे से जाने का नाम नहीं ले रही थी और आँखों में चमक थी। अवनि ने एक फेरा पूरा किया तो जयदीप ने अपने हाथो की सामग्री अवनि को दी और अवनि ने झुककर उसे हवन कुंड में डाल दिया।

ऐसे करके अवनि ने तीन फेरे पुरे किये और चौथे फेरे में पृथ्वी अवनि से आगे चला आया। चार फेरे पुरे होने के बाद पंडित जी ने दोनों को अपनी अपनी जगह बदलकर बैठने को कहा। अवनि पृथ्वी के बाँये भाग में आ बैठी।
फेरो के बाद पंडित जी ने दोनों को शादी के 7 वचन सुनाये और हर वचन का अर्थ भी समझाया जिन्हे पृथ्वी ने पुरे दिल से स्वीकार किया। इन 7 वचनो के बदले में एक वचन उन्होंने अवनि से मांगा और अवनि ने भी स्वीकार किया।

पंडित जी ने हाथो से रुमाल हटाकर पृथ्वी और अवनि के हाथ को आजाद किया और फिर पृथ्वी की तरफ सिंदूर दानी बढाकर कहा,”कन्या की माँग में सिंदूर भर दीजिये”
दीपिका ने आकर अवनि के घूँघट को उठाया और पृथ्वी ने अवनि की माँग में सिंदूर भरा। जैसे ही सिंदूर ने अवनि की माँग को छुआ अवनि ने अपनी आँखे मूँद ली , सिंदूर का कुछ हिस्सा छिटककर उसकी नाक पर जा गिरा। ये पल अवनि की जिंदगी में कितनी मुश्किलों के बाद आया था।  

 पृथ्वी ने तीन बार अवनि की माँग में सिंदूर भरा और उसके बाद पंडित जी ने मंगलसूत्र पृथ्वी की तरफ बढाकर कहा,”कन्या को मंगलसूत्र पहनाइए”
पृथ्वी ने अवनि को मंगलसूत्र बांधा , ख़ुशी के मारे उसके हाथ काँप रहे थे। अवनि की मांग में अपने नाम का सिंदूर और गले में मंगलसूत्र देखकर पृथ्वी को जो ख़ुशी हो रही थी वह छुपाये नहीं छुप रही थी। सब रस्मे होने के बाद पंडित जी ने अवनि का कन्यादान करने के लिए उसके मायके वालो से आगे आने को कहा।

विश्वास जी के बाद घर में बड़े कौशल चाचा ही थे इसलिए वे अवनि और पृथ्वी के सामने चले आये। उन्होंने अपने हाथो में हल्दी ली और अवनि की दोनों हथेलियों पर लगाकर उसके हाथो को पृथ्वी के हाथो में सौंप दिया। उन्होंने नम आँखों के साथ हाथ जोड़कर पृथ्वी को प्रणाम किया तो पृथ्वी ने उनके हाथो को थामकर कहा,”मैं अवनि का हमेशा ख्याल रखूंगा इस पर कोई आँच नहीं आने दूंगा”
कौशल चाचा ने हामी में गर्दन हिला दी क्योकि वे जानते थे इस बार उन्होंने अवनि को सुरक्षित हाथो में सौंपा है।

शादी सम्पन्न होने के बाद सबने खाना खाया और फिर धीरे धीरे करके सब मेहमान जाने लगे। गेस्ट हॉउस में बस अवनि , पृथ्वी और दोनों के घरवाले बचे थे। हिमांशु भैया ने अवनि के घरवालों के रुकने का इंतजाम पृथ्वी के फ्लेट पर करवाया और अवनि की विदाई के बाद उन्हें लेकर चला गया। आधे लोग हिमांशु की गाड़ी में तो आधे लोगो को नकुल अपनी गाड़ी से लेकर चला गया।

जयदीप और रीना भी पृथ्वी और अवनि से मिले और उन्हें शादी का तोहफा देकर घर के लिए निकल गए। पृथ्वी के सभी दोस्त , ऑफिस के लोग भी उस से और अवनि से मिलकर घर चले गए। रवि जी ने चाचा को गाड़ी की चाबी देकर अवनि पृथ्वी और दादी को घर लेकर चलने को कहा और बाकी सब भी घर के लिए निकल गए।

सभी रवि जी के घर चले आये। लता , बड़ी मम्मी , चाची और नीलम भुआ पहले ही दरवाजे पर अवनि और पृथ्वी के लिए आरती की थाली लेकर खड़े थे। पृथ्वी और अवनि घर की दहलीज पर चले आये।  लता ने मुस्कुराते हुए दोनों को तिलक किया , आरती उतारी और फूलों से उनका स्वागत किया। नीलम भुआ ने हाथो में पकड़ा चावल का कलश नीचे अवनि के सामने रखा और उसे पैर से गिराकर अंदर आने को कहा। अवनि ने कलश को पैर नहीं लगाया उलटा वह नीचे बैठी और अपने दोनों हाथो से कलश को अंदर की तरफ लुढ़का दिया।

कलश में भरे चावल नीचे आ गिरे और सब अवनि की इस समझदारी पर मुस्कुराये बिना ना रह सके। पृथ्वी ने देखातो मुस्कुराते हुए अंदर चला आया और लता जी अवनि को अंदर ले आयी। नीलम भुआ और चाची अवनि को लेकर कमरे में चली गयी और पृथ्वी बाकि सबके साथ हॉल में पड़े सोफे पर आ बैठा। आज वह बहुत खुश था। दादी आकर उसके बगल में बैठी और कहा,”अब तो खुश है न ?”

पृथ्वी ने अपनी बाँह को दादी के कंधो पर रखा और उन्हें अपनी तरफ करके उनके गाल को चूमकर कहा,”आप नहीं होती तो मेरा क्या ही होता”
“धत बेशर्म,,,,,,,,,शादी हो गयी है तेरी ये सब अपनी बायको के साथ मेरे साथ नहीं,,,,,,,,!!!”,दादी ने चिढ़कर कहा तो सभी हंस पड़े और पृथ्वी अवनि के बारे में सोचकर मुस्कुरा उठा।

( आज कोई सवाल नहीं बस आपको बताना है कि आज के भाग में कौनसा पल आपके होंठो पर मुस्कान लेकर आया ? )

Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101

Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101Pasandida Aurat Season 2 – 101

Continue With Pasandida Aurat Season 2 – 102

Read Pasandida Aurat

Follow Me On https://www.instagram.com/sanjanakirodiwal/

 संजना किरोड़ीवाल 

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
#Banaras#Romantic_novel#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalPasandida AuratPasandida Aurat Prathvi and Awni storypasandida aurat sanjana kirodiwalPasandidaAurat Season 2sanjanakirodiwal
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Pasandida Aurat Season 2 – 100
next post
Pasandida Aurat Season 2 – 102

You may also like

Pasandida Aurat Season 2 – 103

June 30, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 102

June 29, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 100

June 27, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 99

June 26, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 98

June 25, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 97

June 24, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 96

June 23, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 95

June 22, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 94

June 18, 2026

Pasandida Aurat Season 2 – 93

June 17, 2026

2 comments

Akankchha June 28, 2026 - 11:02 am

Prithvi hi nhi hmare chehre se mushkurahat htt nhi rhi thi such m kitni duaaoo ka fal h ye pal

Reply
Poonam Bhargava June 28, 2026 - 12:23 pm

Pura part hi bahot khubsurat hai
Akhir mahadev ne Avni aur prithvi ko ek kar hi Diya wo bhi sabke ashirwad k sath lovely part thanku writer sahiba
Har har Mahadev

Reply

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal