Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 3

Pasandida Aurat Season 3 – 15

by Story With Sanjana July 18, 2026
written by Story With Sanjana July 18, 2026 1 comment
1

Pasandida Aurat Season 3 – 15

Pasandida Aurat Season 3
Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal

अवनि अंदर आयी और अपना बैग टेबल पर रख दिया। पृथ्वी ने दरवाजा बंद किया और अंदर आया तो देखा अवनि खिड़की के पास खड़ी सामने बीच को देख रही है। पृथ्वी धीरे से आया और जोर से चिल्ला दिया तो बेचारी अवनि घबराकर उसी की बाँहो में आ गिरी और पृथ्वी हसने लगा और कहा,”हहहह ! तुम तो बड़ी डरपोक हो अवनि”
अवनि का दिल जोर जोर से धड़क रहा था उसने पृथ्वी को घूरकर देखा और कहा,”आप बहुत बुरे है,,,,,,,,,!!!!”

पृथ्वी ने सुना तो अवनि का हाथ पकड़कर उसे अपनी तरफ खींचा और खिड़की के पास आकर अवनि के पीछे आ खड़ा हुआ और अपनी बाँहो को उसकी कमर से लपेटकर कहा,”वैसे यहाँ खड़ी होकर तुम क्या देख रही थी ?”
अवनि ज्यादा देर पृथ्वी से नाराज नहीं रह पायी इसलिए उसकी बाँहो में सिमटे हुए हाथ उठाकर सामने बीच की तरफ इशारा करके कहा,”वो जगह देखिये कितनी खूबसूरत हैं ना ? कितनी शांत और सुकूनभरी है लेकिन वहा एक दो लोगो को छोड़कर कोई नहीं है और इसी बीच के उस तरफ देखिये कितनी रौशनी , कितनी भीड़ है,,,,,,,,,,,,,,,,ऐसा क्यों ?”

अवनि के इस मासूमियत भरे सवाल को सुनकर पृथ्वी ने उसे अपनी तरफ किया और अवनि के बालों से छनकर आती उसकी लटों को प्यार से कान के पीछे करके कहा,”ऐसा इसलिए बेटा क्योकि जहा भीड़ है वहा शोर-शराबा है , रौशनी है , दिखावा है और जहा एक दो लोग है वहा सुकून है , शांति है , खालीपन है,,,,,,,,,इस दुनिया में बहुत से लोग होते है जो अंदर से तो खाली है लेकिन बाहर से दिखावे की चादर ओढ़े हुए है और कुछ लोग ऐसे है जिनका दिखावे से मन भर चूका है इसलिए अब वो सुकून की तलाश में है,,,,,,,,,,,,,,!!!”

“इनमे से आप कौनसे है ?”,अवनि ने पूछा
पृथ्वी मुस्कुराया और कहा,”दोनों ही नहीं क्योकि दिखावे की मेंरी जिंदगी में जरूरत नहीं है और रही बात सुकून की तो वो मुझे तुम्हे देखकर मिल जाता है”

अवनि ने सुना तो पृथ्वी की आँखों में देखने लगी। खिड़की से आती ठंडी हवा के झोंके ने पृथ्वी और अवनि को छुआ और जैसे ही पृथ्वी ने अपने होंठो को अवनि के होंठो से छूना चाहा उसका फोन बजा और पृथ्वी ने अपनी आँखे मीच ली।

पृथ्वी अवनि से दूर हटा और फोन की तरफ आया। उसने बिस्तर पर रखा अपना फोन उठाया और स्क्रीन पर सुरभि का नंबर देखकर थोड़ा हैरान हुआ। उसने अवनि की तरफ देखा और कहा,”अह्ह्ह्ह अवनि ! तुम फ्रेश हो जाओ मैं जरा ये कॉल अटेंड करके आता हूँ”
“हम्म्म ठीक है”,अवनि ने कहा तो पृथ्वी फोन लेकर कमरे से बाहर निकल गया और जाते जाते दरवाजा भी बंद कर दिया। अवनि ने एक बार फिर उस शांत बीच पर घूमते लोगो को देखा और फिर खिड़की पर पर्दा करके अपने बैग की तरफ चली आयी।

पृथ्वी बाहर आया और फोन उठाकर जैसे ही कान से लगाया दूसरी तरफ से सुरभि ने उसे हेलो बोलने का मौका तक नहीं दिया और रोते हुए कहा,”अह्हह्ह्ह्ह ! ये सारे मर्द एक जैसे होते है पृथ्वी , पहले अच्छा बनने का नाटक करते है , प्यार करते है और फिर अचानक गायब हो जाते है,,,,,,,,,,,तुम्ही बताओ मेरी क्या गलती थी ? वो अनिकेत गधा , उस से मैंने कितना प्यार किया था फिर भी उसने मुझे छोड़कर किसी और से शादी कर ली,,,,,,,,,,,,,!!!”
“अब किसी गधे से प्यार करोगी तो यही होना ना”,पृथ्वी ने सधे हुए स्वर में कहा

सुरभि ने सुना तो और जोर से रोते हुए कहा,”अह्ह्ह्हह देखा तुम भी मेरा मजाक उड़ा रहे हो,,,,,,,,,,!!!”
सुरभि की बातो से ये साफ जाहिर हो रहा था कि उसने शराब पी रखी है तो पृथ्वी ने चौंककर कहा,”हे सुरभि ! तुमने शराब पिया है ?”
“कम्बख्त लोग गम भुलाने के लिए शराब पीते है , मैंने तो बियर पी है क्योकि ये सस्ती होती है”,सुरभि ने लड़खड़ाती जबान में कहा और फिर एकदम से रोते हुए बोली,”लेकिन आज कोई भी बियर , शराब , वोदका मेरा दर्द कम नहीं कर सकती पृथ्वी,,,,,,,,,!!!”

“अरे लेकिन तुम्हे हुआ क्या है और तुम शराब आई मीन बियर क्यों पी रही हो ?”,पृथ्वी ने पूछा
“अह्ह्ह्हह मैं तुम्हे क्या बताऊ मेरे साथ क्या हुआ है ?”,सुरभि ने फिर रोते हुए कहा
सुरभि के ऐसे अजीबो गरीब रोने से पृथ्वी चिढ गया और तेज स्वर में कहा,”चुप ! बिल्कुल चुप ! क्या बच्चो की तरह अह्ह्ह अह्ह्ह शुरू हो गयी तुम ? चुप हो , साँस लो और बताओ मुझे क्या हुआ है ?”
पृथ्वी की एक फटकार से सुरभि शांत हो गयी और नाक सुड़ककर कहा,”उसने मुझे धोखा दिया पृथ्वी,,,,,,,,!!!”

“तुम अनिकेत को भूल क्यों नहीं जाती ? जाने दो ना उसे भाड़ में जाए वो,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने कहा
“अरे वो नहीं वो दूसरा वाला,.,,,,,,,,!!”,सुरभि ने कहा
“और कितने बॉयफ्रेंड है तुम्हारे ?”,पृथ्वी ने चिढ़कर कहा क्योकि यहाँ वह अवनि के साथ टाइम स्पेंड करने आया था और सुरभि उसे अपनी अनरोमांटिक लाइफ की कहानी सुना रही थी
“क्या मतलब कितने बॉयफ्रेंड ? मेरा एक ही बॉयफ्रेंड था अनिकेत और अब वो मेरा EX है , मैं सिद्धार्थ की बात कर रही हूँ”,सुरभि ने भी चिढ़कर कहा  

“अब उसे क्या हुआ ?”,पृथ्वी ने पूछा
सुरभि ने एक गहरी साँस ली और नाक सुड़ककर कहा,”मेरे दिल में अपने लिए फीलिंग्स जगाकर वो आज शाम किसी और से सगाई कर रहा है,,,,,,,,,ये जानकर मुझे रोना आ रहा है और इसलिए मैं यहाँ बैठकर बियर पी रही हूँ”
पृथ्वी ने सुना तो अपना हाथ अपने ललाट पर दे मारा और कहा,”सुरभि ! तुम थोड़ी बेवकूफ हो क्या ? अगर वो किसी और सगाई कर रहा है इसका मतलब ये हुआ ना कि उसे तुम से प्यार नहीं है , क्या उसने तुम से कभी कहा कि वो तुम से प्यार करता है ?”

“नहीं ! उसने ऐसा तो कभी नहीं कहा”,सुरभि ने मासूमियत भरे स्वर में कहा
“तो फिर तुमने ये कैसे मान लिया ? और ऊपर से यहाँ बैठकर उसकी सगाई होने के गम में बियर पी रही हो , उठो और चुपचाप घर जाओ,,,,,,”,पृथ्वी ने कहा
“लेकिन पृथ्वी,,,,,,,,,,,,!!!”,सुरभि ने कहा
“मुँह बंद समझी , मैं कैब बुक कर रहा हूँ चुपचाप कैब में बैठो और घर जाओ और खबरदार जो तुमने और अब और पी और कोई ड्रामा किया,,,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने सुरभि को फिर फटकार लगाई

“तुम मुझे डांट रहे हो पृथ्वी ?”,सुरभि ने मासूमियत भरे स्वर में रोआँसा होकर कहा
“अरे नहीं मेरी माँ मैं तुम से रिक्वेस्ट कर रहा हूँ प्लीज घर जाओ , देखो इस वक्त तुम अकेली हो और तुम्हारे साथ कोई है भी नहीं सो प्लीज,,,,,,,,,,,अभी तुम होश में नहीं हो इसलिए मेरा तुम्हे कुछ भी समझना वेस्ट जायेगा। देखो कैब आती है तब तक मैं तुम्हारे साथ फॉन पर ही हूँ,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने सुरभि को समझाया तो धीरे धीरे उसे समझ आया कि इस वक्त उसे अकेले यहाँ रुकना नहीं चाहिए।

जब तक कैब आयी तब तक पृथ्वी ने फोन चालू रखा और फिर कैब वाले से बात करके सुरभि को सही सलामत उसकी बिल्डिंग पहुंचाने को कहा। सुरभि अपना बैग लिए गाड़ी में आ बैठी और कैब ड्राइवर उसे लेकर निकल गया। सुरभि जहा बियर पी रही थी वह जगह सुरभि के फ्लेट से बस 10 मिनिट की दुरी पर थी इसलिए पृथ्वी ने फोन चालू ही रखा। कैब ड्राइवर ने सुरभि को बिल्डिंग के अंदर तक छोड़ा और चला गया। सुरभि लिफ्ट से ऊपर आयी और अपने फ्लेट में आकर दरवाजा बंद करके पृथ्वी से कहा,”तुम पागल हो क्या ?”

“अब मैंने क्या किया ?”,पृथ्वी ने हैरानी से पूछा
“तुम्हे क्या मैं छोटी बच्ची लगती हूँ , पुरे रास्ते तुम फोन पर मुझे लेक्चर दे रहे थे। मैं खुद से भी तो घर आ सकती थी ना?”,सुरभि ने लड़खड़ाती आवाज में कहा
“तुम कौन हो ?”,पृथ्वी ने सुरभि की बात का जवाब देने के बजाय सवाल किया
“मैं सुरभि हूँ , अवनि की दोस्त”,सुरभि ने कहा

“और अवनि कौन है ?”,पृथ्वी ने सहजता से फिर पूछा
“अवनि तुम्हारी वाइफ है”,सुरभि ने कहा
“करेक्ट ! मैंने तुम्हारी नहीं अपनी वाइफ की दोस्त की मदद की है और इसलिए की है क्योकि मुझे सिर्फ मेरी वाइफ की ही नहीं बल्कि उस से जुड़े हर इंसान की परवाह है,,,,,,,,,अब मैं फोन रखता हूँ अपना ख्याल रखना , मैं कल सुबह तुम्हे फोन करता हूँ ! गुड नाईट”,पृथ्वी ने कहा और फोन काट दिया

पृथ्वी की बात सुनकर सुरभि खामोश हो गयी और फोन कान से हटाकर खुद में ही बड़बड़ाई,”ओह्ह्ह पृथ्वी ! आखिर तुम किस मिटटी के बने हो , तुम्हे अपनी वाइफ से जुड़े लोगो की भी परवाह है,,,,,,,,,,,,,,आई ऍम सो सॉरी मैंने तुम से कहा कि सब मर्द एक जैसे होते है , नहीं पृथ्वी तुम सबसे अलग हो , सबसे अलग,,,,,,,,,,,अवनि इज सो लकी एंड आई ऍम आल्सो लकी जिसे तुम्हारे जैसा दोस्त मिला”

सुरभि का सर अब धीरे धीरे भारी होने लगा उसने फोन वही सोफे पर डाल दिया और अपना सर पकडे अंदर कमरे में चली गयी। वह बिस्तर पर आ गिरी और नींद के आगोश में चली गयी

देसाई मेंशन्स , मुंबई
ऑफिस से मिस्टर देसाई सीधा घर चले आये उनके जहन में अभी भी ऑफिस की ही बाते घूम रही थी। पिछले पांच मिनिट से गाड़ी घर के पोर्च में आकर रुकी हुई थी लेकिन पिछली सीट पर बैठे मिस्टर देसाई ना जाने किस सोच में गुम थे आख़िरकार ड्राइवर बोल उठा,”सर ! घर आ गया है”
“ओह्ह्ह हाँ”,देसाई सर की तंद्रा टूटी और वे गाडी से नीचे उतरे। ड्राइवर भी अपनी सीट से उतरकर बाहर आया तो देसाई सर ने कहा,”ये गाडी पार्किंग में लगा दो और फिर तुम भी घर जाओ,,,,,,,,,,,!!!”

“जी सर,,,,,,,!!!”,ड्राइवर ने कहा और जैसे ही जाने लगा मिस्टर देसाई ने कहा,”अह्ह्ह सुनो ! खाना खाया तुमने ?”
“नहीं सर,,,,,,,,!!!”,ड्राइवर ने कहा क्योकि ये देसाई सर के ऑफिस का ड्राइवर था लेकिन आज मिस्टर देसाई को घर लेकर आया था।
मिस्टर देसाई ने पर्स से 500 का नोट निकाला और ड्राइवर की तरफ बढाकर कहा,”ये रखो और खाना खा लेना”
“थैंक्यू सर , गुड नाईट सर”,ड्राइवर में मुस्कुरा कर कहा
“गुड नाईट,,,,!!!”,मिस्टर देसाई ने कहा और अंदर चले गए।

जैसे ही मिस्टर देसाई अंदर आये डायनिंग टेबल पर बैठी प्राची ने कहा,”ओह्ह्ह डेड ! आपने आने में कितनी देर कर दी , मैं कब से खाने के लिए आपका वेट कर रही हूँ , जल्दी से फ्रेश होकर आईये और खाना खाइये”
“तुम खा लो मुझे , मुझे भूख नहीं है”,देसाई सर ने परेशानी भरे स्वर में कहा उनके जहन में अभी भी ऑफिस की बातें चल रही थी। प्राची ने मिस्टर देसाई को परेशान देखा तो उठकर उनके पास आयी और कहा,”क्या हुआ डेड , आप कुछ परेशान दिख रहे है ?”

“नहीं कुछ नहीं , तुम खाना खाओ मैं अपने कमरे में जाता हूँ,,,,,,,,,,,,मेरे लिए एक कप कॉफी भिजवा देना”,कहकर मिस्टर देसाई वहा से चले गए।
प्राची ने डायनिंग के पास खड़े नौकर से कॉफी लेकर जाने को कहा और खुद खाना खाने आ बैठी। खाना खाते हुए प्राची को कुछ याद आया और उसने अपने फोन से भरत का नंबर डॉयल किया।

एक दो रिंग जाने के बाद भरत ने फोन उठाया और कहा,”हां मैडम ! आपने इस वक्त मुझे फोन किया सब ठीक है ना ?”
“भरत ! मैंने तुमसे जो कहा था वो काम हुआ या नहीं ? मौर्या एंड कम्पनी से पृथ्वी उपाध्याय का रिजाइन मिला या नहीं ?”,प्राची ने कठोर और धीमे स्वर में कहा
“प्राची मैडम ! लगता है आपने मुझे बहुत हलके में ले लिया , पृथ्वी का रिजाइन लेटर उसी दिन मिल गया था जब आप मुंबई से बाहर गयी थी। आप कुछ कहे और मैं ना करू ऐसा कभी हुआ है क्या ? आखिर आपने मेरे लिए अपनी MD की पोजीशन जो छोड़ी है”,भरत ने मुस्कुराते हुए कहा

“अपनी MD की पोजीशन मैंने तुम्हारे लिए नहीं बल्कि पृथ्वी के लिए छोड़ी है भरत,,,,,,,,,,,,,जाने दो तुम नहीं समझोगे , ये बाताओ ऑफिस में कुछ हुआ है क्या ? डेड जबसे घर आये है कुछ परेशान नजर आ रहे है”
प्राची की बात सुनकर एक पल के लिए भरत के चेहरे पर भी परेशानी के भाव आये कि कही मिस्टर देसाई को उस पर शक तो नहीं हो गया लेकिन अगले ही पल उसने बहुत ही विश्वास से भरकर कहा,”नहीं ऐसा तो कुछ नहीं हुआ ,  लगता है सर ट्रेवल करके थक गए है”

“हम्म्म शायद,,,,,,,,,,पृथ्वी का रिजाइन लेटर मुझे मेल करो”,प्राची ने कहा और फोन काट दिया
कुछ देर बाद उसका फोन बजा। भरत की तरफ से एक मेल उसे मिला था जिसमे पृथ्वी का रिजाइन लेटर था , उसे देखते ही प्राची के होंठो पर मुस्कान तैर गयी और वह धीरे से बड़बड़ाई,”अब तुम्हे मेरे पास आने से कोई नहीं रोक सकता पृथ्वी,,,,,,,,,,,,!!!”
प्राची ख़ुशी ख़ुशी खाना खाने लगी। वह जो कर रही थी उसके बाद आने वाले तूफ़ान का उसे अंदाजा भी नहीं था।  

Fiesta Beach Resort , गोवा
अवनि फ्रेश होकर कपडे बदल चुकी थी इस बार भी उसने सूट ही पहना था। सुरभि से बात करके पृथ्वी अंदर आया। पृथ्वी ने अवनि को सुरभि से हुई बातचीत के बारे में नहीं बताया क्योकि वह अवनि को ये सब बताकर परेशान करना नहीं चाहता था। अवनि ने अपने आधे बालों को पीछे करके उनमे क्लेचर डाल रखा था वह पृथ्वी के सामने आयी और गर्दन हिलाकर इशारे में पूछा कि क्या वह ठीक लग रही है। पृथ्वी थोड़ा अवनि के करीब आया और अपना हाथ बढाकर उसके बालों में लगे क्लेचर को निकालकर कहा,”अब अच्छी लग रही हो”

अवनि मुस्कुरा उठी तो पृथ्वी ने कहा,”मैं फ्रेश होकर आता हूँ”
अवनि ने हामी में गर्दन हिला दी और कमरे को देखने लगी। कमरा बहुत ही खूबसूरत था। एक किंग साइज बेड , बड़ी सी खिड़की जिस से समंदर दिखाई दे , एक तरफ बैठने के लिए सोफा , कमरे की छत से लटकता फानूस , बड़ा सा मखमली गलीचा , खिड़कियों पर लगे खूबसूरत परदे , सब काफी अच्छा लग रहा था। पृथ्वी ने बस शर्ट की जगह टीशर्ट पहना और ऊपर जैकेट डाल लिया। वह अवनि की तरफ आया और कहा,”चले ?”
अवनि ने हामी में गर्दन हिला दी तो पृथ्वी ने उसके कंधो पर हाथ रखा और कमरे से बाहर निकल गया।

एंथनी उन दोनों को लेकर पार्टी वाली जगह पहुंचा जहा आज होटल की तरफ से पार्टी थी और साथ ही उसने अवनि और पृथ्वी को आज के स्पेशल गेस्ट बोलकर सबसे इंट्रो भी करवाया। पृथ्वी ने अपने कॉलेज के दिनों में दोस्तों के साथ मुंबई में नाईट लाइफ बहुत बार देखी थी इसलिए उसके लिए ये सब नार्मल था लेकिन अवनि पहली बार ये सब देख रही थी। वह खुश भी थी और थोड़ा नर्वस भी थी क्योकि उसे छोड़कर बाकी हर लड़की का पहनावा अलग था।

कुछ ने छोटे कपडे पहने थे तो कुछ ने तो बिल्कुल ना के बराबर लेकिन वहा कोई किसी को जज करने वाला नहीं था सब अपनी अपनी मस्ती में मस्त थे। खा पी रहे थे और एन्जॉय कर रहे थे। अवनि और पृथ्वी के लिए एक अलग से टेबल बुक था तो पृथ्वी अवनि को लेकर यही चला आया और कहा,”तुम कुछ खाओगी ?”
“अह्ह्ह नहीं,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने कहा

अवनि को देखकर पृथ्वी समझ गया कि अवनि इस माहौल में आकर खुश तो है लेकिन थोड़ा नर्वस भी है तो उसने कहा,”तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए कुछ पीने को लेकर आता हूँ,,,,,,,,,,,,,!!!”
पृथ्वी चला गया वापस आया तो देखा अवनि के हाथ में पहले से एक गिलास है और जैसे ही अवनि ने उसे अपने होंठो से लगाया पृथ्वी ने आगे बढ़कर अवनि से वो गिलास लेकर कहा,”अवनि ! तुम ये क्यों पी रही हो ?”
“क्योकि यहाँ सब यही पी रहे है”,अवनि ने मासूमियत से कहा

पृथ्वी ने अवनि से लिए गिलास को साइड में रखा और कहा,”तुम में और बाकि सब में फर्क है”
“क्या फर्क है ? वो सब पी सकते है तो मैं क्यों नहीं ?”,अवनि ने गिलास लेकर कहा तो पृथ्वी ने अवनि को रोककर कहा,”क्योकि ये सब तुम्हे सूट नहीं करेगा”

पृथ्वी ने इसलिए कहा क्योकि अवनि जो पीने जा रही थी वो वाइन थी और अवनि को लगा कि आज पहली बार पृथ्वी उसे वहा मौजूद लड़कियों से कम्पेयर कर रहा है। उसने पृथ्वी के हाथ से गिलास लिया और एक साँस में उसमे भरी वाइन पीकर कहा,”मैं यहाँ मौजूद इन सब लोगो से बेहतर हूँ,,,,,,,,,,,,!!”
पृथ्वी ने देखा तो अपना सर पीट लिया

( क्या पृथ्वी सुलझा पायेगा सुरभि की उलझन ? क्या मिस्टर देसाई को होने लगा है भरत पर शक ? क्या वाइन के नशे में अवनि करने वाली है कोई तमाशा ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत सीजन 3” मेरे साथ )

Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15

Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15Pasandida Aurat Season 3 – 15

Continue With https://sanjanapoet.com/pasandida-aurat-season3-16/

Follow Me On https://www.instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल 

Pasandida Aurat Season 3
Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 3Pasandida Aurat Season 3 by Sanjana Kirodiwal
#Banaras#Pasandida Aurat#PasandidaAuratSeason2#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalPasandida AuratPasandida Aurat Prathvi and Awni storypasandida aurat sanjana kirodiwalPasandidaAurat Season 2sanjana kirodiwal pasandida aurat
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Manmarjiyan Season 5 – 10
next post
Manmarjiyan Season 5 – 11

You may also like

Pasandida Aurat Season 3 – 62

October 20, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 61

October 18, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 60

October 16, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 59

October 14, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 58

October 12, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 57

October 10, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 56

October 8, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 55

October 6, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 54

October 4, 2026

Pasandida Aurat Season 3 – 53

October 2, 2026

1 comment

Kshmata Chauhan July 18, 2026 - 2:34 pm

Ab Avni ko ho jayega Nasha…aur wo agar wo gana gaa de ‘zara sa zoom loo main’ mazaa aa jayega… idhar yeh Prachi khud ko jitna smart samaj rhi hai na utni he bewakoof hai… Prithvi ko job degi yeh pagal…lakin agar isne Prithvi ko mazboor kar diya to fir…lakin Mr. Desai ko Bhrat k bare m kon btayega…kab uski pol khulegi…aur yeh Surbhi next day uthkar afsos karengi apni harkato pe.

Reply

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal