Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat

Pasandida Aurat – 85

by Story With Sanjana December 10, 2025
written by Story With Sanjana December 10, 2025 0 comments
2

Pasandida Aurat – 85

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

पुरे चार दिन बाद पृथ्वी ने अवनि को मैसेज किया था अवनि ने मैसेज खोलकर देखा तो लिखा था “आप ठीक है ना मैडम जी ?”
अवनि ने पढ़ा तो नम आँखों के साथ मुस्कुरा उठी , सुरभि ने देखा तो अवनि ने फोन उसके सामने कर दिया। पृथ्वी का मैसेज पढ़कर सुरभि मुस्कुराई और कहा,”ये तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ने वाला , तुम बात करो मैं दोनों के लिए बढ़िया अदरक वाली चाय बनाकर लाती हूँ”

अवनि ने हामी में गर्दन हिलायी और पृथ्वी को लिखकर भेजा “मैं ठीक हूँ , तुम कैसे हो ?”
“बिल्कुल ठीक नहीं हूँ , मुझे वापस राजस्थान आना है मैडम जी”
– तुम पागल हो गए हो , अभी तुम उस कंडीशन में नहीं हो और प्लीज इस बार जिद मत करना
“मैं जिस भी कंडीशन में हूँ लेकिन मैं आपको उस कंडीशन में नहीं देख सकता जो मैंने उस दिन देखा,,,,,,,,,,हाह ! उसकी हिम्मत कैसे हुई आपको ऐसे ले जाने की ? मैं मजबूर ना होता तो उसे कभी ऐसा करने नहीं देता,,,,,,!”
– तुमने उसे मारा क्यों नहीं ?

अवनि का सवाल देखकर पृथ्वी मुस्कुराया और लिखकर भेजा “मैं चाहता तो उसे आपके सामने मार सकता था पर अगर मैं ऐसा करता तो आपकी आँखों में अपने लिए वो प्यार कैसे देख पाता जो मैंने उस शाम देखा था”
पृथ्वी का जवाब देखकर अवनि का दिल धड़कने लगा और उसने लिखकर भेजा – मैं तुम से प्यार नहीं करती पृथ्वी
“मैडम जी ! आप चाहे तो ये बात आप खुद को तसल्ली देने के लिए कह सकती है , मुझे मेरे सवाल का जवाब उस शाम मिल गया था , वरना किसी में इतनी हिम्मत नहीं जो मुझे मार सके,,,,,,,,,!!”

– मतलब तुमने जान बूझकर मार खायी ?
“हाँ,,,,,,!!”
– तुमने ऐसा क्यों किया पृथ्वी ?
“बस देखना चाहता था मुझे तकलीफ में देखकर आपको तकलीफ होती है या नहीं , उफ्फ क्या मोमेंट था वो मारा उसने मेरे मुँह पर था लेकिन दर्द सीने में हुआ , आपकी आँखों में अपने लिए आँसू देखकर,,,,,,,उसके बाद तो मैं मर भी जाता तो मुझे कोई अफ़सोस नहीं होता”
– ऐसी बाते मत करो प्लीज

“हम्म्म्म सॉरी ! वैसे 4 दिन आपसे बात नहीं कर पाया उसके लिए सॉरी ! मेरा फोन आज मेरे हाथ में आया है और सबसे पहले आपको मैसेज किया है,,,,,,,आप ठीक है ना मैडम जी ?”
– हम्म्म ! अब ठीक हूँ
“तो कब फिर आऊ मैं ?”
– किसलिए ?
“आपके घर शादी का रिश्ता लेकर”
– पृथ्वी ! तुम फिर शुरू हो गए

“मैडम जी ! इस बार मैं मजाक नहीं कर रहा , मैं सीरियसली आपसे पूछ रहा हूँ,,,,,,,,,अब तक मुझे लग रहा था कि हो सकता है सिद्धार्थ को लेकर मुझे कोई गलतफहमी हो लेकिन उस शाम उस से मिलने के बाद मुझे ये यकीन हो गया कि वो इंसान आपके लायक नहीं है।”
– थोड़ा वक्त लगा पर समझ आ गया कि वो मेरे लायक नहीं है , पर लायक तो तुम्हारे मैं भी नहीं हु पृथ्वी,,,
“आइंदा ये बात मेरे सामने कही तो सीधा आऊंगा राजस्थान ना घरवालों से पूछूंगा ना आपसे और सीधा उठा के यहाँ ले आऊंगा , उसके बाद में मेरे सामने बैठकर बोलना ये बात”

– तुम मुझे धमकी दे रहे हो ?
“नहीं प्यार से समझा रहा हूँ , मुझमे इतनी हिम्मत कहा कि मैं आपको धमकी दू”
– तुम मुझसे डरते हो ?
“नहीं मैडम जी डरता तो मैं अपने बाप से भी नहीं , मैं बस आपकी रिस्पेक्ट करता हूँ और आखरी साँस तक करूंगा”
– तुम बहुत अच्छे लड़के हो पृथ्वी ,  मेरे लिए अपना वक्त और फीलिंग्स बर्बाद मत करो

“मैं कुछ बर्बाद नहीं कर रहा मैडम जी , मैं अपनी जिंदगी को लेकर बहुत क्लियर हूँ मुझे जो चाहिए वो हर हाल में चाहिए और उसके लिए मैं आखरी साँस तक कोशिश करूंगा। आप करते रहिये ना , मै भी इंतजार करता रहूंगा कभी तो आपकी हाँ होगी,,,,,,!!”
– मतलब तुम शादी नहीं करोगे ?
“आप हाँ कह दीजिये , कल ही कर लूंगा”
– मैं तुम्हे कैसे समझाऊ

“मुझे नहीं मैडम जी खुद को समझाइये , हमारी जिंदगी में कभी इतना गलत भी नहीं हुआ होता कि हम उसे ठीक न कर सके। जिंदगी हम से अगर कुछ लेती है तो बदले में कुछ बेहतर वापस भी देती है , बस हम ही नहीं समझ पाते,,,,,,,,,!!”
पृथ्वी की बात से अवनि खामोश हो गयी उसके पास पृथ्वी की इन बातो का कोई जवाब नहीं था। कुछ देर बाद उसने लिखकर भेजा
– तुम्हारी फॅमिली मुझे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगी पृथ्वी
“मैं उन्हें मना लूंगा , नहीं भी माने तो कुछ साल बाद मान जायेंगे,,,,,,,,,,मेरे घर में ये पहले भी हो चुका है कुछ नया नहीं है”

– माँ-बाप का दिल दुखाकर हम कभी खुश नहीं रह पाएंगे
“अच्छा और इसके लिए चाहे हम जिंदगीभर खुद का दिल दुखाते रहे , हमारे माँ-बाप अपनी जिंदगी जी चुके है ना अवनि , और हर इंसान को अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीने का पूरा हक़ है , अपनी मर्जी से शादी करने का हक़ है , अपनी मर्जी से नौकरी करने का हक़ है,,,,,,,,,दुसरो की ख़ुशी के लिए खुद को जिंदगीभर दुःख में रखना कहा की समझदारी है”

अवनि के पास पृथ्वी की बातो का कोई जवाब नहीं था इसलिए उसने लिखकर भेजा – तुमने खाना खाया ?
“वाह बेटा , बदलना तो कोई आपसे सीखें , नहीं खाया मैंने और नहीं खाऊंगा ,, और आपको मेरी परवाह करने की जरूरत नहीं है चाहे मैं खाऊ या ना खाऊ,,,,,,,,,,,,मैं आपका कुछ नहीं नहीं लगता तो ना सही लेकिन आप , आप मेरे लिए सब कुछ हो,,,,,,,,,,,,,पर मैं ये बाते किसे बता रहा हूँ एक पत्थर दिल को जिसे सबको खुश रखना है , सबकी ख़ुशी देखनी है बस मेरी नहीं”

पृथ्वी का जवाब पढ़कर अवनि मुस्कुराने लगी , आज पहली बार पृथ्वी उस पर गुस्सा कर रहा था लेकिन अवनि को बुरा नहीं लग रहा था बल्कि उसे पृथ्वी के गुस्से में भी प्यार नजर आ रहा था।

अवनि से नाराज होकर पृथ्वी ऑफलाइन चला गया। उधर सुरभि अवनि और अपने लिए चाय लेकर आयी तो दोनों चाय पीते हुए बाते करने लगी। सुरभि ख़ुश थी कि धीरे धीरे अवनि की जिंदगी से परेशानिया अब खत्म हो रही है।

अवनि से नाराज होकर पृथ्वी ने अपना फोन साइड में फेंका और खुद में ही बड़बड़ाया,”हाह ! समझती क्या है वो खुद को , हर बार क्या उसकी ही जिद चलेगी,,,,,,,,,,,मैं कैसे यकीन दिलाऊ उसे कि मैं नहीं सोच सकता किसी और लड़की के बारे में , नहीं कर सकता किसी और से शादी और अगर कर भी ली तो बहुत ही खराब पति साबित होने वाला हूँ क्योकि मैं कभी किसी और लड़की को उस नजर से देख ही नहीं पाऊंगा। “मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ” हाह ये क्या बात हुई लायक नहीं हो,,,,,,,,

एक लड़के ने शादी तोड़ दी , दूसरे ने प्यार में दिल तोड़ दिया इसका मतलब ये हो गया कि तुम किसी के लायक नहीं हो,,,,,,,,,,लायक तो वो सब नहीं थे तुम्हारे इसलिए आज तुम इन हालातों में हो,,,,,,,,,,,मैं भी नहीं करूंगा अब तुमसे बात , रहो तुम अकेली , अब तुम बुलाओगी तब भी नहीं आऊंगा,,,,,,,,,,आह्ह्ह्हह ( गुस्से में अपना हाथ झटकता है तो कलाई में दर्द का अहसास होता है और पृथ्वी के मुँह से आह निकल जाती है ) मैं सोचूंगा ही नहीं तुम्हारे बारे में , नहीं करूंगा तुम्हे याद ना तुम्हारा नाम लूंगा और नहीं करूंगा मैं किसी और से शादी , जिंदगीभर ऐसे ही रहूंगा,,,,,,,,,,,!!!”

पृथ्वी की बातो से झलक रहा था कि इस वक्त वह अवनि से नाराज था। दूसरी तरफ अवनि को पृथ्वी की नाराजगी का अहसास था लेकिन वह चाहकर भी पृथ्वी की बात नहीं मान सकती थी। देर रात अवनि और सुरभि सोने कमरे में चली आयी । सुरभि को तो बिस्तर पर लेटने के कुछ देर बाद ही नींद आ गयी लेकिन  अवनि को नींद नहीं आ रही थी वह बेचैनी में करवटें बदलती रही और फिर उठकर अपनी स्टडी टेबल पर चली आयी। उसने स्टडी टेबल पर रखा लेम्प जलाया और धीरे से दराज खोलकर उसमे रखा एक कोरा खत निकाला और पृथ्वी के लिए लिखने लगी।

अवनि इत्मीनान से बैठकर खत लिख ही रही थी कि तभी उसका फोन वाइब्रेट हुआ। अवनि ने अपना फोन देखा तो पाया पृथ्वी का मैसेज था। अवनि मुस्कुरा उठी क्योकि पृथ्वी कुछ घंटे भी उस से नाराज नहीं रह पाया और उसे मैसेज कर दिया अवनि ने मैसेज खोलकर देखा
– मैडम जी
“हम्म्म”
– Sorry , वो गुस्से में आकर कुछ ज्यादा ही बोल दिया
“कोई बात नहीं तुम्हे जब भी गुस्सा आये तुम मुझ पर चिल्ला सकते हो”
– अरे नहीं ! मैं आप पर कभी गुस्सा नहीं कर सकता

“तुम सोये नहीं ?”
– नींद नहीं आ रही
“आँखे बंद करो आ जाएगी”
– आँखे बंद करता हूँ तो मुझे आप दिखाई देती है , आपके साथ बिताये पल मेरी आँखों के सामने आते है
“तो कोई अच्छा म्यूजिक सुन लो , उस से तुम्हे पक्का नींद आ जाएगी”
– आप सुना दो ना कुछ
“मैं क्या सुनाऊ ?”

– कुछ भी सुना दीजिये , कुछ ऐसा जिसे सुनकर मुझे आज रात नींद आ जाये
“हम्म्म्म ठीक है”
अवनि ने पृथ्वी को इंस्टाग्राम से ही फोन लगा दिया क्योकि अभी तक पृथ्वी के पास अवनि का नंबर नहीं था।
एक ही रिंग में पृथ्वी ने फोन उठाया और अपने कान से लगाकर आँखे मूँद ली और कहा,”सुनाईये,,,,,,,,,,!!”
अवनि कुछ देर खामोश रही और फिर धीरे धीरे गाने लगी

“हमको मिली है आज ये घडिया नसीब से
जीभर के देख लीजिये , हमको करीब से
फिर आपके नसीब में , ये रात हो ना हो
शायद फिर इस जन्म में मुलाकात हो न हो
लग जा गले के फिर ये हंसी रात हो न हो
शायद फिर इस जन्म में मुलाकात हो न हो
लग जा गले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!

अवनि ने जैसे ही गाना बंद किया उसने महसूस किया कि दूसरी तरफ से बस पृथ्वी की साँसो की आवाज आ रही थी जिसका मतलब था कि पृथ्वी सो चुका था। पृथ्वी की साँसो का वह शोर अवनि को इस वक्त किसी मधुर संगीत से कम नहीं लग रहा था। उसने कॉल कट नहीं किया , फोन कान से लगाए उसने अपना सर टेबल पर रख दिया और पृथ्वी की साँसो का शोर सुनने लगी।

अवनि को गाने सुनने का बहुत शौक था , सैंकड़ो गाने उसे मुँह जबानी याद थे पर आज जब पृथ्वी ने अवनि से गाना सुनाने को कहा तो ना जाने क्यों अवनि को ये गाना याद आया और इस गाने में भी ये चंद चुनिंदा लाइन्स और ऐसा क्यों हुआ अवनि नहीं जान पायी वह तो बस पृथ्वी के लिए गुनगुना रही थी।

अवनि को भी नींद आ गयी और कॉल अपने आप कट हो गया। सुबह 4 बजे सुरभि की आँख खुली तो उसने अवनि को टेबल पर सर रखे सोते पाया। वह आँखे मसलते हुए अवनि के पास आयी , उसने अवनि के कान से लगा फोन हटाकर साइड मे रखा। टेबल का लेम्प जल रहा था उसी की रौशनी में सुरभि की नजर पड़ी उस खत पर जिसे अवनि लिखने जा रही थी। सुरभि ने उस खत को उठाया जिस पर बीती रात की तारीख के साथ बस एक लाइन लिखी थी “मैं नहीं जानती ये खत कभी तुम तक पहुंचेगा भी या नहीं लेकिन फिर भी मैं तुम्हे ये खत लिखने से खुद को रोक नहीं पायी,,,,,,,,,,,,!!”

आगे का पूरा खत खाली था शायद इसे आगे लिखने से पहले ही अवनि सो चुकी थी। सुरभि ने अवनि को उठाया और बिस्तर पर चलकर सोने को कहा। खत को मोड़कर उसने उसे टेबल की दराज में रख दिया पानी पीने किचन की तरफ चली गयी। सुरभि वापस आयी और अवनि के बगल में आकर लेट गयी क्योकि अभी उसे और सोना था।

अगली सुबह सुरभि अवनि से पहले उठ गयी और घर की सफाई कर चाय बनाने लगी तब तक अवनि भी उठ चुकी थी। अवनि कमरे से बाहर चली आयी। मुँह धोया और सुरभि से चाय लेकर सोफे पर आ बैठी। अवनि का मन अब शांत था। सिद्धार्थ हमेशा के लिए उसकी जिंदगी से जा चुका था , पृथ्वी ठीक था और सुरभि उसके साथ थी। चाय के साथ ही हलकी फुलकी कुछ बातें करके सुरभि और अवनि अपने अपने ऑफिस के लिए तैयार होने लगी। नाश्ता कर अपना अपना लंच लेकर ऑफिस चली गयी।

अवनि बैंक में अपना काम कर रही थी और पृथ्वी को ऑफिस जाना नहीं था इसलिए उसके पास अवनि को परेशान करने के लिए वक्त ही वक्त था। अवनि से बात करते हुए उसकी सुई एक बार फिर शादी पर आकर अटक गयी। अवनि की जिद से परेशान होकर अवनि ने लिखकर भेजा – पृथ्वी ! तुम अपनी जगह सही हो पर मान लो कल को अगर तुम्हारे घरवाले नहीं माने तब , तब तुम क्या करोगे ? इसलिए कह रही हूँ कि मुझसे लगाव कम रखो कल अगर हमारे रस्ते अलग हो गए तो तुम्हे बहुत तकलीफ होगी।

अवनि की बात सुनकर पृथ्वी उदास हो गया , वह अवनि को लेकर जितना कॉन्फिडेंट था अवनि उसे लेकर उतनी ही कन्फ्यूज , पृथ्वी का मन उदास हो गया  

पृथ्वी ने अवनि के सामने तो बड़ी बड़ी बाते कह दी कि वह घरवालों को मना लेगा , उनके खिलाफ जाकर भी अवनि से शादी कर लेगा , अवनि के लिए वह सबसे लड़ लेगा लेकिन जब उसने अकेले में बैठकर इस बात पर विचार किया तो उसके अपने ही इरादे कमजोर पड़ने लगे। सच ही तो कहा था अवनि ने अगर पृथ्वी के घरवाले नहीं माने तब पृथ्वी क्या करेगा ? अगर अवनि की शादी कही और हो गयी तब पृथ्वी क्या करेगा ? अगर परिवार और अवनि में से किसी एक को चुनना पड़ा तब पृथ्वी क्या करेगा ? पृथ्वी के पास सवाल थे लेकिन उनका जवाब अभी उसके पास नहीं था। 

साथ ही पृथ्वी को अब ये डर सताने लगा था कि कही वह हमेशा के लिए अवनि को न खो दे और इसी डर और उलझन में पूरा दिन निकल गया। पृथ्वी की अवनि से कोई बात नहीं हुई और आख़िरकार शाम होते होते उसने मन ही मन एक फैसला किया और उठकर अपने कमरे से बाहर आया। लता किचन में काम कर रही थी और लक्षित हॉल में बैठा अपने फोन में विडिओ गेम खेल रहा था। पृथ्वी को देखकर लता ने कहा,”अरे तुम बाहर क्यों आये ? कुछ चाहिए तो मुझसे कहा होता , अभी तुम चलने फिरने की हालत में नहीं हो बेटा”

“मुझे आपसे कुछ जरुरी बात करनी है आई”,पृथ्वी ने हिम्मत करके कहा
“हाँ बताओ लेकिन पहले यहाँ आराम से बैठो,,,,,,!!”,लता ने उसे सहारा देकर सोफे पर बैठा दिया। पृथ्वी के आधे पैर में अभी भी प्लास्टर लगा था , हाथ का प्लास्टर भी अभी खुला नहीं था। चेहरे पर लगे चोट के निशान कायम थे बस घाव भर चुके थे। उसने लता की तरफ देखा और कहा,”मैं राजस्थान एक लड़की से मिलने गया था आई , मैं उस से बहुत प्यार करता हूँ और उस से शादी करना चाहता हूँ,,,,,,,,!!”

लता ने जैसे ही सुना हैरानी से उनके चेहरे के भाव बदल गए , लक्षित ने भी अपना गेम रोक दिया। लता ने नहीं सोचा था कि पृथ्वी किसी रोज उन्हें ऐसा कुछ बताएगा।  पृथ्वी ने लता को अवनि के बारे में सब बता दिया , यहाँ तक कि उसकी शादी टूटने से लेकर सिद्धार्थ के साथ रिश्ते में होने की बात तक उनके सामने रख दी और यही पृथ्वी ने सबसे बड़ी गलती की। लता ने जब सुना तो परेशान हो गयी क्योकि पृथ्वी की बातो से ये साफ़ नजर आ रहा था कि वह अवनि को बहुत चाहता है।

“ये तू क्या कह रहा है पृथ्वी , तू ऐसी लड़की से शादी करना चाहता है जो अपनी शादी के मंडप से उठ गयी,,,,,,,!!”,लता ने कहा
“अरे तो क्या हो गया आई ? उसके साथ ये सब हुआ इसमें उसकी क्या गलती है ?”,पृथ्वी ने थोड़ा तेज आवाज में कहा

लता ये सब बर्दास्त नहीं कर पायी और अपने सीने पर हाथ रखकर नीचे गिर पड़ी। एक लड़की के लिए पृथ्वी घरवालों के खिलाफ जाने को तैयार था ये देखकर लता को सीने में दर्द उठा। पृथ्वी इस हालत में नहीं था कि उन्हें सम्हाल सके , लक्षित ने उन्हें सम्हाला और इत्तेफाक से रवि जी भी वहा आ पहुंचे। उन्होंने लता को सम्हाला और तुरंत लेकर हॉस्पिटल के लिए निकल गए। पृथ्वी को काफी देर बाद समझ आया कि उसने क्या किया ?

अपने घर में पृथ्वी अकेला बैठा था उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था वह क्या करे ? और आख़िरकार उसे अवनि का ख्याल आया उसने अवनि को मैसेज किया
“क्या आप मुझे कॉल कर सकती है ?”
अवनि ने पृथ्वी का मैसेज देखा और उसे फोन किया तो पृथ्वी ने दुखी स्वर में कहा,”मैंने घर पर आपके बारे में बता दिया है और ये सुनकर आयी को अटैक आया , पापा और भाई उन्हें लेकर हॉस्पिटल गए है,,,,,,,मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा मैं क्या करू ?”

अवनि ने जैसे ही सुना उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गयी। पृथ्वी इतनी बड़ी बेवकूफी करेगा अवनि ने ये सपने में भी नहीं सोचा था। उसने कभी नहीं सोचा था कि पृथ्वी एकदम से अपने घरवालों को उसके बारे में बतायेगा।
“तुम पागल हो क्या पृथ्वी ? ये क्या किया तुमने , तुम तुम इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हो ?”,अवनि ने घबराकर कहा
“मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था मुझे बस लगा मैं आपको खो दूंगा इसलिए मैंने उन्हें आपके बारे में बता दिया , मुझे नहीं पता था ऐसा कुछ हो जाएगा”,पृथ्वी ने रोआँसा होकर कहा

“ओह्ह्ह्ह पृथ्वी ये तुमने क्या किया ? मेरे लिए तुम अपनी मदर की जान जोखिम में कैसे डाल सकते हो ? अपनी फॅमिली को प्रॉब्लम में कैसे डाल सकते हो ? ये सही नहीं किया तुमने ? तुम ऐसा कैसे कर सकते हो पृथ्वी ये गलत है बहुत गलत है,,,,,,,,,,!!”,कहते कहते अवनि रो पड़ी
वह पहले ही पृथ्वी के साथ हुए हादसे के लिए खुद को जिम्मेदार मान रही थी और अब ये सब करके पृथ्वी ने अवनि को और ज्यादा गिल्ट में डाल दिया।

“तो मैं क्या करता ? कोई मेरी बात नहीं समझ रहा है , ना आप , ना घरवाले मैं कैसे समझाऊ मुझे आप चाहिए”,कहते कहते पृथ्वी भी रो पड़ा
“लेकिन मेरे लिए तुम अपनी फॅमिली को परेशानी में नहीं डाल सकते पृथ्वी , तुम्हे कोई हक़ नहीं है। महादेव ने अगर तुम्हारी किस्मत में लिखा होगा तो मैं तुम्हे मिल जाती लेकिन तुम्हे ये नहीं करना चाहिए था”,अवनि ने रोते हुए कहा

अवनि की बात सुनकर पृथ्वी ने गुस्से से कहा,”क्या कर लिया आपके महादेव ने हाँ ? कुछ नहीं कर सकते वो और कुछ नहीं करेंगे वो”
अवनि ने सुना तो अवाक् रह गयी , फोन के उस पार खड़े पृथ्वी ने आज उसके महादेव पर ही सवाल जो उठा दिया था।

( घर पर अवनि के बारे में बताने का पृथ्वी फैसला क्या सही था ? क्या घरवाले मानेंगे पृथ्वी की बात या कर देंगे उसे अवनि से दूर ? क्या अवनि सम्हाल पायेगी अपनी जिंदगी में आयी इस नयी परेशानी को या टूट जाएगा उसका होंसला ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” )

Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85

Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85Pasandida Aurat – 85

  • Continue With Pasandida Aurat – 86
  • Visit http://sanjanakirodiwal.com
  • Follow Me On http://instagram.com/sanjanakirodiwal/

संजना किरोड़ीवाल  

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal
#Banaras#haanYeMohabbatHai#Love-You-Jindgi#Lovestory#MainTeriHeer#Manmarjiyan#Romantic_novel#romanticLoveStory#SanjanaKirodiwalsanjanakirodiwal
Share 0 FacebookTwitterPinterestEmail
Story With Sanjana

मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

previous post
Pasandida Aurat – 84
next post
Pasandida Aurat – 86

You may also like

Pasandida Aurat – 112

January 12, 2026

Pasandida Aurat – 111

January 12, 2026

Pasandida Aurat – 110

January 11, 2026

Pasandida Aurat – 109

January 10, 2026

Pasandida Aurat – 108

January 9, 2026

Pasandida Aurat – 107

January 9, 2026

Pasandida Aurat – 106

January 8, 2026

Pasandida Aurat – 105

January 7, 2026

Pasandida Aurat – 104

January 6, 2026

Pasandida Aurat – 103

January 6, 2026

Leave a Comment Cancel Reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Loading

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

Categories

  • Aa Ab Lout Chale (7)
  • Aakashwani (1)
  • Aur Pyar Ho Gaya (26)
  • Badalte Ahasas (14)
  • Banaras Blog (2)
  • Benam Sa Ak Rishta (1)
  • Bepanah Ishq (17)
  • Funny Story With Sanjana Kirodiwal (3)
  • Geetanjali (1)
  • Haan Ye Mohabbat Hai (49)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 2 (51)
  • Haan Ye Mohabbat Hai – Season 3 (102)
  • Hamari Adhuri Kahani (1)
  • Ishq Ak Junoon (7)
  • Ishq Ka Rang Safed (1)
  • Kitni Mohabbat Hai (54)
  • Kitni Mohabbat Hai Season 2 (1)
  • Lette hi neend aagyi (10)
  • Love Story (6)
    • 2nd Marriage (1)
    • Ak Plate Biryani (1)
    • Is This love ? (1)
    • Ladke Rote Nahi (1)
    • My Crazy Lover (1)
    • Piya Bawre (1)
  • Love You Zindagi (100)
  • Love You Zindagi Season 3 (49)
  • Main Teri Heer (90)
  • Main Teri Heer Season 2 (40)
  • Main Teri Heer Season 3 (45)
  • Main Teri Heer Season 4 (89)
  • Main Teri Heer Season 5 (90)
  • Manmarjiyan Season 1 (53)
  • Manmarjiyan Season 3 (99)
  • Manmarjiyan Season 4 (67)
  • Manmarjiyan Season 5 (42)
  • Meri Aakhari Mohabbat (25)
  • Pakizah Ak Napak Jindagi (50)
  • Pasandida Aurat (113)
  • Pasandida Aurat Season 2 (106)
  • Pasandida Aurat Season 3 (63)
  • Poem (1)
  • Ranjhana (61)
  • Sakinama (29)
  • Shah Umair Ki Pari (49)
  • Story (188)
    • Ak Dard Apna Sa – 1 (1)
    • Kashmir Ki Panaho Me (3)
    • Short Story (4)
      • Ik Ladki Bhigi-Bhagi Si (1)
      • Mera Pahla Or Aakhri Sawan (1)
      • Mere Papa-Bachpan Ki Naw (1)
    • Soulmates aren't just lovers (11)
    • मोहल्ला 24 बट्टे 7 (1)
  • Tere Ishq Me (21)
  • Tere Shahar Me (1)
  • मनमर्जियाँ season 1 (47)
  • मनमर्जियाँ season 2 (98)
  • साक़ीनामा Poetry (1)
  • Facebook
  • Instagram
  • Youtube

@2026 - All Right Reserved. Sanjana Kirodiwal

Sanjana Kirodiwal