Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat

Pasandida Aurat – 107

by Story With Sanjana January 9, 2026
written by Story With Sanjana January 9, 2026 1 comment
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Pasandida Aurat – 107

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

सुरभि ने जैसे ही अवनि के मुँह से सिद्धार्थ का नाम सुना उसके पैरों के नीचें से जमीन खिसक गयी। सुरभि ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था अवनि इतनी बड़ी बेवकूफी करेगी। वो सिद्धार्थ जिसने हमेशा अवनि को दुःख दिया , जिसने अवनि का दिल तोडा अवनि उसी से शादी करने जा रही थी। सुरभि का सर घूमने लगा वह चाहकर भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रही थी कि ये फैसला खुद अवनि ने किया है।

सुरभि अवनि के पास आयी और कहा,”अवनि ! ये तुम क्या कह रही हो ? तुम होश में तो हो ना,,,,,,,,तुम तुम सिद्धार्थ से शादी कैसे कर सकती हो अवनि ? तुम तो पृथ्वी से प्यार करती हो ना फिर तुम सिद्धार्थ को शादी के लिए कैसे हाँ बोल सकती हो ? पृथ्वी को जब पता चलेगा तो क्या बीतेगी उस पर,,,,,,,,,,,,अवनि कह दो ये सब झूठ है , तुम तुम मजाक कर रही हो ना मेरे साथ , बोलो अवनि ये मजाक है ना ?”

“ये सच है सुरभि , मैं सिद्धार्थ से शादी कर रही हूँ”,अवनि ने बिना किसी भाव के कहा ये सुनकर सुरभि अवनि से पीछे हटी और हैरानी से उसे देखने लगी। अवनि के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे , उसकी आँखे खाली थी और चेहरे पर कोई चमक नहीं थी। सुरभि ने अवनि को देखा और कहा,”तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है अवनि , ये क्या करने जा रही हो तुम ? सिद्धार्थ से शादी करने का तुम्हारा फैसला बिल्कुल गलत है तुम ऐसा कैसे कर सकती हों ?”

“मैंने बहुत सोच समझ कर ये फैसला किया है सुरभि , सिद्धार्थ को अपनी गलतियों का अहसास है और मुझे उसे माफ़ करके एक मौका देना चाहिए”,अवनि ने कहा तो सुरभि चिढ गयी और अवनि के पास आकर गुस्से से कहा,”ओह्ह्ह रियली अवनि ! तुम कब से इतनी महान बन गयी ? सच तो ये है कि तुम सिद्धार्थ से प्यार नहीं करती फिर भी तुम उस से शादी करने जा रही हो , कभी सोचा है इसके बाद पृथ्वी का क्या होगा ?”
अवनि ने एक ठंडी आह भरी और कहा,”वो समझ जायेगा सुरभि , अब तक उसने मुझे समझा है आगे भी समझ जाएगा”

सुरभि ने सुना तो उसे पृथ्वी के लिए बहुत दुःख हुआ , उसने उदासी भरे स्वर में कहा,”वो लड़का तुम से बहुत प्यार करता है अवनि तुम उसके साथ ऐसा कैसे कर सकती हो ? तुम उसे छोड़कर सिद्धार्थ को कैसे अपना सकती हो ? मैं मानती हूँ कि सिद्धार्थ बदल चुका है लेकिन ये जरुरी तो नहीं है कि तुम उस से शादी करो और अपनी बची हुई जिंदगी उसके साथ बिताओ”

अवनि ख़ामोशी से सुरभि को देखने लगी और फिर बुझे स्वर में कहा,”वो भी मेरी तरह एक शिव भक्त है , शहर के कितने ही शिव मंदिरों में उसने मेरे साथ मिलकर शिवलिंग पर जल चढ़ाया था। उसे भी मेरी तरह शोर शराबा पसंद नहीं था। शहर के चमचमाते बार-क्लब की बजाय वो मुझे पहली बार मंदिर लेकर गया , भीड़ में मेरा हाथ थामकर मंदिर की परिक्रमा की और मेरे साथ प्रार्थनाये की। मंदिर के प्रांगण में खड़े जब सर से गिरते दुप्पटे को उसने अपने हाथो से  वापस मेरे सर पर रखा तो लगा स्वयं महादेव ने उसे मेरे लिए भेजा है और वो भी यही कहता था कि महादेव ने हमे मिलाया है”

अवनि इतना कहकर खामोश हो गयी तो सुरभि उसकी तरफ देखने लगी , अवनि की आँखों में नमी और चेहरे पर तकलीफ के भाव थे उसने आह भरकर आगे कहा,”यकीनन हमे महादेव ने मिलाया था लेकिन फिर भी मुझे कभी उस से प्यार नहीं हुआ , हमे  महादेव ने मिलाया इस बात को स्वीकार कर उस से मोहब्बत करना सही है या फिर महादेव पर सवाल उठाने वाले की मोहब्बत को सच मानकर उसके साथ जिंदगी बिताना ?”

सुरभि के पास अवनि के इस सवाल का कोई जवाब नहीं था , देखा जाये तो अवनि अपनी जगह सही भी थी। पृथ्वी के घरवाले अवनि को कभी स्वीकार नहीं करते और जब तक अवनि किसी और बंधन में नहीं बंधती पृथ्वी उसका यू ही इंतजार करता रहेगा कभी अपनी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ेगा। सुरभि का मन भारी होने लगा आखिर वह कैसे इन दोनों को समझाए ? ना अवनि पृथ्वी से बात करना और मिलना चाहती थी , और पृथ्वी वो अवनि को सिद्धार्थ के साथ देखने के बाद से ही खामोश था।

सुरभि ने बीते दिनों में पृथ्वी से बात करने की कोशिश की लेकिन पृथ्वी ने अवनि को लेकर सुरभि से कोई बात नहीं की। सुरभि को खामोश देखकर अवनि उसके पास आयी और कहा,”सुरभि ! जरुरी तो नहीं है न कि जिस से मोहब्बत हो उस से शादी की जाए , मैंने जो फैसला किया है उसके बाद सब सही हो जायेगा सुरभि,,,,,,,,,,!!!”
“कुछ सही नहीं होगा अवनि , वहा तुम उदास रहोगी और पृथ्वी वो ये सब कैसे देख पायेगा ? वो तुम्हे किसी और का होते कैसे देख पायेगा अवनि ? शादी उसी से करनी चाहिए जिस से मोहब्बत हो वरना तुम जिंदगी भर सिद्धार्थ में पृथ्वी को ढूंढती रहोगी”,सुरभि ने तकलीफ भरे स्वर में कहा

अवनि ने सुना तो फीका सा मुस्कुराई और कहा,”ढूँढा उन्हें जाता है सुरभि जो खो जाते है , मैंने तो पृथ्वी को कभी पाया ही नहीं वो बस मेरी जिंदगी में एक पहर के लिए आया था,,,,,,,,,ठहरने के लिए नहीं , अगर मैंने उसकी यादो को अपने दिल से लगाकर रखा तो सिद्धार्थ से कभी शादी नहीं कर पाऊँगी”
 कहते कहते अवनि की आँखों में फिर आँसू भर आये जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि अवनि जो कर रही है जान बूझकर कर रही है। सुरभि ने सुना तो तड़पकर कहा,”तो फिर मत करो न सिद्धार्थ से शादी , तुम भी जानती हो अवनि कि तुम उस से मोहब्बत नहीं करती”

अवनि ने एक ठंडी आह भरी और कहा,”लोग  शादी इसलिए नहीं करते कि उन्हें एक दूसरे से मोहब्बत है बल्कि लोग शादी इसलिए करते है क्योकि एक उम्र के बाद उन्हें सहारे की जरूरत पड़ती है और उस सहारे के लिए वे दोनों आजीवन एक दूसरे से झूठ कहते है कि उन्हें एक दूसरे से मोहब्बत है,,,,,,,,,तुम उस झूठ के सहारे जीवन काट सकते हो लेकिन बिना सहारे के नहीं,,,,,,!!”
अवनि की बात सुनकर

 सुरभि हताश हो गयी , वह अवनि को जितना भी समझाए बेकार था क्योकि अवनि एक ऐसा फैसला पहले ही कर चुकी थी जिसके बाद सबकी जिदंगी बदलने वाली थी। सुरभि को अवनि से भी ज्यादा पृथ्वी के लिए बुरा लग रहा था क्योकि उसने पृथ्वी को अवनि के लिए वो सब करते देखा था जो आज के वक्त में कोई लड़का करने से पहले 10 बार सोचेगा , सुरभि का दिल किया कि वह अवनि को सारी सच्चाई बता दे लेकिन वह पृथ्वी की दी गयी कसम के आगे मजबूर थी और पृथ्वी ने अवनि को कसम दी भी तो किसकी अवनि और उसकी दोस्ती की ,,

सुरभि ने अवनि को देखा और कहा,”तुम्हे एक बार पृथ्वी से बात करनी चाहिए अवनि क्या पता वो आज भी तुम्हारे इन्तजार में हो”
“नहीं सुरभि मैं अब उसे और झूठी उम्मीद नहीं देना चाहती,,,,,,,,,,!!”,अवनि ने कहा
अवनि की बात सुनकर सुरभि को बुरा लगा और उसने थोड़ा गुस्से से कहा,”तो फिर उसे फोन करके इतना तो बता दो कि तुम सिद्धार्थ से शादी करने जा रही हो , क्योकि जो इंतजार वो कर रहा है उसकी उम्मीद भी तुमने ही उसे दी है”

“सुरभि , सुरभि मेरी बात,,,,,,,,,,!!”,अवनि ने कहा लेकिन सुरभि गुस्से में वहा से जाने के लिए आगे बढ़ गयी , जाते जाते वह रुकी और कहा,”तुम में और सिद्धार्थ में कोई फर्क नहीं है अवनि , उसने अपने स्वार्थ के लिए तुमसे प्यार किया और तुमने अपने स्वार्थ के लिए पृथ्वी का दिल एक बार फिर तोड़ दिया,,,,,,,,,,,,सही हमसफ़र चुना है तुमने , शादी मुबारक हो”

अवनि ने सुना तो उसका दिल टूट गया। आज पहली बार उसकी अपनी ही दोस्त उसे समझ नहीं पायी और ये सब कह रही थी। सुरभि का कहा एक एक शब्द अवनि के सीने में किसी तीर की तरह चुभ रहा था। उसकी आँखों में भरे आँसू गालों पर लुढ़क आये और सुरभि वहा से चली गयी। सुरभि के जाने के बाद अवनि अपना चेहरा अपने हाथो में छुपाकर रोने लगी। उसने सिद्धार्थ से शादी करने का फैसला क्यों किया ये बात वह किसी को भी नहीं समझा सकती थी क्योकि ये विश्वास जी के अंतिम पलों में उनसे किया वादा था जिसे अवनि निभा रही थी।

सीढ़ियों से उतरते हुए सुरभि का सामना सिद्धार्थ से हुआ। सिद्धार्थ आज उदयपुर आया था ताकि अवनि के साथ मिलकर शादी की शॉपिंग कर सके और उसके लिए शादी का जोड़ा पसंद कर सके। सिद्धार्थ ने सुरभि को गुस्से में देखा और रुक गया , सुरभि ने सिद्धार्थ को एक नजर देखा और कहा,”मुबारक हो सिद्धार्थ माथुर , तुम जीत गए,,,,,,,!!”
“मतलब ?”,सिद्धार्थ ने हैरानी से कहा

“मतलब ये कि आख़िरकार तुमने अवनि को अपनी मीठी मीठी बातो में फसाकर उसे शादी के लिए मना ही लिया और उसने हाँ भी कह दिया लेकिन याद रखना इस फैसले के बाद अवनि जिंदगीभर पछताने वाली है,,,,,,,,,,,,शादी मुबारक हो”,सुरभि ने कठोरता से कहा और वहा से चली गयी
“अह्ह्ह्ह सिली गर्ल , जब देखो तब गुस्से में ही रहती है,,,,,,,!!”,सिद्धार्थ बड़बड़ाया और आगे बढ़ गया

सिद्धार्थ छत पर चला आया। सिद्धार्थ को आते देखकर अवनि ने अपने आँसू पोछे और दिवार की तरफ मुँह करके खड़ी हो गयी जिस से सिद्धार्थ उसकी आँखों में नमी न देखे। सिद्धार्थ अवनि के पास आया और कहा,”लो तुम यहाँ हो और मैं तुम्हे नीचे पुरे घर में ढूंढ रहा था”
“तुम मुझे क्यों ढूंढ रहे थे ?”,अवनि ने सिद्धार्थ की तरफ पलटकर कहा। सिद्धार्थ ने अवनि की बात का कोई जवाब नहीं दिया उसकी नजरे तो बस अवनि की नम आँखों पर थी।

“तुम ठीक हो न अवनि ?”,सिद्धार्थ ने गंभीरता से पूछा
“हाँ ! मुझे क्या हुआ है ? मैं बिल्कुल ठीक हूँ , तुम बताओ तुम यहाँ,,,,,,,!!”,अवनि ने जबरदस्ती खुद को सही दिखाने की कोशिश करके कहा
“ओह्ह्ह हाँ ! वो अगले महीने शादी है तो मैंने सोचा क्यों न साथ में थोड़ी शॉपिंग कर ली जाये और फिर मम्मी ने कहा कि तुम्हे शादी का जोड़ा भी दिलवाना है तो बस इसलिए मैं चला आया , सॉरी मैंने तुम्हे बताया नहीं मैं बस तुम्हे सरप्राइज देना चाहता था”,सिद्धार्थ ने मुस्कुरा कर प्यार से कहा

“सरप्राइज ?”,अवनि ने कहा
“हाँ नीचे गाडी में है चलो”,सिद्धार्थ ने कहा
“तुम चलो मैं मैं चेंज करके आती हूँ”,अवनि ने कहा और जैसे ही जाने लगी सिद्धार्थ ने उसका हाथ पकड़कर उसे जाने से रोक लिया और प्यार से कहा,”अवनि चेंज क्यों करना , तुम ऐसे भी बहुत प्यारी लग रही हो बस एक चीज की कमी है”
“क्या ?”,अवनि ने पूछा

सिद्धार्थ अवनि के करीब आया और उसकी आँख के किनारे से काजल निकालकर अवनि के कान के पीछे लगाकर धीरे से कहा,”इसकी , तुम आज इतनी प्यारी लग रही हो कि कही तुम्हे मेरी ही नजर ना लग जाये,,,,,,,,,अब चले ?”
अवनि खामोश हो गयी , सिद्धार्थ का यू क़रीब आना और प्यार जताना ना जाने क्यों अवनि को घुटन का अहसास दिला रहा था। उसने धीरे से सिद्धार्थ के हाथ से अपना हाथ छुड़ाया और हामी में सर हिला दिया। सिद्धार्थ मुस्कुराया और अवनि को साथ लेकर नीचे चला आया।

नीचे आकर सिद्धार्थ ने दीपिका , सलोनी और कार्तिक को भी साथ ले लिया ताकि अवनि उसके साथ सहज रहे। कार्तिक , सलोनी और दीपिका गाड़ी की पिछली सीट पर आ बैठे और सिद्धार्थ ने आगे बढ़कर अवनि के लिए गाड़ी की आगे वाली सीट का दरवाजा खोल दिया। अवनि ने देखा आज पहली बार सिद्धार्थ ने उसके लिए गाडी का दरवाजा खोला है तो वह ख़ामोशी से सिद्धार्थ को देखने लगी। अवनि समझ नहीं पा रही थी कि उसके साथ साथ ये सब क्यों हो रहा है ? जिस इंसान से पहले उसे अपमान मिला आज वही उसे इतना मान सम्मान दे रहा है। अवनि को अपनी ओर देखते पाकर सिद्धार्थ ने कहा,”क्या हुआ ? बैठो”

अवनि की तंद्रा टूटी और वह गाड़ी में आ बैठी , सिद्धार्थ भी ड्राइवर सीट पर आ बैठा और डेशबोर्ड पर रखा फूलों का बुके उठाकर अवनि की तरफ बढाकर कहा,”ये तुम्हारे लिए , तुम्हे फूल बहुत पसंद है न”
अवनि ने बुके लिया और सहसा ही उसे वो पल याद आ गया जब पहली बार उसे पृथ्वी से फूल मिले थे , जिन्हे अवनि ने आज तक सम्हाल कर रखा था। फूलों के साथ ही अवनि को याद आये पृथ्वी के कहे वो शब्द “मैडम जी ! मेरा बस चले तो मैं दुनिया के सारे फूल आपके कदमो में लाकर रख दू”

अवनि की आँखों में नमी तैर गयी लेकिन सिद्धार्थ इस नमी को ना देख ले सोचकर अवनि ने बुके अपनी गोद में रखा और सिद्धार्थ को थैंक्यू कहकर दूसरी तरफ देखने लगी।
“क्या बात है जीजाजी आप तो बड़े रोमांटिक हो”,सलोनी ने शरारत से कहा
सिद्धार्थ ने सुना तो बस मुस्कुरा दिया और फिर सबसे बातें करते हुए गाडी आगे बढ़ा दी।

गाड़ी मार्किट पहुंची , सिद्धार्थ सबके साथ मार्किट घूमने लगा। उसने अवनि से शादी का जोड़ पसंद करने को कहा लेकिन अवनि तो कही और ही खोयी हुई थी ये देखकर सिद्धार्थ ने कहा,”अवनि ! क्या हुआ है तुम्हे ? देखो अगर तुम्हे ये सब पसंद नहीं आ रहा तो हम कही और चलते है”

सिद्धार्थ की आवाज से अवनि की तन्द्रा टूटी वह कुछ कहती इस से पहले दुकान का एक लड़का अपने हाथो में हरे रंग का बहुत ही खूबसूरत शादी का जोड़ा उठाये अवनि के सामने से गुजरा।
“वो कैसा है ?”,अवनि ने उस हरे जोड़े को देखकर कहा जिसका दुपट्टा गुलाबी रंग का था
“सुनिए ! जरा इसे यहाँ लेकर आईये”,सिद्धार्थ ने कहा

लड़का जोड़ा लेकर सिद्धार्थ की तरफ चला आया और अवनि के सामने रखते हुए कहा,”मैडम ! सच में आपकी पसंद बहुत यूनिक है , ये जोड़ा आज ही शोरूम में आया है ये आप पर बहुत अच्छा लगेगा”
अवनि ने उसे छूकर देखा , उस पर लगे स्टोन और कसीदाकारी उस जोड़े को और भी आकर्षक बना रहे थे। अवनि की नजरे जोड़े पर थी और कानो में लड़के की बातें पड़ रही थी सहसा ही अवनि के कानो में पृथ्वी की आवाज पड़ी

“ये रंग हर किसी को पसंद नहीं होता मैडम जी , मैं तो चाहता हूँ कि हमारी शादी में आप इसी रंग का जोड़ा पहने और साथ में गुलाबी दुपट्टा,,,,,,,,,,,हहहहह कसम से उस वक्त आप मेरे लिए दुनिया की सबसे खूबसूरत दुल्हन होंगी जिस से मेरी नज़रे हटने का नाम नहीं लेंगी और मेरा हाथ मेरे सीने के बांयी तरफ होगा , क्योकि उस वक्त आप मेरे सामने होंगी , हरे रंग के इस जोड़े में”
अवनि ने जैसे ही सुना उसने सामने देखा और वह हैरान रह गयी , सामने पृथ्वी बैठा था और उसके हाथो में जोड़े का गुलाबी दुपट्टा था जिसे फैलाकर वह अवनि को दिखा रहा था। अवनि पलकें झपकाना भूल गई और सामने बैठे पृथ्वी को देखती रही।

“मैडम अगर आपको ये पसंद आया तो इसे पैक करवा दू,,,,,,,,,,मैडम , मैडम , मैं आपसे बात कर रहा हूँ”,सामने बैठे लड़के ने कहा तो अवनि की तंद्रा टूटी उसने देखा सामने पृथ्वी नहीं है बल्कि सेल्समेन है। अवनि को अहसास हुआ कि पृथ्वी का यहाँ होना केवल उसका भरम था। अवनि को खामोश देखकर सिद्धार्थ ने कहा,”अवनि ! तुम्हे ये पसंद आया ?”
“इसे पैक कर दीजिये”,अवनि ने कहा सिद्धार्थ ने सुना तो मुस्कुरा उठा और सेल्समेन से कहा,”इसे पैक कर दीजिए,,,,,,,,,!!!”

सिद्धार्थ ने अवनि के लिए कुछ साड़िया भी खरीदी , सेल्समेन ने कुछ साड़िया अवनि के सामने रखी तो अवनि ने एक एक करके चार साड़ियों पर ऊँगली रख दी जबकि अवनि को ना उनका रंग पसंद था ना ही डिजाइन वह बस सिद्धार्थ की ख़ुशी के लिए ऐसा कर रही थी। कार्तिक और सलोनी अपनी बातो में लगे थे लेकिन दीपिका ये सब देख रही थी और मन ही मन अवनि के लिए दुखी भी थी। दीपिका जानती थी अवनि इस शादी से खुश नहीं है वह बस अपने पापा से किये एक वादे को निभा रही है।

घूमते घामते शाम हो चुकी थी सबने बाहर खाना खाया और घर चले आये , सिद्धार्थ को अगले दिन ऑफिस में काम था इसलिए वह रात में ही सिरोही के लिए निकल गया। सभी सिद्धार्थ को बाय कहकर अंदर चले आये। अवनि बाहर ही खड़ी उसकी गाडी को जाते देख रही थी तभी दीपिका उसके बगल में आकर खड़ी हुई और कहा,”अवनि दीदी आपसे एक बात पुछू ?”
“हम्म्म पूछो”,अवनि ने कहा
“क्या आप किसी पृथ्वी को जानती है ?”,दीपिका ने पूछा

अवनि ने जैसे ही पृथ्वी का नाम सुना उसका दिल धड़क उठा और चेहरे पर बेचैनी के भाव झिलमिलाने लगे उसने दीपिका की तरफ देखा और कहा,”नहीं मैं किसी पृथ्वी को नहीं जानती,,,,,,,,,!!!”
“ओह्ह्ह लगता है फिर मुझे ही कोई गलतफहमी हुई है , वैसे आप इतनी ठण्ड में बाहर क्यों खड़ी अंदर चलिए”,दीपिका ने कहा
“हम्म्म चलो”,अवनि ने कहा और दीपिका के साथ अंदर चली आयी।

सभी हॉल में बैठे थे लेकिन अवनि का मन पृथ्वी के ख्याल मात्र से ही बैचैन हो चुका था इसलिए वह सबके साथ ना बैठकर ऊपर अपने कमरे में चली आयी। अवनि ने कमरे का दरवाजा बंद किया और पीठ दरवाजे से लगाकर अपनी आँखे मूँद ली सुरभि की कही बातें उसके कानों में गूंजने लगी और सबसे आखिर में उसे याद आये सुरभि के कहे शब्द  “तो फिर उसे फोन करके इतना तो बता दो कि तुम सिद्धार्थ से शादी करने जा रही हो , क्योकि जो इंतजार वो कर रहा है उसकी उम्मीद भी तुमने ही उसे दी है”

अवनि ने अपनी आँखे खोली , वह अपने बिस्तर की तरफ आयी और अपना फोन उठाकर कॉन्टेक्ट लिस्ट से पृथ्वी का नंबर निकाला और काँपती उंगलियों से डॉयल कर दिया। इसे इत्तेफाक कहे या पृथ्वी का इन्तजार उसने एक रिंग में ही अवनि का फोन उठा लिया और बेचैनी भरे स्वर में कहा,”मैं जानता था मैडम जी ! एक दिन आप मुझे जरूर फोन करेंगी , मैंने इसलिए अपना नंबर भी चेंज नहीं किया क्योकि मुझे उम्मीद थी आपका फोन आएगा”
अवनि ने सुना तो उसे तकलीफ से अपनी आँखे बंद कर ली और आँखों में भरे आँसू गालो पर लुढ़क आये।

पुरे एक साल बाद अवनि पृथ्वी की आवाज सुन रही थी और उस आवाज में अवनि को इंतजार साफ महसूस हो रहा था।
फोन के दूसरी तरफ पृथ्वी बेचैनी से अवनि के बोलने का इंतजार कर रहा था और कुछ देर बाद अवनि ने कहा,”मैंने तुम्हे ये बताने के लिए फोन किया है कि अगले महीने मेरी शादी है तुम मेरी शादी में आओगे ना पृथ्वी ?”
अवनि ने इतना कहा और कुछ देर बाद पृथ्वी की तरफ से फोन कट गया। अवनि ने फोन का स्क्रीन देखा और उसे अपने ललाट से लगाकर रो पड़ी

( क्या सुरभि अवनि की शादी में शामिल होगी या तोड़ देगी हमेशा के लिए उस से रिश्ता ? क्या सिद्धार्थ समझ पायेगा अवनि के मन का हाल या जानकर भी कर देगा नजरअंदाज ? अवनि के मुँह से शादी का नाम सुनकर क्या होगा पृथ्वी का अगला एक्शन ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल 

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मैं कोई Writer नहीं , बल्कि एक चोर हु जो लोगो का समय चुराती है !

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1 comment

Kshmata Chauhan January 9, 2026 - 1:15 pm

Part padh kar mann udas ho gaya… Surbhi k sath sath hum readers ko bhi Prithvi k liye bura lag rha hai…aur aaj jab Surbhi ne Siddarth ko shadi k liye badhai der to usne surbhi ko sili girl bola…yani uske andar purana wala Siddarth abhi Zinda hai…aur der saver wo shadi k baad Avni ko apne purane Avtar k darshan zarur karwayega… Avni ko jab har jagah pe Prithvi dikhai de rha hai to wo kyu nhi sochti hai…jab Deepika ne usko Prithvi k bare m pucha to wo ek baar Deepika se bhi to pooch sakti thi na ki Prithvi kon hai…bas janane se inkar kar diya…aur seedha Prithvi ko pho kar diya ki meri shadi hai aur tum zarur aana….sahi bola Surbhi ne usme aur Siddarth m koi fark nhi hai…dono ne apna swarth dekha…bed feel for Prithvi

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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