Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 2

Pasandida Aurat Season 2 – 66

by Story With Sanjana April 30, 2026
written by Story With Sanjana April 30, 2026 1 comment
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Pasandida Aurat Season 2 – 66

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

अवनि की उंगलिया पृथ्वी के होंठो पर थी और पृथ्वी प्यारभरी आँखों से एकटक अवनि को देख रहा था। पृथ्वी की कही बात से अवनि के मन को ठेस पहुंची आखिर पृथ्वी ने उस से ये क्यों कहा ? अवनि की आँखों में पृथ्वी को खो देने का डर साफ दिखाई दे रहा था। पानी का बोतल हाथ में उठाये सुरभि हॉल में चली आयी उसने जब अवनि और पृथ्वी को एक दूसरे के करीब देखा तो जान बुझकर ऊँची आवाज में गाना गाने लगी

“दो दिल मिल रहे है , मगर चुपके चुपके
सबको हो रही है , हाँ सबको हो रही है खबर चुपके चुपके
ओह्ह्ह्ह दो दिल मिल रहे है , मगर चुप के चुप के”
सुरभि का गाना जैसे ही पृथ्वी और अवनि के कानो में पड़ा तो दोनों की तंद्रा टूटी और दोनों एक दूसरे से दूर हो गए। अवनि हॉल की तरफ चली आयी और पृथ्वी भी उसके पीछे चला आया। उसने सुरभि के सामने अपना हाथ करके कहा,”देखो ! अवनि ने मुझे घडी गिफ्ट की,,,,,,,,,,,अच्छी है न ?”

“बहुत अच्छी है,,,,,,,,वैसे भी अवनि की पसंद हमेशा अच्छी ही होती है”,सुरभि ने अवनि के कंधे को अपने कंधे से टकरा कर कहा
“हाँ अब मैं हूँ ही इतना स्मार्ट”,पृथ्वी ने अपने बालों में से उंगलिया घुमाकर कहा
सुरभि ने सुना तो मुस्कुराई और कहा,”हाह ! खुद की तारीफ करने का एक मौका नहीं छोड़ते तुम,,,,,,,,,!!!”
पृथ्वी ने सुना तो शरमाते हुए वहा से चला गया। पृथ्वी के जाने के बाद अवनि ने सुरभि की बाँह पकड़कर उसे अपनी तरफ किया और कहा,”अभी थोड़ देर पहले गाना क्यों गा रही थी तुम ?”

“क्योकि तुम दोनों साथ में कुछ ज्यादा ही अच्छे लग रहे थे , हाये ! क्या सीन था तुम्हारी उंगलियों का पृथ्वी के होंठो पर होना , पृथ्वी का तुम्हे यु प्यार से देखना , ऐसा लग रहा था जैसे मैं यशराज की किसी फिल्म का सुपरहिट रोमांटिक सीन देख रही हूँ,,,,,,,,,!!!”,सुरभि ने कहा
“कुछ भी सोचती हो तुम , चलो चलकर सो जाओ रात बहुत हो चुकी है”,अवनि ने कहा
“हाँ तो तुम जाओ मेरा बिस्तर तो यहाँ है”,सुरभि ने सोफे की तरफ हाथ करके कहा

“नहीं ! तुम आज वहा सोने वाली हो मेरे साथ मेरे कमरे में,,,,,,,,,,,,,!!”,अवनि ने कहा
“फॉर योर काइंड इन्फॉर्मेशन मिसेज अवनि उपाध्याय वो कमरा सिर्फ आपका नहीं बल्कि पृथ्वी का भी है और वैसे भी मैं तुम दोनों के बीच कबाब में हड्डी बनना नहीं चाहती,,,,,,,,,,,,,,सो मैं आज भी यही सोने वाली हूँ”,सुरभि ने कहा

“तुम्हे वहा सोने में क्या दिक्कत है ?”,अवनि ने पूछा
सुरभि अवनि के  थोड़ा सा करीब आयी उसके साइड में खड़े होकर उसे अपनी बाँहो में लिया और धीरे से कहा,”अरे आज तुमने पृथ्वी को घडी गिफ्ट किया है हो सकता है उसके बदले में पृथ्वी को तुम्हे स्पेशल थैंक्स बोलना हो,,,,,,,,,!”

“स्पेशल थेंक्स ?”,अवनि ने सुरभि की तरफ देखकर हैरानी से पूछा
“अह्ह्ह्हह ! अब समझ भी जाओ , मैं नहीं बता सकती मुझे शर्म आ रही है अब जाओ वो तुम्हारा इंतजार कर रहा होगा”,सुरभि ने अवनि को कमरे की तरफ धकेलते हुए कहा

“पता नहीं ये लड़की भी क्या बक बक करती रहती है कुछ समझ नहीं आता”,बड़बड़ाते हुए अवनि कमरे में आयी तो देखा पृथ्वी पहले से कमरे में मौजूद है और पिछली रात की तरह आज भी बिस्तर के बीचोंबीच तकिये रख रहा है। उसने अवनि को बड़बड़ाते सुनकर कहा,”क्या हुआ ! क्या समझ नहीं आया तुम्हे ?”
“अरे वो सुरभि ! वो कह रही है कि मैंने तुम्हे गिफ्ट दिया इसलिए तुम्हे मुझे स्पेशल थैंक्स कहना है,,,,,,,,,,,,एक घडी के लिए क्या थैंक्स कहना पृथ्वी तुमने इसे पहना मतलब ये तुम्हे पसंद आयी,,,,,,,,,,!!!!”

अवनि के मुँह से स्पेशल थैंक्स का नाम सुनकर पृथ्वी मुस्कुराने लगा ये देखकर अवनि ने कहा,”अब तुम क्यों मुस्कुरा रहे हो ? कभी अभी तो तुम भी मुझे सुरभि ही लगते हो,,,,,,,,,,,,!!!”
“अह्ह्ह्हह ! काश मैं सुरभि होता , एटलीस्ट जब मेरा दिल करता मैं तुम्हे गले तो लगा लेता”,पृथ्वी मन ही मन बड़बड़ाया
पृथ्वी को चुप देखकर अवनि उसके सामने आयी और अपना हाथ उसके चेहरे के सामने हिलाकर कहा,”पृथ्वी ! पृथ्वी ! तुम ठीक हो न ?”

“हाँ हाँ  अह्हह्ह्ह्हछी , मैं मैं ठीक हूँ”,पृथ्वी ने कहा और इसी के साथ छींक भी दिया
“लगता है भीगने की वजह से तुम्हे सर्दी हो गयी है , एक काम करो तुम सो जाओ तुमने जो काढ़ा पीया है उस से जल्दी ही तुम्हे आराम मिल जाएगा”,अवनि ने कहा और खुद बिस्तर की तरफ चली आयी।
पृथ्वी भी बिस्तर के दूसरी तरफ आकर सो गया और कुछ देर बाद ही उसे नींद आ गयी।

देर रात अवनि की आँख खुली उसने देखा बगल में सोया पृथ्वी ठण्ड से खुद में ही सिकुड़कर सो रहा है। अवनि उठी और कबर्ड से कम्बल ले आये उसने उसे खोलकर धीरे से पृथ्वी को ओढ़ा दिया और खुद पानी पीकर वापस लेट गयी। अवनि ने देखा पृथ्वी अपना हाथ गाल के नीचे लगाकर सो रहा है तो वह उसकी तरफ झुकी और धीरे से उसका हाथ गाल के नीचे से निकाल दिया जिस से पृथ्वी नींद में कुनमुनाया और चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया। अवनि ने धीरे से राहत की साँस ली और अपनी जगह लेटकर अपने हाथ को सीधा करने के लिए फैला दिया

उसी पल पृथ्वी ने करवट ली और अपना सर अवनि के हाथ पर टिका दिया। बेचारी अवनि कहा वह पृथ्वी की मदद कर रही थी और कहा खुद फंस गयी। पृथ्वी के सर का वजन इतना कि बेचारी अवनि का हाथ वही जाम हो गया ना वह हिला पायी और ना ही उस हाथ को वहा से निकाल पायी। आखिर में इसे ही अपनी किस्मत मानकर अवनि भी सो गयी और पृथ्वी उसकी बाँह पर सर टिकाये गहरी नींद में सोता रहा।

सुबह के 6 बज रहे थे और पृथ्वी गहरी नींद में था तभी उसके कानो में अवनि की आवाज पड़ी
“ओह्ह्ह्ह तो ये थी तुम्हारी सच्चाई पृथ्वी ! तुम्हारी जिंदगी में मेरे अलावा भी कोई और लड़की है जिस से तुम मोहब्बत करते हो,,,,,,,,,,,और उसका सबूत है तुम्हरे शर्ट पर लगा ये लिपस्टिक का निशान,,,,,,,,,,,,कब से , आखिर कब से चल रहा है ये सब ? कब झूठ बोल रहे हो तुम मुझे ? इसलिए तुम रात रात भर घर नहीं आते थे ना पृथ्वी क्योकि ऑफिस के बाद तुम्हे अपनी नयी माशूका के साथ वक्त जो बिताना होता था , चुप क्यों हो जवाब दो मुझे ?”

“मेरी बात का यकीन करो अवनि मैं सच कह रहा हूँ मेरी जिंदगी में तुम्हारे अलावा दूसरी कोई लड़की नहीं है मैं सिर्फ तुम से प्यार करता हूँ”,पृथ्वी ने गिड़गिड़ाते हुए कहा
“झूठ ! सब झूठ ! झूठ बोल रहे हो तुम पृथ्वी ! तुम्हारी जिंदगी में दूसरी लड़की है वरना वो निशान , वो लिपस्टिक का निशान तुम्हारे शर्ट पर क्यों होता ?”,अवनि
ने गुस्से उबलकर कहा

“अरे बेटा ! वो तुम्हारे ही होंठो का निशान था”,पृथ्वी ने रोआँसा होकर कहा
“झूठ ! फिर से झूठ बोल रहे हो तुम , मैं तुम्हारे इतना करीब क्यों आउंगी ?”,अवनि ने पूछा
“अरे क्योकि तुम मेरी पत्नी हो और सिर्फ़ तुम्हे ही हक़ है मेरे करीब आने का”,पृथ्वी ने कहा
“अगर वो मेरे होंठो का निशान था तो फिर तुमने मुझसे शर्ट क्यों छीना ? क्योकि तुम नहीं चाहते थे मैं उसे देखू,,,,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने गुस्से से कहा

अरे मत मारी गयी थी मेरी जो मैंने वो शर्ट छीना”,पृथ्वी ने अपना हाथ अपने सर पर मारकर अफ़सोस भरे स्वर में कहा और फिर अवनि के पास आकर बोला,”अवनि मेरा विश्वास करो मेरी जिंदगी में तुम्हारे अलावा कोई लड़की नहीं है , मैं सच कह रहा हूँ”

 अवनि ने पृथ्वी को पीछे धकेला और कहा,”मुझे तुम्हारी किसी भी बात पर विश्वास नहीं है पृथ्वी , तुमने मुझे धोखा दिया है मैं तुम्हारे साथ अब एक पल भी नहीं रह सकती ,, मैं ये घर छोड़कर जा रही हूँ,,,,,,,,,,,,!!!”
“नहीं मुझे छोड़कर मत जाओ , मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता अवनि , मत जाओ प्लीज”,पृथ्वी बिस्तर पर उठ बैठा और जोर से चिल्लाया और ये चिल्लाना असली था क्योकि अब तक उसने जो देखा सुना और कहा वो बस एक सपना था। अवनि तो अभी भी उसके बगल में ही सो रही थी लेकिन जैसे ही पृथ्वी चिल्लाया अवनि घबराकर नींद से जागी और देखा पृथ्वी परेशान सा बिस्तर पर बैठा है।

“क्या हुआ पृथ्वी ! तुम चिल्लाये क्यों ?”,अवनि ने उठकर बैठते हुए कहा  
अवनि को अपने बगल में बैठे देखकर पृथ्वी ने उसका हाथ अपने दोनों हाथो में मजबूती से पकड़ा और कहा,”अवनि मैं सच कह रहा हूँ मेरी जिंदगी में कोई दूसरी लड़की नहीं है मैं सिर्फ तुम से प्यार करता हूँ और जिंदगीभर करता रहूंगा ,, प्लीज मुझे छोड़कर मत जाओ,,,,,,,,,,,,मैं गधा हूँ जो मैंने तुम से वो शर्ट ली ,

मैं तुमसे कुछ छुपाना नहीं चाहता था बल्कि उस शर्ट पर जो तुम्हारे होंठो का निशान था बस उसे बचाना चाहता था। अवनि मेरा यकीन करो मैंने आज तक तुमसे कुछ नहीं छुपाया है मैं सच कह रहा हूँ”
अवनि ने देखा ये सब कहते हुए पृथ्वी बस रोने ही वाला था कि उसने अपने दूसरे हाथ से पृथ्वी के गाल को छुआ और कहा,”पृथ्वी ! शायद तुमने कोई सपना देखा है , मैं कही नहीं जा रही यही हूँ तुम्हारे सामने”

अवनि की बात सुनकर पृथ्वी को होश आया उसने इधर उधर देखा तो उसे समझ आया कि अवनि सही कह रही है वह बस एक सपना देख रहा था लेकिन सपने में भी अवनि को खोना नहीं चाहता था उसने अवनि की तरफ देखकर कहा,”अवनि ! मुझे तुम्हे कुछ बताना है,,,,,,,,,,!!!”
“हाँ कहो”,अवनि ने कहा जिसका हाथ अभी भी पृथ्वी के हाथो में था। पृथ्वी कुछ देर शांत रहा और फिर कहा,”उस दिन जब मैंने तुमसे अपने शर्ट का बटन लगाने को कहा था और बटन लगाते हुए तुम गलती से फिसल गयी थी तब तुम्हारी लिपस्टिक का निशान मेरी उस वाइट शर्ट पर लग गया था।

उस वक्त मेरा ध्यान उस पर नहीं गया था और मैं उसी शर्ट को पहनकर ऑफिस चला गया था। वहा जाकर मुझे पता चला कि ऐसा कुछ हुआ है और सच बताऊ तो मुझे उस चीज से जरा भी इम्बैरेस फील नहीं हुआ उलटा मैं दिनभर खुश था। मैं उस निशान को अपने शर्ट पर हमेशा रखना चाहता था इसलिए आज सुबह जब तुम्हे उस शर्ट को मशीन में डालते देखा तो मैंने उसे तुम्हारे हाथ से छीन लिया बिना ये सोचे कि मेरे इस बिहेव से तुम्हे कितना बुरा लगेगा,,,,,,,,,,,,,अगर तुमने वो निशान देखा होगा तो जरूरत तुम्हे मुझ पर शक भी हुआ होगा कि मेरी जिंदगी में कोई और है,,,,,,,,,,,,,!!!!”

पृथ्वी की बात सुनकर अवनि ने मन ही मन खुद से कहा,”अगर मैंने पृथ्वी से कहा कि मैंने उसके शर्ट पर वो निशान देखा है तो वह और परेशान हो जाएगा और हो सकता है फिर वो मुझे कुछ भी बताने से झिझकने लगे,,,,,,,,,,,,नहीं मुझे पृथ्वी को सच नहीं बताना चाहिए”
“तुम कौनसे निशान की बात कर रहे हो पृथ्वी ! मुझे तो कुछ भी याद नहीं है ,, वो तो मैंने देखा कि शर्ट गन्दा है तो बस बाकि कपड़ो के साथ उसे धोने के लिए मशीन में डाल रही थी लेकिन तुमने पहले ही मेरे हाथ से ले लिया , मुझे लगा तुम उसे एक बार और पहनने वाले हो,,,,,,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने जान बुझकर पृथ्वी के सामने ये सब कहा

“मतलब तुमने कुछ नहीं देखा ?”,पृथ्वी ने हैरानी से पूछा
“नहीं और तुम्हे मुझसे डरने की जरूरत नहीं है पृथ्वी तुम मुझसे खुलकर सब कह सकते हो,,,खामखा अकेले इतना सब सोचते रहते हो,,,,,,,सच में पागल हो तुम”,अवनि ने दूसरे हाथ की उंगलिया पृथ्वी के ललाट से लगाकर कही
पृथ्वी ने सुना तो उसे सुकून मिला , उसके मन का बोझ कम हो चुका था। वह मुस्कुरा उठा और अवनि को देखने लगा , अवनि भी उसे देखकर झेंपने लगी क्योकि बेचारी का हाथ अभी भी पृथ्वी के हाथो और उसे बाहर जाना था लेकिन पृथ्वी ने ध्यान नहीं दिया वह मजबूती से अवनि का हाथ थामकर बैठा था जैसे आज उसे जाने ही नहीं देगा।

 “पृथ्वी,,,,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने धीरे से कहा
“हम्म्म,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने अवनि को देखते हुए प्यार से कहा
“पृथ्वी मेरा हाथ,,,,,,,,,,,,!!!”,अवनि ने फिर कहा लेकिन पृथ्वी तो अवनि की खूबसूरती में खोया हुआ था इसलिए कहा,”तुम्हारा हाथ बहुत सॉफ्ट है”
अवनि के सब्र का बांध तब तक टूट चुका था इसलिए उसने थोड़ा गुस्से से कहा,”पृथ्वी ! मेरा हाथ छोडो,,,,,,,,,,!!!”

पृथ्वी हड़बड़ा गया और जल्दी से अवनि का हाथ छोड़कर कहा,”ओह्ह्ह्ह ! सॉरी सॉरी सॉरी , आई ऍम सॉरी”
अवनि ने अफ़सोस में सर हिलाया और बिस्तर से उतरकर बाथरूम की तरफ चली गयी , जैसे ही बाथरूम का दरवाजा बंद हुआ पृथ्वी ने अपना हाथ अपने सीने पर रखा और चैन की साँस ली।
अवनि से दोबारा सामना हो इस से पहले वह जल्दी से बिस्तर से उठा और कमरे से बाहर चला आया। बाहर आकर उसने देखा सुरभि सुबह सुबह तैयार होकर सोफे पर बैठी अपनी चाय पी रही थी।

“तुम कही जा रही हो ?”,पृथ्वी ने सुरभि की तरफ आकर पूछा
“हाँ 2 घंटे बाद मेरी फ्लाइट है और तुम मुझे छोड़ने एयरपोर्ट जा रहे हो”,सुरभि ने सामने पड़े प्लेट से ब्रेड उठाते हुए कहा
“ये कब फिक्स हुआ और अवनि को बताया तुमने इस बारे में ? मुझे लगा तुम इस बार होली हम लोगो के साथ सेलेब्रेट करने वाली हो,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने बगल में रखे सिंगल सोफे पर बैठते हुए कहा

“मैं जरूर रूकती पृथ्वी लेकिन कल होली है और रात ही घर से पापा का फोन आया है और उन्होंने कहा है कि मैं होली पर घर आ जाऊ , उन्हें नहीं पता इस वक्त मैं मुंबई में हूँ उन्हें पता चला तो वो बहुत गुस्सा होंगे इसलिए मुझे जाना पडेगा”,सुरभि ने कहा
“अंकल आंटी से मैं बात करू क्या ?”,पृथ्वी ने कहा
“ओह्ह्ह्हह्ह ये कछुआराम तो मेरा पूरा प्लान फेल कर देगा , अब मैं इसे कैसे समझाऊ कि मैं उदयपुर नहीं सिरोही जाए रही हूँ उस गधे सिद्धार्थ के पापा से मिलने,,,,,,,,,,,,!!!!”,सुरभि मन ही मन बड़बड़ाई

और फिर पृथ्वी से कहा,”नहीं पृथ्वी ! अवनि के घरवालों की तरह मेरे घरवालों ने भी तुम्हारी और अवनि की शादी को एक्सेप्ट नहीं किया है , तुम बात करोगे तो वो और ज्यादा गुस्सा हो जायेंगे,,,,,,,,,,,,,प्लीज मेरा जाना जरुरी है”
“ठीक है मैं समझ गया लेकिन अवनि ! उसे जब पता चलेगा तो उसे अच्छा नहीं लगेगा”,पृथ्वी ने कहा  
अवनि कमरे के दरवाजे पर खड़ी पहले ही सब सुन चुकी थी इसलिए हॉल में आते हुए उदासी भरे स्वर में कहा,”तुम सच में जा रही हो सुरभि ?”

अवनि को वहा देखकर सुरभि उठी और उसके हाथो को थामकर कहा,”मुझे माफ़ करना अवनि लेकिन मुझे जाना होगा , मैं बस यहाँ अपनी उलझनों से बचने के लिए आयी थी और देखो तुम दोनों के साथ से वो भी दूर हो गयी अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ और अपनी आने वाली जिंदगी के लिए एक बेहतर फैसला ले सकती हूँ”
“मुझे तुम पर पूरा भरोसा है तुम कर लोगी,,,,,,,,,,तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए कुछ खाने का बना देती हूँ”,अवनि ने कहा
“उसकी जरूरत नहीं है अवनि फ्लाइट में सब मिल जाएगा तुम बस थोड़ी देर यहाँ मेरे पास बैठो,,,,,,,!!!”,कहते हुए सुरभि अवनि को लेकर सोफे पर आ बैठी।

पृथ्वी को दोनों सहेलियों को कुछ वक्त के लिए अकेले छोड़ना सही लगा इसलिए उसने उठते हुए कहा,”मैं नहा लेता हूँ ताकि तुम्हे एयरपोर्ट छोड़ने जा सकू”
“हाँ ठीक है”,सुरभि ने कहा और फिर अवनि से बाते करने लगी।

पृथ्वी नहाकर तैयार होकर आया। सुरभि ने उसे और अवनि को तोहफा दिया जो उसने मॉल से खरीदा था। अवनि ने भी सुरभि को कुछ तोहफे दिए और साथ ही पृथ्वी ने उसे एक लिफाफा देकर कहा,”सॉरी ! मैं तुम्हारे लिए कोई गिफ्ट नहीं ले पाया इसलिए ये रखो तुम्हे जो भी अच्छा लगे अपनी पसंद से खरीद लेना और हाँ जल्दी मुंबई आना लेकिन इस बार थोड़े ज्यादा वक्त के लिए,,,,,,,,,!!!”

सुरभि ने सुना तो पृथ्वी का अपनापन देखकर उसकी आँखे नम हो गयी उसने पृथ्वी को साइड हग किया और हामी में गर्दन हिला दी। सुरभि अवनि के गले आ लगी और उसे जल्द से जल्द अपनी शादीशुदा जिंदगी शुरू करने को कहा। सुरभि को विदा करते हुए अवनि का मन भारी हो गया और उसकी आँखों में नमी उभर आयी फिर भी उसने मुस्कुरा कर सुरभि को बाय कहा और दरवाजा बंद कर अंदर चली आयी !  

 पृथ्वी सुरभि को लेकर एयरपोर्ट चला आया। सुरभि ने एक बार फिर पृथ्वी को सब चीजों के लिए थैंक्यू कहा और अपना सामान लेकर जाने लगी। चलते चलते ना जाने क्यों सुरभि का मन भारी होने लगा वह पलटकर वापस आयी और पृथ्वी के सामने आकर कहा,”पृथ्वी ! मुझे तुम्हे कुछ बताना है”
पृथ्वी ने सुना तो हैरानी से सुरभि को देखने लगा !

( क्या पृथ्वी का देखा गया सपना आगे जाकर होगा सच और अवनि छोड़कर चली जायेगी उसे ? सिद्धार्थ के लिए अवनि और पृथ्वी से झूठ बोलकर क्या सुरभि ने की है कोई बड़ी गलती ? आखिर ऐसा क्या बताना चाहती है सुरभि पृथ्वी को ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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Pasandida Aurat

संजना किरोड़ीवाल 

Pasandida Aurat Season 2
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
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1 comment

Nency Patel April 30, 2026 - 10:34 am

Ab yeh surbhi kya batane vali intresting hoga

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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