Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat

Pasandida Aurat – 64

by Story With Sanjana November 21, 2025
written by Story With Sanjana November 21, 2025 2 comments
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Pasandida Aurat – 64

Pasandida Aurat
Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

सिद्धार्थ के मैसेज ने एक बार फिर अवनि को उसके अतीत में ला पटका और हर बार चोट इतनी गहरी होती थी कि अवनि के लिए खुद को सम्हालना मुश्किल हो जाता था। वह काफी देर तक अपना सर घुटनो में छुपाते सिसकती रही और फिर उसे नींद आ गयी और वह वही फर्श पर लेट गयी। ठण्ड से अवनि सिकुड़ते जा रही थी लेकिन गहरी नींद में थी इसलिए उठी नहीं और वही फर्श पर सोती रही। सुबह के 3 बजे उसकी आँखे खुली तो उसने खुद को फर्श पर पाया। वह उठी पानी पीया और बिस्तर पर आकर लेट गयी।

सोफे के पास टेबल पर पड़ा उसका फोन नोटिफिकेशन से भरा हुआ था जो किसी और के नहीं बल्कि पृथ्वी के मैसेज के थे। सिद्धार्थ के मैसेज के बाद अवनि ने अपना फोन देखा ही नहीं और दूसरी तरफ पृथ्वी अवनि को मैसेज किये जा रहा था लेकिन अवनि आज ऑफलाइन थी।

सुबह अवनि की आँख खुली। अपने रोजमर्रा के काम निपटाने के बाद अवनि ने अपने लिए चाय बनायीं और हॉल में चली आयी। उसने अपना फोन उठाकर देखा तो उसमे सिद्धार्थ के कुछ मिस्ड कॉल और साथ ही पृथ्वी के ढेरो मैसेज थे। अवनि ने मैसेज खोलकर देखे तो वह समझ गयी कि पृथ्वी उसे ऑफलाइन देखकर परेशान हुआ होगा। अवनि ने लिखकर भेजा “हर हर महादेव ! मैं ठीक हूँ”
– थैंक गॉड आपने मैसेज किया , पता है मैं कितना परेशान हो गया था


“तुम्हे मेरे लिए परेशान नहीं होना चाहिए पृथ्वी , क्या पता कब हमारी बात आखरी हो इसलिए मुझसे इतना लगाव मत रखो”
अवनि का मैसेज पढ़कर पृथ्वी उदास हो गया। पृथ्वी को महसूस हुआ जैसे अवनि किसी बात पर उदास है। उसने अपना फोन साइड में रखा और नहाने चला गया। नाश्ता कर अपना टिफिन लेकर पृथ्वी ऑफिस के लिए निकल गया। रास्तेभर वह अवनि के बारे में सोचता रहा और नेगेटिव ख्यालो से बचने के लिए उसने अपना इंस्टा स्क्रॉल करना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद उसके सामने एक तस्वीर आयी और पृथ्वी मुस्कुरा उठा।

उस तस्वीर में एक लड़का और एक लड़की थे। लड़की के साथ लिखा था “उम्र में बड़ी” और लड़के के साथ लिखा था “हाइट में बड़ा” उसे देखते ही पृथ्वी को अवनि और अपनी याद आयी और वह बेतहाशा मुस्कुराने लगा। पृथ्वी ने वह तस्वीर अवनि को भेज दी। अब वह अपनी से सीधे अपनी भावनाये जाहिर ना करके तस्वीरों और शार्ट विडिओ के जरिये बताना चाह रहा था कि वह उस से कितना प्यार करता है।

बैंक में अपने कंप्यूटर के सामने बैठी अवनि काम कर रही थी कि तभी उसे पृथ्वी का मैसेज मिला। बीती रात से अवनि उदास थी लेकिन पृथ्वी का मैसेज देखकर मुस्कुरा उठी और लिखकर भेजा “वाहियात”
पृथ्वी ने अवनि का मैसेज देखा और ख़ुशी से मुस्कुराते हुए जैसे ही घुमा पीछे खड़े जयदीप से टकरा गया और खुद को सम्हालकर कहा,”अह्ह्ह्ह सॉरी सर”


“ह्म्म्मम्म कोई बात नहीं केरी ऑन”,जयदीप ने शरारत से मुस्कुरा कर कहा और वह और वहा से चला गया। पृथ्वी ने झेंपते हुए अपना सर खुजाया और देखा कि सब उसे ही देख रहे है तो वह सीधा अपने केबिन में चला आया।
जब से पृथ्वी की अवनि से बाते शुरू हुई थी वह बदल गया था। पहले हमेशा सख्त , कठोर और सीरियस रहने वाला पृथ्वी अब दिनभर मुस्कुराता रहता था। अब ना वह किसी से चिढ़ता ना अपनी टीम पर गुस्सा करता बल्कि लंच टाइम के अलावा भी कभी कभी वह सब के साथ बैठकर बातें कर लिया करता था।

अंकित , मनीष , तान्या और कशिश पृथ्वी को देखकर हैरान थे तो वही जयदीप खुश था कि पृथ्वी अब सबके साथ थोड़ा नार्मल रहने लगा है। पहले पृथ्वी ऑफिस से घर , घर से फ्लेट जाता था उसकी जिंदगी में करने को कुछ नया नहीं था लेकिन अब वह दिनभर अवनि से बाते करता , कई बार उसे अपनी बातो से इरिटेट भी करता था लेकिन अवनि उसकी बातो का बुरा नहीं मानती वह बस हंसती और उसे समझाती की वह उस से नजदीकियां ना बढ़ाये।  

अवनि पृथ्वी को भले ही कितना भी समझाए लेकिन पृथ्वी उसकी किसी भी बात को समझने को तैयार नहीं था। वह 28 साल का लड़का अवनि से बात करते हुए बिल्कुल बच्चा बन जाता था और कई बार तो ऐसी बात कर जाता कि उसे अवनि से डांट भी खाने को मिल जाती थी लेकिन उसे फर्क नहीं पड़ता उसे तो अवनि की डांट में भी प्यार नजर आता था। वह बस अवनि को खुश देखना चाहता था फिर चाहे उसके लिए उसे अवनि से ताने सुनने पड़े या डांट खानी पड़े।

केबिन में आकर पृथ्वी काम करते हुए अवनि से बाते करने लगा। पृथ्वी के मैसेज देखकर अवनि भी अपनी परेशानी भूल गयी , पृथ्वी के रूप में उसे एक अच्छा दोस्त मिल चुका था और अवनि के लिए ये काफी था। बातो बातो में पृथ्वी ने लिखकर भेजा “क्या आप मुझे विडिओ कॉल कर सकती है ?”
– अभी ?

“अह्ह्ह नहीं थोड़ी देर में जब भी आप फ्री हो”
– लंच टाइम में करती हूँ अभी मैं बैंक हूँ
“हाँ चलेगा” लिखकर पृथ्वी ऑफलाइन हो गया क्योकि उसकी टीम के चारो लोग नए प्रोजेक्ट की फाइल लेकर उसके सर पर खड़े थे। पृथ्वी को अपना फोन साइड में रखकर उनके साथ डिस्कस करने के लिए साइड टेबल पर आना पड़ा और सभी काम में लग गए।

लंच टाइम में पृथ्वी बार बार अपना फोन देख रहा था लेकिन अवनि ने उसे फोन नहीं किया। दूसरी तरफ अवनि लंच करने के बाद सीनियर के साथ एक मीटिंग में व्यस्त हो गयी। मीटिंग के बाद चाय पीने अवनि बैंक से बाहर चली आयी और अपने लिए एक कप चाय आर्डर कर पृथ्वी को विडिओ कॉल लगा दिया।
पृथ्वी ने स्क्रीन पर अवनि का नाम देखा तो उसका दिल धड़कने लगा। उसने अपना फोन लिया , कानो में ईयर फोन लगाया और केबिन से बाहर निकल गया।

वह ऑफिस का ऐसा कोना ढूंढने लगा जहा खड़े होकर आराम से अवनि से बात कर पाए लेकिन ऑफिस में भीड़ थी और आख़िरकार पृथ्वी केंटीन में बने रेस्ट एरिया में चला आया। उसने अवनि की कॉल रिसीव की , ये अवनि की तरफ से दूसरा विडिओ कॉल था पृथ्वी का दिल धड़क रहा था और हाथ काँप रहे थे। मैंसेज में चाहे वह दुनियाभर की बकवास कर ले लेकिन अवनि को देखते ही खामोश हो गया।

– हाय !
“ह ह ह हेलो”
– सो ! तुमने मुझे विडिओ कॉल के लिए क्यों कहा ?”
“बस ऐसे ही आपको देखना चाहता था”
– तुम्हे पता है तुम बहुत अजीब हो ?
“नहीं ये मैंने आपसे ही सुना है
अवनि ने सुना तो हसने लगी , इसके बाद वो विडिओ कॉल पुरे 7 मिनिट चली और पृथ्वी बस अवनि को देखकर मुस्कुराता रहा , उसने मुश्किल से अवनि के सामने 8-10 शब्द ही बोले होंगे वह तो बस अवनि को सुनना चाहता था।

चाय खत्म होने के बाद अवनि ने पृथ्वी को बाय कहा और कॉल कट कर दी। पृथ्वी ने भी फोन जेब में रखा और केंटीन से एक कप चाय लेकर खिड़की के  पास चला आया और चाय पीते हुए खुद से कहने लगा,”उसे मैं अजीब लग रहा था क्योकि मैंने उसे अचानक विडिओ कॉल करने को कहा जबकि वो नहीं जानती मैंने उसे क्यों देखना चाहता था ? उसकी आँखे आज कितनी उदास थी , मुझे दिखाने के लिए वह जानबूझकर हंस रही थी लेकिन मैं सिर्फ उसकी हंसी के पीछे की उदासी देख पा रहा था। कितनी आसानी से वह अपनी उलझन अपनी उदासी को अपनी हंसी के पीछे छुपा लेती है।

मुझसे कहती है मैं उस से दूर रहू उस से नजदीकियां ना बढ़ाऊ,,,,,,,,हाह ! उस पागल लड़की को पता भी नहीं है कि अभी उस से हुई 7 मिनिट की बातचीत में मैं उसके साथ 7 फेरे लेने के सपने देख चुका हूँ,,,,,,,लेकिन मैं उसे ये बात बताऊंगा नहीं वरना वो तो मेरा खून ही कर देगी,,,,,,,,,गुस्सा हमेशा नाक पर जो रहता है उसके , लेकिन आज उसे उदास देखकर अच्छा नहीं लग रहा , मैं ऐसा क्या करू जिस से वो खुश हो जाये और उस गधे को भूलकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाए। उस कमीने ने अवनि से मुस्कुराने की वजह ही छीन ली है , जिस दिन मुझे मिल गया ना बहुत मरूंगा उसे”

सिरोही , राजस्थान
“शिट ! इस टायर को भी अभी पंचर होना था”,सिद्धार्थ ने अपनी गाडी के टायर पर लात मारकर कहा
सिद्धार्थ ऑफिस की मीटिंग के सिलसिले में शहर से बाहर जा रहा था लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी गाडी का टायर पंचर हो गया और सिद्धार्थ को गाड़ी से उतरना पड़ा। आस पास मेकेनिक की कोई दूकान भी नहीं थी जहा से सिद्धार्थ गाडी का टायर ठीक करवा सके इसलिए खुद ही गाड़ी की डिग्गी से दुसरा टायर निकालकर उसे सही करने लगा।

धुप की वजह से सिद्धार्थ की हालत खराब हो रही थी और साथ ही टायर बदलने के चक्कर में उसके कपडे भी खराब हो चुके थे। सिद्धार्थ ने टायर बदला और गाडी में आ बैठा। उसने गाडी की AC ऑन कर दी और पानी पीने लगा।  
सिद्धार्थ को सिरोही की सबसे बड़ी आई.टी. कम्पनी में मैनेजर की जॉब तो मिल चुकी थी लेकिन इसी के साथ उस पर जिम्मेदारियां भी बढ़ चुकी थी और वह पहले से काफी ज्यादा व्यस्त भी रहने लगा था।

अवनि के लिए बदले उसके बर्ताव की वजह भी नया ऑफिस और उसका काम था लेकिन सिद्धार्थ ने अवनि को इतना हलके में ले लिया कि उसे लगा अवनि उसे कभी छोड़कर नहीं जाएगी बस इसलिए उसने अवनि को टाइम देना और रिश्ते को बचाने की कोशिश करना बंद कर दिया। इतने वक्त के बाद भी सिद्धार्थ को अपनी कोई गलती नजर नहीं आती थी। अवनि के दूर जाने के साथ ही सिद्धार्थ की जिंदगी में चीजे एक बार फिर बिगड़ने लगी
वह बीमार रहने लगा , उसके ज्यादातर पैसे दवाईयों और फालतू खर्चो में जाने लगे।

घर पर दिनभर वह चिढचिढा और गुस्से में रहता जिस वजह से गिरिजा और जगदीश जी भी अब उस से कम ही बात करते थे। ऑफिस में भी सिद्धार्थ का बिहेव ज्यादा अच्छा नहीं था हालाँकि उसका काम काफी अच्छा था और वह मेहनती था बस इसलिए उसके बॉस ने कभी उसे कुछ कहा नहीं। सिद्धार्थ अवनि को अपनी जिंदगी में वापस लाना चाहता था लेकिन अवनि ने तो उस से मिलने तक से मना कर दिया। सिद्धार्थ किसी भी हाल में अवनि को अपनी जिंदगी में वापस लाना चाहता था और उसे यकीन था कि अवनि उसे छोड़कर कही नहीं जाएगी , कुछ वक्त बाद वह वापस आ जाएगी।

सिद्धार्थ ने गाड़ी स्टार्ट की और वहा से निकल गया। देर से पहुँचने की वजह से ये प्रोजेक्ट सिद्धार्थ के हाथ से जा चुका था और इस वजह से आज वह बहुत दुखी और उदास था लेकिन उस से बात करने या उसका दुःख कम करने के लिए उसके पास कोई नहीं था। एक इकलौती इंसान अवनि जो उसकी हर बात सुना करती थी आज वो भी उसके साथ नहीं थी। दुखी होकर सिद्धार्थ अपने घर के लिए निकल गया और अवनि को अपनी जिंदगी में वापस लाने के बारे में सोचने लगा।

शाम में अवनि घर चली आयी। उसका मन अब शांत था और वह अब सिद्धार्थ के बारे में भी नहीं सोच रही थी। अवनि ने सभी जरुरी काम निपटाए और आकर अपने लेपटॉप ले सामने बैठ गयी उसे अपनी किताब पर काम करना था और चाहती थी इस साल ये किताब खत्म हो जाए। सिद्धार्थ के चक्कर में वह पहले ही अपने 6 महीने खराब कर चुकी थी और साथ ही अपने काम से भी दूर हो चुकी थी। काम करते हुए काफी टाइम हो गया तो अवनि का भूख का अहसास हुआ ,

उसने खाना खाया और एक बार फिर अपने काम में लग गयी लेकिन अवनि को परेशान करने के लिए एक इंसान और था और वो था पृथ्वी। अवनि काम कर ही रही थी कि तभी पृथ्वी का मैसेज आया
“जानती हो मैंने आपको आज विडिओ कॉल करने के लिए क्यों कहा ?”
– क्योकि तुम मुझे देखना चाहते थे
“नहीं , बल्कि सुबह से ही मुझे ऐसे लग रहा था कि आप उदास है तो सोचा आपसे थोड़ी स्टुपिड बाते करके आपका ध्यान उस बात से भटका दू जो आपको परेशान कर रही है”

पृथ्वी का जवाब पढ़कर अवनि कुछ देर के लिए खामोश हो गयी। वह हैरान थी कि इतनी दूर बैठा पृथ्वी भला उसकी उदासी का अंदाजा कैसे लगा सकता है ? साथ ही अवनि ने महसूस किया कि पृथ्वी ने जो कहा वो सच है उस से बात करने के बाद अवनि सच में अवनि का ध्यान उस बात से हट चुका था जो उसे परेशान कर रही थी।
“अब फिर से क्या सोचने लगी आप ? हाँ जानता हूँ अब आप कहेंगी तुम बहुत अजीब हो , वाहियात हो और तुम्हे मुझे परेशान करने के अलावा कोई काम नहीं है,,,,,,,,,!!”

– नहीं मैं ऐसा कुछ नहीं कहूँगी बल्कि मुझे तुम से कहना है “Thankyou”
“Thankyou किसलिए ?”
– तुम नहीं समझोगे , बस Thankyou
“Your welcome ! वैसे अभी क्या कर रही है आप ?”
– कुछ ख़ास नहीं अपनी नयी किताब पर काम कर रही हूँ
“यार आप थकते नहीं हो क्या ? पहले बैंक का काम और घर आकर फिर से लेपटॉप पर काम , मैं तो ऐसे काम करके बोर हो जाऊंगा”
– अच्छा तो मुझे क्या करना चाहिए ?

“मुझसे बातें करो या मुझे अपने बारे में बताओ मैं सुनने के लिए तैयार हूँ , वैसे आप चाहो तो मुझे विडिओ कॉल भी कर सकती हो मैं मना नहीं करूंगा”
पृथ्वी का मैसेज पढ़कर अवनि हसने लगी। पृथ्वी कभी कभी सच में उसे बच्चा ही लगता था उसने लिखकर भेजा – लेकिन मैं मना करुँगी क्योकि मुझे बहुत काम करना है
“बाकि काम कल कर लेना ना , ऐसे तो आप बीमार हो जाओगी”
– मुझे देर रात तक जागने की आदत है
“ऐसा क्यों ?”
– बस ऐसे ही मुझे नींद नहीं आती और आती है तो मैं एक हलकी सी आहट से भी उठ जाती हूँ

अवनि का मैसेज पढ़कर पृथ्वी को अजीब लगा और उसने लिखकर भेजा “अच्छा अगर आपकी एक विश पूरी हो तो आप क्या मांगोगी ?”
– तो मैं चाहूंगी कि किसी रात मैं बिस्तर पर लेटू और मुझे तुरंत नींद आ आये , एक ऐसी नींद जिसमे मेरी आँखे सुबह खुले
“बड़ी अजीब विश है , जिस दिन आप अपने दिल को पूरी तरह खाली कर देंगी आपको ऐसी नींद जरूर आएगी”
– हम्म्म !!
“अच्छा जल्दी से विडिओ कॉल करो मुझे आपको कुछ दिखाना है”
– क्या ?
“अरे कॉल करो बताता हूँ”

अवनि ने लेपटॉप से ही पृथ्वी को विडिओ कॉल लगा दिया। पृथ्वी ने बिना देरी किये कॉल अटेंड की तो अवनि की नजर आसमान में चमकते चाँद पर पड़ी। अवनि ने देखा बड़ी बड़ी ऊँची इमारतों से ऊपर आसमान में चाँद चमक रहा है और आस पास कुछ सितारे , अवनि मुस्कुरा उठी और कहा,”तो ये दिखाने के लिए तुमने मुझे फोन करने को कहा , ये चाँद तो मेरे शहर में भी है,,,,,,,,,,!!!”
पृथ्वी ने फ्रंट केमेरा ऑन किया और कहा,”आपके शहर में दो चाँद है एक आसमान में तो दूसरा जमीन पर,,,,,,,,!!”
– वैरी फनी , वैसे मुझे लगा नहीं था तुम्हे ये सब चीजों में भी इंरेस्ट है

“ओह्ह्ह हेलो ! मैं बहुत रोमांटिक इंसान हूँ हाँ वो बात और है मैं थोड़ा सीरियस दिखता हूँ इसलिए लोग मानते नहीं”
अवनि ने सुना तो हसने लगी और कहा – अच्छा ! तो बताओ पूरी दुनिया में तुम्हे सबसे ज्यादा रोमांटिक क्या लगता है ?
“बारिश,,,,,,,,,,बारिश में भीगना मुझे सबसे ज्यादा रोमांटिक लगता है , आप कभी बारिश में भीगी है ?”

बारिश का नाम सुनते ही अवनि को वो पल याद आ गया जब उसने उस रोज बारिश में सिद्धार्थ का हाथ थामकर उसे कहा था “मेरा सपना था अपने लवर के साथ बारिश में भीगने का आज वो पूरा हो गया” और जवाब में जब सिद्धार्थ ने कहा “तुम ऐसे बेकार सपने मत देखा करो , तुम्हारे ऐसे सपनो से दुसरो को प्रॉब्लम होती है”
वो पल याद आते ही अवनि के चेहरे पर एक बार फिर उदासी आ गयी और उसने कहा,”मुझे बारिश पसंद नहीं”
“बारिश नहीं पसंद या बारिश की बुरी यादें”,पृथ्वी ने गंभीरता से कहा

अवनि ने सुना तो पृथ्वी की तरफ देखा उसकी आँखों में नमी उभर आयी लेकिन उसने खुद को मजबूत रखा और कहा,”बारिश ही नहीं पसंद है”

पृथ्वी ने सुना तो मुस्कुराया और कहा,”आसमान में वो चाँद देख रही है आप , उसके आस पास हजारों सितारे है और अगर एक सितारा उस आसमान से कम हो जाये तो चाँद को कोई फर्क नहीं पडेगा , चाँद की चमक हमेशा बरक़रार रहती है”
“हाँ जानती हूँ ! पर कभी कभी एक ग्रहण उस चमक को धुंधला कर देता है”,अवनि ने उदासी भरे स्वर में कहा
“आप तो चाँद की हकदार है , एक सितारे के लिए रोना आपको शोभा नहीं देता”,पृथ्वी ने कहा तो अवनि एकटक उसकी तरफ देखने लगी।

( क्या अवनि से दूर जाकर सिद्धार्थ की जिंदगी में बढ़ने लगी है परेशानिया ? क्या अवनि समझ पाएगी पृथ्वी का प्यार ? क्या अवनि के लिए बढ़ रहा है पृथ्वी का प्यार ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल  

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2 comments

Surbhi kumari November 21, 2025 - 12:02 pm

Thank you ma’am

Reply
Kshmata Chauhan November 21, 2025 - 12:49 pm

Prithvi kitna samjhta hai Avni ko…itne door hone k baad bhi aur Avni bhi yeh sab samjhti hai…ab dekhte hai ki Avni kitne time Tak Prithvi ko apni zindagi m aane se rokti hai ek partner k tor par…quki ek dost k tor par Prithvi phele hee Avni ki zindagi m aa chuka hai… mujhe bas Siddharth ka darr hai, ab uska kaam bigad rha hai to wo Avni ko wapas laane k liye har tarah k hadkande apnayega .. aur Avni ko preshan Karega.. Avni iss baar tumko Siddharth ko solid jawab dena hoga

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अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

अकेली लड़की in जयपुर" को एक कहानी ना कहकर "मेरा अनुभव" कहा जाए तो बेहतर होगा। एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने हुनर और जरूरतों के बीच पिसती नजर आती है। जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए हर बार एक नयी कोशिश करती है बस हार नहीं मानती , अकेलेपन से एकांत का ये सफर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और अंत में आप खुद को अपने सपनो के करीब पाएंगे,,,,,,,,!!

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